भोपाल। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां पर लगभग पूरे प्रदेश की कमान उम्र दराज हो चुके लोगों के हाथों में है। चौंकाने वाला मामला यह है कि प्रदेश में इस समय युवा अफसरों की संख्या महज 420 है। इनकी उम्र 18 से 35 साल के बीच है। प्रदेश में सरकारी कामकाज की हालत यह है कि उसके एक लाख से अधिक कर्मचारी तो अपनी छह दशक की आयु पूरी करने वाले हैं। उम्र के जिस पड़ाव में वे हैं उसमें वे न तो लगातार आठ घंटे काम करने की क्षमता रखते हैं और न ही उनमें दौड़धूप करने की ताकत बची है। ऐसे में अगर भारी भरकम फाइल उठाना पड़ जाए तो फिर मुश्किल खड़ी हो जाती है। इनमें भी लगभग 22 हजार 544 कर्मचारी तो 60 साल की आयु को पार भी कर चुके हैं और वे इस साल सरकारी नौकरी को अलविदा कह जाएंगे।
खास बात यह है कि इसके बाद भी सरकार स्तर पर नए युवा अफसरों के साथ ही कर्मचारियों के पद भरने की कवायद तक नहीं की जा रही है। इसकी वजह से प्रदेश में लगातार सरकारी अमला कम होता जा रहा है। इसका भी असर सरकारी कामकाज पर बुरी तरह से पड़ रहा है। फिलहाल प्रदेश के सरकारी अमले में नियमित कर्मचारियों तथा अधिकारियों की संख्या 5 लाख 54 हजार 991 है। इनमें प्रथम श्रेणी के अधिकारी 8162, द्वितीय श्रेणी के अधिकारी 32 हजार 426, तृतीय श्रेणी वर्ग के कर्मचारी 4 लाख 49 हजार 806 और चतुर्थ श्रेणी वर्ग के कर्मचारियों की संख्या 64 हजार 560 है। इनमें भी अगर वृद्ध अफसरों व कर्मचारियों की बात की जाए तो उनमें 51 से 55 साल के 87 हजार 56 सर्वाधिक संख्या है।
भर्तियों का यह है हाल
मप्र में हालात यह है कि बीते साढ़े तीन दशक से तो जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर कोई भी भर्ती ही नहीं की गई है। यही नहीं जब सरकार पर भारी दबाब बना तो एक दशक बाद मंत्रालय में बीते साल कुछ पदों पर भर्तियां की गई थी। दरअसल सरकार ने अब नया तरीका खोज लिया है। यह तरीका है आउट सोर्स का। इस वजह से प्रदेश में लगातार कर्मचारियों की संख्या में कमी आती जा रही है।
नहीं भरे बैकलॉग के पद
प्रदेश में हालत यह है कि बीते कई सालों से बैकलॉग के करीब 19 हजार पद रिक्त पड़े हुए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि वह इन पदों को भरने के लिए बीते दो दशक से लगातार विशेष भर्ती अभियान चला रही है। प्रदेश में खाली पदों की हालत इससे ही समझी जा सकती है कि शिक्षकों के 40 हजार, पुलिसकर्मियों के 18 हजार पटवारी राजस्व निरीक्षक सहित अन्य विभागों में 80 हजार पद रिक्त चल रहे हैं।
देना पड़ रहा है उच्च पद का प्रभार
सरकारी अफसरों व कर्मचारियों की लगातार कई सालों से भर्ती न होने की वजह से हालात यह बन चुके हैं कि अब अधीनस्थ पदों के कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार देकर काम चलाना पड़ रहा है। कई विभाग तो ऐसे हैं, जिनमें अफसरों से लेकर निचले स्तर तक के कर्मचारी ही नाम के लिए बचे हैं। ऐसे में अधिकांश काम आउट सोर्स के कर्मचारियों के भरोसे चलाना पड़ रहा है।
किस आयु वर्ग के कितने कर्मचारी
आयु वर्ग संख्या 41 से 45 80958
18 से 21 3504 46 से 50 82041
22 से 25 20054 51 से 55 87056
26 से 30 47404 56 से 60 75592
31 से 35 64171 60 से अधिक आयु 22544
36 से 40 71667 कुल नियमित 5,54991




