तूफान तो बहुत देखे होंगे लेकिन कुछ तूफान ऐसे भी होते हैं जो मौसम विभाग के भी पसीनो छुड़ा देते हैं. कुछ ऐसा ही हाल अटलांटिक महासागर में वहां के मौसम विभाग का नजर आ रहा है. दरअसल, अटलांटिक महासागर में उठे तूफान ‘एरिन’ ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि मौसम वैज्ञानिक भी चौंक गए. महज 24 घंटे के भीतर यह तूफान कैटेगरी-1 से सीधे कैटेगरी-5 में बदल गया. शुक्रवार सुबह जहां इसकी रफ्तार 75 मील प्रति घंटा थी, वहीं शनिवार तक यह 160 मील प्रति घंटा (लगभग 260 किमी/घंटा) की गति पकड़कर रिकॉर्डबुक में दर्ज हो गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेजी से ताकतवर बनने वाले तूफानों की घटनाएं अब जलवायु परिवर्तन और बढ़ते समुद्री तापमान की वजह से ज्यादा दिखाई दे रही हैं.
24 घंटे में रेपिड इंटेंसिफिकेशन
मौसम विज्ञान में इसे रेपिड इंटेंसिफिकेशन कहा जाता है यानी जब कोई चक्रवात 24 घंटे में अपनी रफ्तार कम से कम 35 मील प्रति घंटा बढ़ा ले. एरिन ने यह सीमा कहीं पीछे छोड़ दी. यह घटना अगस्त मध्य में हुई, जबकि सामान्यतः इतनी तेजी से ताकतवर तूफान सितंबर-अक्टूबर में देखे जाते हैं. यही वजह है कि एरिन को मौसमी पैटर्न से अलग और जलवायु संकट की नई तस्वीर माना जा रहा है. एरिन अटलांटिक में दर्ज सिर्फ 43 कैटेगरी-5 तूफानों में से एक है. खास बात यह है कि साल 2016 के बाद से अब तक 11 कैटेगरी-5 तूफान बन चुके हैं, जो असामान्य रूप से अधिक है.

तूफान से भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
साल 2025 का सीजन लगातार चौथा है जब कैटेगरी-5 तूफान सामने आया है. इससे पहले 2024 में बेरेल और मिल्टन नामक तूफानों ने ऐसी ही ताकत दिखाई थी. फिलहाल एरिन का रुख ऐसा है कि यह प्यूर्टो रिको और कैरेबियन द्वीपों को सीधा नुकसान नहीं पहुंचाएगा. यह उत्तर की ओर बढ़ते हुए अमेरिका के पूर्वी तट और बरमूडा के बीच खुले अटलांटिक में निकल जाएगा. हालांकि, इसके बाहरी हिस्सों से भारी बारिश और बाढ़ की आशंका बनी हुई है. उत्तरी प्यूर्टो रिको में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई है.




