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*पाकिस्तान की आतंकवाद इंडस्ट्री की रीढ़ की हड्डी पंजाब पर वार से मुनीर सेना का अभिमान चकनाचूर*

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पाकिस्तान की सेना ने पिछले कई दशकों से मेहनत कर पंजाब प्रांत को आतंकवादियों के लिए सेफ जोन बनाया था। पाकिस्तान की आतंकवाद इंडस्ट्री की रीढ़ की हड्डी पंजाब में ही है। लश्कर, जैश समेत कई आतंकी संगठनों की नर्सरी पंजाब में ही है, जिसपर भारत ने हमला किया है।

पंजाब प्रांत से ही पाकिस्तान चलता है। पंबाज प्रांत ही तय करता है कि पाकिस्तान क्या खाएगा, क्या पीएगा, उसकी विदेश नीति क्या होगी, किस प्रांत के पास कितने अधिकार होंगे… सब कुछ। पंजाब ही पाकिस्तान है और पाकिस्तान, पंजाब ही है, जिसपर भारत ने इसबार हमला किया है, ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य जवाब नहीं था, बल्कि रणनीतिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक ऐलान था। पंजाब में हमला कर भारत ने पाकिस्तान को संदेश दिया है कि पंजाब प्रांत में की गई एयरस्ट्राइक सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई कूटनीतिक सोच की घोषणा है, जिसका मतलब सिर्फ कुछ आतंकी ठिकानों या कैंप्स को खत्म करना नहीं, बल्कि बल्कि पूरे तंत्र को मटियामेट करना और जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान की सेना को भी मिट्टी में मिला देने की क्षमता का संदेश देना है।

पंजाब प्रांत को पाकिस्तान की सेना और उसकी कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI का मदरबेस माना जाता है। जबकि मुरीदके, गुजरांवाला और शेखूपुरा बेल्ट सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों का गढ़ नहीं, बल्कि पाकिस्तान की ‘स्ट्रैटेजिक डेप्थ’ की पहली दीवार है, जिसे भारत ने तहस-नहस कर दिया है। भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना के मुंह पर तमाचा मारा है। कि वो अपने गढ़ में भी आतंकियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बचा नहीं सकी।

ऑपरेशन सिंदूर… भारत का जियो-पॉलिटिकल संदेश
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान के दशकों से बनाए गये ‘विक्टिम नैरेटिव’ को इंटरनेशनल कम्युनिटी के सामने चकनाचूर कर दिया है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और यहां तक कि अरब देशों ने भी पाकिस्तान को समर्थन नहीं दिया। तुर्की को छोड़कर किसी ने ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना भी नहीं की। चीन का बयान भी संतुलित रहा और ये भारत की बहुत बड़ी डिप्लोमेटिक जीत है। इसने पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अकेला कर दिया है और पाकिस्तान के इस नैरेटिव को कोई भाव नहीं मिल रहा कि भारत ने इंटरनेशनल सीमा को पार कर, पाकिस्तान के अंदर में घुसकर एक दो नहीं, बल्कि 9-9 ठिकानों पर जोरदार हमले किए। इस बात पर खास ध्यान दीजिए कि दुनिया के देश शांति की अपील कर रहे हैं, युद्ध रोकने की अपील कर रहे हैं, लेकिन भारत के हमले पर या तो चुप हैं या उसे ‘आत्मरक्षा का अधिकार’ बता रहे हैं।

दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके अब्दुल बासित भी मानते हैं कि पंजाब में हमला पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा है कि “अगर उसके (मसूद अजहर के) परिवार के सदस्य इन हमलों में मारे गए हैं, तो यह जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को खत्म करने के पाकिस्तानी वादे के लिए एक झटका होगा। एक बार फिर जिहादी प्रॉक्सी को समर्थन देने की चिंताएं पैदा होंगी, जिसके संभावित परिणाम FATF की ग्रे-लिस्ट को फिर से लागू करना होगा।”

जियो स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट सौरव झा ने नवभारत टाइम्स से बात करते हुए कहा कि “पाकिस्तान सेना मनोबल के लिए, खासकर जवानों के मनोबल पर काफी गहरा असर होगा। क्योंकि जवान जो हैं वो आम नागरिकों से ज्यादा जुड़े रहते हैं। भारत ने उनके एयर डिफेंस को फेल करते हुए आतंकी टारगेट्स पर हमला करके उनके मनोबल को तोड़ दिया। इसीलिए आतंकियों के जनाजे में इतने अफसर पहुंचे हैं, क्योंकि वो दिखाना चाहते हैं कि हम आपके साथ हैं। इसका मतलब है कि पाकिस्तानी फौज को कुछ करना ही पड़ेगा। अगर वो जिहादी तत्व की सुरक्षा नहीं कर पाए तो फिर वो किस काम के हैं।”

पंजाब में हमला… यानि स्ट्रैटेजिक डीप-हिट
पाकिस्तान की सेना ने पिछले कई दशकों से मेहनत कर पंजाब प्रांत को आतंकवादियों के लिए सेफ जोन बनाया था। पाकिस्तान की आतंकवाद इंडस्ट्री की रीढ़ की हड्डी पंजाब में ही है। लश्कर, जैश समेत कई आतंकी संगठनों की नर्सरी पंजाब में ही है, जिसपर ISI निगरानी रखती है। मुरीदके से लेकर बहावलपुर तक आतंकी नेटवर्क फैला हुआ है, जिसे पंजाब से कंट्रोल किया जाता है। भारत ने जब इन्हीं कैंपों को अपने सटीक PGM यानि Precision Guided Munitions से तबाह किया तो यह साफ कर दिया कि अब भारत अब निश्चित सीमा रेखा में नहीं बंधा रहेगा। यानि भारत ने पाक फौज को संदेश दिया है कि तुम अपने सबसे सुरक्षित बेस में भी महफूज नहीं हो, हम तुम्हें जब चाहें, तब ठोक सकते हैं।

सौरव झा ने कहा कि “पाकिस्तानी सेना देश को संभाल नहीं पा रहा है। इमरान खान के समर्थक पहले ही उनके खिलाफ है। वो भारत को दुश्मन दिखाकर देश को अपने पीछे ले जाना चाहती है।” वहीं मिसाइल और ड्रोन को ट्रैक करने में पाकिस्तान की नाकामी को लेकर उन्होंने कहा कि, “ड्रोन को पकड़ने के लिए दूसरे किस्म के डिफेंस सिस्टम की जरूरत होती है। उनके पास जो डिफेंस सिस्टम है वो बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को पकड़ने के लिए हैं। लेकिन इन मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट करने में वो नाकाम रहे हैं। चीन से जो डिफेंस सिस्टम उन्होंने मंगवाए हैं, वो भी नाकाम रहे हैं। ब्रह्नोस को तो वो रोक ही नहीं सकते हैं। छोटे ड्रोन को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम नहीं है, क्योंकि वो काफी कम गति से चलते हैं। अब अगर पाकिस्तान कोई कार्रवाई करता है तो अब भारत उनके मिलिट्री ठिकानों पर हमला करेगा।”

पाकिस्तान का दिल पंजाब है और पाकिस्तानी फौज में 70 प्रतिशत से ज्यादा पंजाबी हैं। भारत ने उस पंजाब में हमला कर पाकिस्तान की जनता को संदेश दिया है कि पाकिस्तान की सेना, जो फेंकने में दुनिया में सबसे आगे है, वो उसकी सुरक्षा नहीं कर सकती है। वो सिर्फ सोशल मीडिया पर और पाकिस्तान के भोंपू न्यूज चैनलों पर नैरेटिव तैयार कर जनता को कनफ्यूज कर सकती है। ऑपरेशन सिंदूर से ISI के आत्मविश्वास को पहली बार भारत ने तोड़ दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि स्ट्रैटजिक पैशंस का दौर पर खत्म हो चुका है। भारत के इस ऑपरेशन ने पाकिस्तानियों को सबसे ज्यादा इस बात से डराया है कि भारत का इंटेलिजेंस-बेस्ड, टारगेटेड और लॉन्ग-रेंज सर्जिकल ऑपरेशन पूरे पाकिस्तान में कहीं भी हमला करने में सक्षम है। भारतीय राफेल, Su-30MKI की मिसाइलों ने पाकिस्तान के रडार नेटवर्क को फेल कर दिया है और 100 फीसदी सटीकता के साथ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया है। इसने पाकिस्तान की चीनी रडार सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।

ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं, बल्कि चीन और अमेरिका को भी संदेश दिया है कि भारत अब सिर्फ रिएक्टिव पावर नहीं रहा, बल्कि भारत अब डिटरेंस और प्रोजेक्शन की भाषा में जवाब देने वाला देश बन चुका है। चीन, जो कहीं ना कहीं पाकिस्तान के कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहता है, उसके तेवर ढीले हैं और उसके बयान का लहजा नरम है। अमेरिका को भारत ने इस बार साफ साफ शब्दों में संदेश दिया है कि इंडो-पैसिफिक में अगर इसे चीन को काउंटर करना है तो अब भारत के साथ खड़ा होना होगा। अमेरिका की अभी तक प्रतिक्रिया से यही लगता है कि वो भारत की ‘स्वतंत्र प्रतिक्रिया’ देने की नीति के साथ खड़ा है। लिहाजा ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई सैन्य नीति का उद्घोष है। आतंकियों के आकाओं को चेतावनी है कि अब बस बहुत हो चुका है। पाकिस्तान के पंजाब पर हमला उस मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है जिसमें भारत विजेता बनकर उभरा है।

Ramswaroop Mantri

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