अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

अजमेर में ख्वाजा साहब के उर्स को लेकर असमंजस की स्थिति

Share

29 जनवरी को झंडे की रस्म के साथ ही उर्स का आगाज हो जाएगा।  ऐसे में 30 जनवरी को वीकेंड कर्फ्यू का क्या होगा?
ट्रेन और बसों के चलते देशभर से जायरीन को अजमेर आने से रोकना मुश्किल

एस पी मित्तल, अजमेर

कोरोना संक्रमण को देखते हुए राजस्थान में वीकेंड कर्फ्यू लगा हुआ है। रोजाना रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू जैसी अनेक पाबंदियां भी लगी हुई है। इतनी पाबंदियों के बीच ही अजमेर में ख्वाजा साहब का सालाना उर्स भरने जा रहा है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से 6 दिवसीय उर्स की शुरुआत चांद दिखने पर दो फरवरी से होगी, लेकिन उर्स का आगाज 29 जनवरी से झंडे की रस्म के साथ हो जाएगा। उर्स में भाग लेने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं। लेकिन अभी तक भी राज्य सरकार ने उर्स को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन से लेकर दरगाह के खादिम तक चिंतित हैं। जिला कलेक्टर अंशदीप ने 25 जनवरी को ही दरगाह का दौरा कर उर्स के बारे में जानकारी ली है। खादिमों की प्रतिनिधि संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह ने एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर उर्स की रस्मों और सरकारी पाबंदियों के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन इस पत्र का भी कोई जवाब नहीं आया है। अंगारा शाह ने कहा कि जब ट्रेनों और बसों का संचालन हो रहा है, तब जायरीन को उर्स में अजमेर आने से नहीं रोका जा सकता है। जब बड़ी संख्या में जायरीन अजमेर आ जाएंगे, तब पाबंदियों की पालना मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को ख्वाजा साहब के उर्स की गंभीरता को समझना चाहिए। उर्स की रस्मों से जायरीन की धार्मिक भावनाएं जुड़ी होती है। ऐसे में अजमेर आने के बाद जायरीन दरगाह आने से नहीं रोका जा सकता। उर्स की अधिकांश रस्में रात को ही होती है। महफिल खाने में धार्मिक कव्वालियों से लेकर पवित्र मजार पर गुस्ल की रस्म रात की ही है। उर्स की अवधि ही जन्नती दरवाजा खोला जाता है। उर्स में आने वाला हर जायरीन जन्नती दरवाजे से गुजरता है। झंडे की रस्म के अगले दिन ही रविवार है और चांद दिखने पर जब 2 फरवरी से 6 दिवसीय उर्स शुरू होगा, तब 6 फरवरी को भी रविवार है। ऐसे में वीकेंड कर्फ्यू से भारी परेशानी होगी। अंगारा शाह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह किया है कि अजमेर में वीकेंड कर्फ्यू समाप्त कर रात की पाबंदियों को भी हटाया जाए। इस मामले में सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। 29 जनवरी को झंडे की रस्म में भी बड़ी संख्या में जायरीन और खादिम समुदाय के लोग दरगाह के अंदर उपस्थित रहेंगे। छोटे-बड़े कारोबारी भी उर्स का इंतजार करते हैं। उर्स से हजारों लोगों का रोजगार भी जुड़ा है।  

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें