सतना. मध्य प्रदेश के सतना शहर की पीएम आवास कॉलोनी में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर संकट सामने आया है. यहां की मुख्य जल आपूर्ति पाइपलाइन दूषित नाले के बीच से गुजर रही है, जिससे कॉलोनी ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी गंदा पानी सप्लाई होने का आरोप है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से वे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है. कई बार शिकायत करने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अब मामला सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा है लेकिन लोगों का आरोप है कि अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है.
पीएम आवास कॉलोनी में करीब 1000 परिवार निवास करते हैं और लगभग सभी दूषित पानी की समस्या से परेशान हैं. लोकल 18 से बातचीत में कॉलोनी निवासी रमेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि यहां न केवल पानी गंदा आता है बल्कि सीवर लाइनें भी हमेशा जाम रहती हैं. मजबूरी में लोग अपने खर्च पर सफाई करवाते हैं लेकिन कुछ ही समय में हालात फिर बिगड़ जाते हैं. उन्होंने बताया कि पाइपलाइन नाले में डूबी रहती है और जब पाइप फटता है, तो सप्लाई का पानी नाले का गंदा पानी खींचकर सीधे घरों तक पहुंचा देता है.
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
कॉलोनी की महिलाओं का कहना है कि यहां अक्सर पानी पीले रंग का आता है और आसपास कचरे का अंबार लगा रहता है. एक महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इसी गंदगी के बीच बच्चे खेलते हैं और इसे स्मार्ट सिटी का नाम दिया गया है. दूषित पानी के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अक्सर बीमार पड़ जाते हैं और दवाइयों पर खर्च करना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार इस स्थिति से अवगत कराया गया लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा.
युवा और स्थानीय लोगों की नाराजगी
युवा प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यहां सिर्फ नलों का पानी ही नहीं बल्कि सप्लाई का पूरा सिस्टम दूषित हो चुका है. निखिल सोनी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ पीएम आवास कॉलोनी तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे शहर में जगह-जगह पाइपलाइन फटी हुई है और पानी बर्बाद हो रहा है. परेश दहिया ने कहा कि पानी पीने लायक नहीं रहता, फिर भी लोग मजबूरी में वही पानी पी रहे हैं. कई परिवारों को हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है जबकि हाल ही में टंकी की सफाई भी करवाई गई थी, फिर भी सप्लाई का पानी अभी तक पीने योग्य नहीं हुआ है.
सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला
लगातार अनदेखी से परेशान होकर कॉलोनीवासियों ने अब सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी. वहीं लोकल 18 के माध्यम से लोगों ने मांग की है कि कम से कम इतना साफ पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे बीमारी का खतरा न रहे. निवासियों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं कि कब इस गंभीर समस्या का ठोस समाधान निकलता है.





