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भ्रष्टाचार सवाल पर शिवराज सरकार की कथनी करनी में जबरदस्त विरोधाभास : अजय खरे

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रीवा। समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा कि भ्रष्‍टाचार के सवाल पर शिवराज सरकार की कथनी और करनी में जबरदस्त विरोधाभास है । लंबे समय बाद भी मध्यप्रदेश के व्यापमं जैसे घोटाले की सही जांच और दोषियों को दंड नहीं मिल पाया है । इधर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में यह फरमाते नजर आए कि जो रिश्वत लेते पकड़े गए , उन्हें बर्खास्त करें । श्री खरे ने इस मुख्यमंत्री चौहान का बड़बोलापन बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर उनकी बात में कितना दम और सजगता है , इसका बीते 15 साल का लेखा-जोखा दिया जाना चाहिए। कमलनाथ सरकार के शासन काल के सवा साल छोड़कर प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान का शासन 15 वर्ष से भी अधिक समय से चल रहा है लेकिन किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ। छोटे से छोटे काम के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती है। रिश्वत नहीं देने पर लोगों को काम के लिए भटकाया जाता है जिसके चलते उनका धैर्य जवाब दे जाता है। यहां तक भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए इस्तेमाल होने वाला शपथ पत्र भी दुगने दाम पर मिलता है । रिश्वतखोरी में यदा-कदा छोटे कर्मचारी पकड़ लिए जाते हैं लेकिन बड़े मगरमच्छ बचे रहते हैं।

श्री खरे ने कहा कि यह काफी कष्टकारक बात है कि रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा सरपंच के 15 लाख रुपए तक के भ्रष्टाचार को आपत्तिजनक नहीं मानते हैं , जबकि एक रुपए का भ्रष्टाचार भी अपराध है । इस बात पर श्री खरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरपंच का भ्रष्टाचार 1500000 रुपए तक गलत नहीं है तो क्या सरकार में बैठे हुए लोगों का करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार भी अनदेखा कर दिया जाएगा । समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने बताया कि सन 1985 में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी सूखे प्रभावित ओडिशा के कालाहांडी जिले के दौरे पर थे। बिचौलियों के भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए राजीव गांधी ने कहा था कि सरकार 1 रुपया भेजती है, लोगों तक 15 पैसे पहुंचते हैं…। अपने उस भाषण में राजीव ने कहा था कि देश में बहुत भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार ग्रासरूट लेवल पर है जिसे दिल्ली से बैठकर दूर नहीं किया जा सकता । श्री खरे ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी अधिक गहरी हैं यह सच स्वीकार करने के कारण राजीव गांधी को उनके कार्यकाल के दौरान विपक्ष कटाक्ष करता रहा । आतंकी हमले में हुई उनकी शहादत के 30 साल बाद भी बीच-बीच में राजीव गांधी के कथन को लेकर उनके परिवार को निशाना बनाया जाता है . खासतौर से सन 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इस बात का जिक्र कर राजीव और कांग्रेस पार्टी पर कई बार हमला हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी तो कई रैलियों में इस बात को चुटकी लेते हुए दोहरा चुके हैं , वहीं अपने शासनकाल हुए किसी भी घोटाले की बात को स्वीकार करने की जगह विपक्ष पर पलटवार करके सच्चाई पर पर्दा डालते रहते हैं । श्री खरे ने कहा कि सरकार का काम है कि सदन में विपक्ष के आरोपों का जवाब दे या सच्चाई स्वीकार करे , न कि विपक्ष पर दोषारोपण कर मामले की गंभीरता को कमजोर करे ।

Ramswaroop Mantri

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