इंदौर। स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. द्वारा आयोजित छः दिवसीय अमृतसर यात्रा में मध्यप्रदेश के मीडियाकर्मियों ने आध्यात्मिक विरासत, देशभक्ति, और पंजाब की संस्कृति की त्रिवेणी का आनंद लिया। मीडियाकर्मियों के दल ने स्वर्ण मंदिर, अटारी बॉर्डर और राधा स्वामी सत्संग ब्यास की भव्यता को निहारा। इस यात्रा में इंदौर, भोपाल, देवास, मनावर और शाजापुर के 115 से अधिक मीडियाकर्मी अपने परिवारजनों सहित शामिल हुए।
यात्रा के पहले दिन स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. का दल अमृतसर से 40 किलोमीटर दूर स्थित भारत–पाक सीमा अटारी बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट परेड का साक्षी बना। यह परेड भारत-पाकिस्तान सीमा की सबसे प्रसिद्ध और रोमांचक सैन्य परंपरा है। सूर्यास्त से ठीक पहले भारत के सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उच्च स्तरीय अनुशासन, जोश और सटीकता के साथ परेड की। जवानों की बुलंद आवाज़, ऊँची किक, तेज मार्च, आक्रामक मुद्राएँ और राष्ट्रभक्ति के नारों ने दर्शकों में जोश भर दिया। इस अवसर पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. ने परेड कमांडर को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
यात्रा के दूसरे दिन दल ने राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास का दौरा किया। डेरा ब्यास के वर्तमान प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो 1990 से इस पद पर हैं। उनके उत्तराधिकारी के रूप में जसदीप सिंह गिल को नियुक्त किया गया है। डेरा ब्यास नदी के किनारे स्थित दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठनों में से एक है। इसकी शाखाएं दुनिया के 90 से अधिक देशों में हैं। डेरा ब्यास एक बड़े आत्मनिर्भर नगर जैसा है। सत्संग के समय यहां 2 से 7 लाख श्रद्धालु आते हैं। मुख्य सत्संग हॉल 5 लाख लोगों की क्षमता वाला है जिसकी विशाल छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। डेरा ब्यास में 300 बेड वाले अस्पताल के अलावा रोजाना मुफ्त लंगर, शिक्षा और अन्य सेवा कार्य चलते हैं जो स्वयंसेवकों द्वारा निःशुल्क किए जाते हैं। डेरा ब्यास में सभी किसी भी जाति-धर्म के अमीर-गरीब श्रद्धालु एक साथ बैठते हैं। इस अवसर पर ब्यास के सचिव सेवानिवृत्त आईएएस देवेन्द्र कुमार सिकरी को स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
यात्रा के तीसरे दिन स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के दल ने सिख धर्म के सबसे पवित्र श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए। यह गुरुद्वारा अमृतसर शहर का हृदय है, जहाँ पूरा शहर इसी के इर्द-गिर्द बसा हुआ है। इसका नाम ‘स्वर्ण मंदिर’ इसलिए पड़ा क्योंकि इसका ऊपरी हिस्सा शुद्ध सोने की परतों से मढ़ा हुआ है, जो दूर से चमकदार सुनहरा दिखाई देता है।
इसकी नींव सिखों के पाँचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी ने रखी थी। 1577 में चौथे गुरु गुरु राम दास जी ने अमृत सरोवर (अमृत का तालाब) खुदवाया, जिसके बीच में यह गुरुद्वारा स्थित है। 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने इसे पुनर्निर्मित करवाया और लगभग 750 किलोग्राम शुद्ध सोने से मढ़वाया, जिससे यह ‘स्वर्ण मंदिर’ कहलाया। यहाँ का लंगर विश्व प्रसिद्ध है, जहाँ प्रतिदिन लाखों लोगों को मुफ्त भोजन परोसा जाता है। इस अवसर पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के मैनेजर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समिति ने भी क्लब के वरिष्ठ पत्रकारों को पुस्तक देकर सम्मानित किया।
मीडियाकर्मियों के दल ने ऐतिहासिक जलियांवाला बाग का भी दौरा किया। बैसाखी के दिन यहां सैकड़ों भारतीयों को मौत के घाट उतार दिया गया था। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का टर्निंग पॉइंट बनी थी। जिसके बाद गांधीजी ने अंग्रेजो के खिलाफ असहयोग आंदोलन को गति प्रदान की थी। दल ने यहां राष्ट्रीय स्मारक और संग्रहालय, बुलेट के निशान वाली दीवारें, कुएँ और शहीदों की याद में ‘फ्लेम ऑफ़ लिबर्टी’ का अवलोकन किया। यह स्थान आज भी बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है।
दल ने यात्रा के अंतिम दिन पंजाब की ग्रामीण जीवनशैली, परंपराओं और संस्कृति के जीवंत संग्रहालय साड्डा पिंड का दौरा किया। 12 एकड़ में फैले साड्डा पिंड में आने पर पुराने पंजाब का असली अहसास होता है। यहां मिटटी से बने घर, संकरी गलियां, लकड़ी के नक्काशीदार दरवाजे, हाथ से बनी चित्रकारी और हरे-भरे खेत नज़र आते हैं। दल ने यहां भांगड़ा-गिद्दा, गटका, लोक नृत्य, कठपुतली शो, जादूगर प्रदर्शन और माउंट का कुआं जैसी मनोरंजक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। दल ने खाने में मक्की दी रोटी, सरसों दा साग, बाजरे की खिचड़ी, अमृतसरी कुलचे, लस्सी और मीठे व्यंजन का लुत्फ़ भी लिया।
इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के स्वतंत्रता सेनानियों ने आज़ादी की लड़ाई से लेकर हर राष्ट्रीय संकट में अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर देश के प्रति अपनी निडरता और बलिदान का परिचय दिया है। श्री सिसोदिया ने मीडियाकर्मियों के लिए पारिवारिक यात्रा आयोजित करने पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. को बधाई दी। श्री सिसोदिया ने स्थानीय विधायक, कुलपति, अमृतसर कलेक्टर एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया। दल में शामिल सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।





