अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

हमलावर हुए लालू:राजद प्रमुख का सवाल- पिछड़ों की गिनती क्यों नहीं, इनकी असली आबादी से किसको डर है

Share

पटना

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जनगणना में पिछड़ों और अति पिछड़ों की गिनती नहीं किए जाने पर फिर सवाल उठाया है। उन्होंने मंगलवार रात 2019 के ट्वीट को री-ट्वीट किया है। कहा कि केंद्र सरकार जनगणना में कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, सियार-सूअर सब की गिनती करती है तो पिछड़े और अति पिछड़ों की गिनती करने में क्या परेशानी है?

उन्होंने पूछा है कि जनगणना में एक अलग जाति का कॉलम जोड़ने में क्या दिक्कत है? क्या जातिगत जनगणना करेंगे तो 10 फीसदी की 90 प्रतिशत पर हुकूमत की पोल खुल जाएगी? वहीं, BJP ने लालू के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि लालू जातीय उन्माद फैलाना चाहते हैं।

लालू ने कहा कि NPR (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर), NRC (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) और 2021 की भारतीय जनगणना पर लाखों करोड़ खर्च होंगे। सुना है NPR में कई अलग-अलग कॉलम जोड़ रहे हैं, लेकिन इसमें जातिगत जनगणना का एक कॉलम और जोड़ने में क्या दिक्कत है? क्या 5,000 से अधिक जातियों वाले 60 प्रतिशत अनगिनत पिछड़े-अति पिछड़े हिंदी नहीं हैं, जो आप उनकी गणना नहीं चाहते?

पिछड़ों को 36 फीसदी रिजर्वेशन मिलना चाहिए
राजद के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार मणि ने कहा है कि 1931 के बाद से देश में जातीय जनगणना नहीं हुई है। गृह विभाग ने इस आधार पर जनगणना कराई भी, लेकिन उसे बहुत विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। इसलिए जातीय जनगणना जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह जरूरी है, क्योंकि जाति के आधार पर कई बड़े निर्णय लिए जाते हैं।

प्रेम कुमार मणि ने कहा कि सामान्य वर्ग को दो-तिहाई रिजर्वेशन मिल रहा है, इस हिसाब से पिछड़ों को 27 फीसदी के बजाय 36 फीसदी रिजर्वेशन मिलना चाहिए, लेकिन लोग इसे नहीं समझ रहे। इसलिए जरूरी है कि जातीय जनगणना हो। इसी से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

लालू को खुद मौका मिला तो कराया नहीं, अब उन्माद फैला रहे हैं
BJP के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जनगणना निदेशालय एक स्वतंत्र निकाय है। सरकार ने कहा है कि जातीय जनगणना हो, लेकिन यह निदेशालय को तय करना है। लोगों को यह समझना चाहिए कि सरकार आर्थिक आधार पर कई योजनाओं का लाभ दे रही है। ऐसी 70-75 तरह की योजनाएं हैं, जिनका लाभ हर जाति के गरीबों को मिल रहा है। इसमें ज्यादातर पिछड़ी-अति पिछड़ी जातियां ही योजना का लाभ उठा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद को जब मौका मिला तो उन्होंने जातीय जनगणना नहीं कराई, बल्कि उनकी सरकार में सबसे ज्यादा अति पिछड़े, दलित प्रताड़ित हुए। अब वे जातीय उन्माद फैलाना चाहते हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें