क्रिकेट के प्रति दीवानगी के लिए मशहूर इंदौर शहर एक बार फिर बड़े मुकाबले के लिए तैयार है। महिला क्रिकेट विश्व कप के तहत कल, रविवार 19 अक्टूबर को, भारत और इंग्लैंड की टीमें होलकर स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। कल दोपहर 3 बजे से इंदौर के होलकर स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए करो या मरो की तरह है, क्योंकि दो मैच जीत और दो हार के साथ टीम को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए इस मैच में जीत हासिल करना बेहद जरूरी है।
बिक गए सभी टिकट
शहर में मैच को लेकर गजब का माहौल है। दीपावली का त्योहार होने के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है और मैच के सभी 18 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। आईसीसी ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से टिकटों के बिक जाने की पुष्टि की है।
बारिश के बावजूद क्रेज बरकरार
शनिवार को शहर में हुई तेज बारिश भी दर्शकों का उत्साह कम नहीं कर पाई। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की मुस्तैदी के चलते मैदान को समय पर कवर कर लिया गया, जिससे पिच को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मैच पर बारिश का साया नहीं पड़ने की उम्मीद है। स्टेडियम के बाहर का माहौल भी पूरी तरह क्रिकेटमय हो चुका है। तिरंगे, टोपी और टीमों के पोस्टर की दुकानें लग चुकी हैं।
रिकॉर्ड्स का बादशाह है होलकर स्टेडियम
इंदौर का होलकर स्टेडियम भारतीय टीम के लिए हमेशा से भाग्यशाली रहा है। यहां खेले गए सभी 7 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम इंडिया ने जीत का परचम लहराया है। यह मैदान न केवल वनडे, टेस्ट और टी-20 मैचों की सफल मेजबानी कर चुका है, बल्कि आईपीएल के रोमांच का भी गवाह रहा है। इंदौर की खासियत यह है कि यहां टेस्ट मैचों में भी स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा रहता है, जो देश के अन्य शहरों में कम ही देखने को मिलता है।
मोबाइल फ्लैश से समर्थन की शुरुआत इंदौर से
आज क्रिकेट मैचों के दौरान दर्शकों द्वारा मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर टीम का समर्थन करने का जो चलन पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया है, उसकी शुरुआत 2015 में इंदौर के इसी होलकर स्टेडियम से भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान हुई थी। एमपीसीए सचिव सुधीर असनानी ने बताया कि इंदौर ने हमेशा सभी मैचों की सफल मेजबानी की है और यहां के दर्शकों से मिले समर्थन की तारीफ विदेशी खिलाड़ी भी कर चुके हैं, यही वजह है कि होलकर स्टेडियम दुनिया के पसंदीदा क्रिकेट वेन्यू में से एक है।





