असम के गुवाहाटी हाई कोर्ट में एक केस की सुनवाई इसलिए टाल दी गई क्योंकि याचिकाकर्ता के वकील ने जींस की पतलून पहनी हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट परिसर में जींस पहनने पर वकील को कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, ”याचिकाकर्ता के वकील बीके महाजन जींस पहने हुए थे. इसलिए अदालत को उन्हें हाई कोर्ट परिसर से बाहर करने के लिए पुलिस जवान को बुलाना पड़ा.”
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मामला शुक्रवार (27 जनवरी) का है. वकील का पूरा नाम बिजान महाजन (Bijan Mahajan) है. हाई कोर्ट के आदेश में यह भी लिखा गया, ”इस आदेश को माननीय मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ लर्नेड महापंजीयक के संज्ञान में लाया जाए. मामले को असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश की बार काउंसिल के संज्ञान में भी लाया जाए.”
आदेश की कॉपी के मुताबिक, बीके महाजन याचिकाकर्ता ए चौधरी का केस लड़ रहे हैं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, महाजन को कई दफा कोर्ट परिसर में जींस पहने हुए देखा गया लेकिन कल (27 जनवरी) अदालत का ध्यान उन पर गया और उन्हें कोर्ट परिसर से बाहर होना पड़ा.
न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों को उनके लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना होता है. वकीलों का ड्रेस कोड ‘अधिवक्ता अधिनियम 1961’ के तहत आता है, जो बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों से शासित होता है. ड्रेस कोड के तहत वकील को सफेद शर्ट, सफेद नेकबैंड और एक काला कोट पहनना अनिवार्य किया गया है. वहीं, नियम कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अलावा वकील गाउन पहनें या नहीं, यह वैकल्पिक है.





