अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

कर्तव्य पथ में लोकमाता अहिल्या बाई की गौरव गाथा

Share

 गणतंत्र दिवस 2026 नई दिल्ली के ‘कर्तव्य पथ’ पर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. इस वर्ष मध्यप्रदेश की झांकी “पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर” के व्यक्तित्व और उनके महान कृतित्व पर केंद्रित होगी. यह वर्ष लोकमाता की 300वीं जयंती का है, जिसे प्रदेश सरकार झांकी के माध्यम से पूरे विश्व के सामने गर्व के साथ प्रस्तुत कर रही है. इस बार यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की गरिमामयी उपस्थिति में निकलने वाली इस परेड में कुल 30 झांकियाँ शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी रहेगी. 

इस साल ये है थीम

रक्षा मंत्रालय द्वारा इस वर्ष “स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे-मातरम” तथा “समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत” की विशेष थीम निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती और उनके अद्वितीय आध्यात्मिक व प्रशासनिक योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी.

ऐसा है झांकी का स्वरूप, दिखेगा आध्यात्म और विकास का संगम

झांकी के अग्र भाग में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की वह चिर-परिचित वात्सल्यमयी प्रतिमा प्रदर्शित की जायेगी, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए हुए है. यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता और अदम्य आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है. झांकी के मध्य भाग में उन्हें अश्व पर सवार एक कुशल प्रशासक और वीरांगना के रूप में दिखाया जायेगा. झांकी के पिछले हिस्से में मां नर्मदा के तट पर स्थित ऐतिहासिक महेश्वर घाट, मंदिर और किले की भव्यता को उकेरा जायेगा.

इसके साथ ही, लोकमाता द्वारा देश के विभिन्न कोनों में कराए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार, जैसे— वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, सोमनाथ और जगन्नाथपुरी आदि को भी पैनल के माध्यम से दर्शाया जायेगा. झांकी का एक विशेष आकर्षण विश्व प्रसिद्ध ‘महेश्वरी साड़ी’ का निर्माण करती महिलाएं रहेंगी, जो प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.

झांकी के साथ चलते लोक कलाकार अपनी लोक धुनों से समां बांधेंगे.

ऐसे बना सकते हैं MP की झांकी को सर्वश्रेष्ठ

मध्यप्रदेश की इस गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा ‘पीपुल्स च्वाइस अवार्ड’ के अंतर्गत ऑनलाइन वोटिंग का आयोजन किया जा रहा है. सभी प्रदेशवासी MyGov पोर्टल के लिंक https://www.mygov.in/node/357048/ पर जाकर राज्यों की सूची में ‘Madhya Pradesh’ का चयन कर अपना बहुमूल्य मत दे सकते है. वोटिंग की समय-सीमा 26 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है.

कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश की झांकी में दिखेगी आत्मनिर्भर नारी की झलक

 इस वर्ष मध्यप्रदेश झांकी की थीम “विकास का मूल मंत्र – आत्मनिर्भर नारी” है. झांकी मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नारी शक्ति पर केन्द्रित है. हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नारी आर्थ‍िक आत्मनिर्भरता हासिल कर रही है. आज प्रदेश की बेटियां खेत-खलिहान से लेकर विमान उड़ाने में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहीं हैं.

इस साल 26 जनवरी 2024 को देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं. नई दिल्ली के कर्तव्य पथपिछले कई दिनों से घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बीच गणतंंत्र दिवस परेड की रिहर्सल की जा रही है. कर्तव्य पथ विभिन्न टुकड़ियों द्वारा की जा रही फुल ड्रेस परेड रिहर्सल के दृश्य सुबह-सुबह देखे जा सकते हैं. गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड के साथ ही साथ सबसे विभिन्न राज्यों की झांकी का दर्शन भी होता है. आजादी के अमृत महोत्सवऔर अमृतकाल आजादी के में ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की…’ गाना काफी प्रासांगिक हो जाता है. कर्तव्य पथ पर निकलने वाली राज्यों की झांकियों में मध्यप्रदेश की झांकी का चयन किया गया है. आइए जानते हैं इस बार मध्य प्रदेश की झांकी किस विषय पर होगी और इसमें क्या-क्या देखने को मिलेगा?

“विकास का मूल मंत्र – आत्मनिर्भर नारी”

26 जनवरी 2024 को देश की राजधानी नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राज्यों की सांस्कृतिक वैभव और विकास को दर्शाने वाली झांकियों में मध्यप्रदेश की झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र होगी. इस वर्ष मध्यप्रदेश झांकी की थीम “विकास का मूल मंत्र – आत्मनिर्भर नारी” है. झांकी मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नारी शक्ति पर केन्द्रित है. हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नारी आर्थ‍िक आत्मनिर्भरता हासिल कर रही है. आज प्रदेश की बेटियां खेत-खलिहान से लेकर विमान उड़ाने में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहीं हैं.

गणतंत्र दिवस की भव्य झांकी में मध्यप्रदेश की आत्मनिर्भर हो रही नारी की प्रतिभा और आत्मविश्वास के दर्शन होंगे. झांकी के अग्रभाग में भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट और प्रदेश की बेटी अवनी चतुर्वेदी लड़ाकू विमान के प्रतिरूप के साथ दिखेंगी.

इसके बाद स्व-सहायता समूह की एक महिला कलाकार मटके पर चित्रकारी करते नजर आयेंगी. द्वितीय मध्य भाग में बादल महल गेट चंदेरी की प्रतिकृति होगी एवं विश्व विख्यात चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट साड़ियों को तैयार करने वाली बुनकर महिलाएं साड़ियों के एक प्रतीकात्मक प्रदर्शनी काउंटर के साथ विक्रय के लिए खड़ी दिखाई देंगी.

झांकी के अंतिम भाग में बेहतर पोषण युक्त आहार श्री-अन्न यानि मोटे अनाज (मिलेटस) उत्पादन को प्रोत्साहन की प्रेरणा देती भारत के मिलेट मिशन की ब्रांड एम्बेसेडर और मिलेट क्वीन ऑफ इंडिया के रूप में ख्याति प्राप्त मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले की लहरी बाई दिखाई देंगी. 

180 डिग्री एंगल पर घूमेगी प्रतिमा

लहरी बाई के हाथ में विक्रय के लिये मिलेट्स का एक पैकेट दिखाई देगा. इस प्रकार मोटे अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाया गया है. यह प्रतिमा 180 डिग्री एंगल पर घूमती दिखाई देगी. इसके आसपास बांस की बनी विभिन्न टोकरियों में प्रदेश में पैदा होने वाला विभिन्न प्रकार का मोटा अनाज प्रदर्शित किया जायेगा. झांकी के निचले और बाहरी हिस्से में स्टोन कार्विंग से निर्मित शिल्प एवं प्रदेश की समृद्ध गोंड जनजातीय की महिला कलाकार चित्रकारी करती दिखाई देंगी. अंतिम भाग में मोटे अनाज से निर्मित महिलाओं के भि‍त्ति चित्र को दर्शाया जायेगा.

मालवा के लोकगीत की धुन

झांकी के आसपास प्रदेश के स्थानीय अंचल मालवा के लोकगीत की धुन पर मटकी लोक-नृत्य करती महिलाएं साथ चलती दिखाई देंगी, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रही है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें