बिहार में ‘ऑल सेट’ हो गया। अगर ‘बहुत बड़ा’ कुछ नहीं होता है तो नीतीश कुमार रविवार को 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले वो देर शाम राजभवन जाकर इस्तीफा देंगे। इस्तीफे से पहले बीजेपी का समर्थन पत्र, अपने विधायकों के समर्थन वाले लेटर और हम के समर्थन पत्र को लेकर राजभवन जाएंगे। राज्यपाल को समर्थन वाली तीनों चिट्ठियों को सौंपेंगे, फिर रविवार को शपथ लेंगे।
पटना: नीतीश कुमार ने सीएम आवास पर जेडीयू विधायकों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इसमें विधायकों को बताया जाएगा कि अब वो बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने जा रहे हैं। इसके बाद समर्थन पत्र पर विधायकों के दस्तखत कराए जाएंगे। वैसे, ये महज औपचारिकता है। वहीं, बीजेपी खेमे में कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के अलावा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और स्टेट बीजेपी के सीनियर नेता मौजूद रहे। इसके बाद विधायकों की बैठक है। जिसमें समर्थन पत्र पर साइन कराया जाएगा। फिर सीएम आवास पर ये चिट्ठी लेकर बीजेपी नेता जाएंगे। इसके बाद ‘सत्ता परिवर्तन का काफिला’ राजभवन की ओर कूच कर जाएगा। अगर सबकुछ ऐसा ही हुआ तो नीतीश कुमार नौवीं बार शपथ की तैयारी में जुट जाएंगे।
कहा जा रहा है कि जेडीयू विधायकों की बैठक के बाद आज ही देर शाम नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलेंगे और इस्तीफा दे देंगे। खबर ये भी है कि नीतीश कुमार कल यानी रविवार को बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार के सीएम पद के लिए शपथ लेने वाले हैं।इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के रविवार को पटना पहुंचने की संभावना है। बताया जा रहा है कि रविवार को ही सीएम नीतीश कुमार 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
इस बीच, बीजेपी ने बिहार के अपने सहयोगियों को नीतीश के लिए तैयार कर लिया है। मांझी ने तो पहले ही हामी भर दी थी। अमित शाह ने चिराग पासवान को मना लिया। उपेंद्र कुशवाहा को भी बीजेपी ने तैयार कर लिया है।
कुल मिलाकर कहें तो एनडीए में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। नीतीश कुमार की ताजपोशी के लिए पूरी फिल्डिंग सज चुकी है। अब सिर्फ नीतीश कुमार को उस चिट्ठी का इंतजार है, जिसका वो बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
विपक्षी खेमे में फंस गई कांग्रेस
विपक्षी खेमे में आरजेडी खासकर लालू-तेजस्वी के लिए अच्छी खबर ये है कि उनके विधायक इनटैक्ट हैं। वैसे, पार्टी की ओर से लालू यादव को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है। हालांकि, आरजेडी नेताओं को अब भी नीतीश से उम्मीद हैं।मगर, कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है। पूर्णिया में पार्टी ने विधायकों की बैठक बुलाई थी। जिसमें आधे विधायक नहीं पहुंचे। इसका नतीजा रहा कि मीटिंग को ही टालना पड़ा। वैसे, कहा तो ये भी जा रहा है कि कांग्रेस के विधायक जेडीयू के संपर्क में हैं। अगर, ऐसा होता है तो राहुल गांधी के बिहार एंट्री से पहले ही पार्टी टूट जाएगी।





