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हथेली की ये रेखा बनाती है, मिलेगी पद-प्रतिष्ठा

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हर व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई रहस्य छुपा होता है। कहते हैं कि हाथ की रेखाएं बनती-बिगड़ती रहती हैं, लेकिन कुछ रेखाएं हमेशा रहती हैं और भविष्य के बारे में काफी सही संकेत देती हैं। हाथ की कुछ रेखाएं मनुष्य की नौकरी य व्यापार की भी जानकारी देता है। जो व्यक्ति सरकारी नौकरी की तमन्ना रखता है तो उसके मन में बस एक ही सवाल कौंधता है कि क्या उसकी सरकारी नौकरी लगेगी या नहीं। वैसे तो कहते हैं कर्म के अनुसार ही हाथ की रेखाओं में बदलाव होता है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार वो कौन सी रेखाएं और स्थितियां हैं जो सरकारी नौकरी मिलने का संकेत देती हैं। आइए जानते हैं- 

दि किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य पर्वत उठा हुआ हो और इस पर्वत पर बिना किसी रुकावट के सीधी रेखा बन रही हो तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बनते हैं। 

  • यदि किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य रेखा गुरु पर्वत की ओर जा रही हो तो ऐसा व्यक्ति एक बड़ा सरकारी अधिकारी बनता है। 
  • यदि किसी व्यक्ति की हथेली में बुध पर्वत पर त्रिभुज की आकृति बन रही हो तो ऐसे व्यक्ति को सरकारी नौकरी में उच्च पद मिलता है।
  • यदि किसी जातक की हथेली में भाग्य रेखा से शाखा रेखा निकलती हुई बृहस्पति पर्वत की ओर जा रही हो तो ऐसे व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिलने की प्रबल संभावनाएं रहती हैं। 
  • यदि भाग्य रेखा, जीवन रेखा को काटे और गुरू- शनि पर्वत के बीच से निकले तो ऐसे जातकों को भी सरकारी नौकरी मिलती है।
  • किसी व्यक्ति की हथेली पर गुरु और सूर्य पर्वत उभरा हुआ होता है तो उस व्यक्ति में कौशल और निपुणता भरी रहती है। ऐसे व्यक्ति को जीवनकाल के 30 वर्षों के अंदर ही कोई सरकारी नौकरी मिल सकती है।

आचार्य चाणक्य की इन बातों को रखेंगे याद, तो जीवन की हर मुश्किल होगी आसान

आचार्य के नीतिशास्त्र को लोग ‘चाणक्य नीति’ के नाम से जानते हैं। आचार्य चाणक्य द्वारा कही गई बातें, आज के समय में भी प्रासंगिक हैं और काफी हद तक सटीक साबित होती हैं। आचार्य की इन बातों से सीख लेकर व्यक्ति तमाम मुश्किलों से आसानी से निपट सकता है।

आचार्य चाणक्य विलक्षण प्रतिभा के धनी थे और असाधारण और बुद्धि के स्वामी थे। अपनी कूटनीतज्ञता और बुद्धि बुद्धि कौशल की बदौलत समूचे नंदवंश का नाश कर आचार्य चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया था। मौर्य साम्राज्य की स्थापना में इनका परम योगदान माना जाता है। आचार्य ने अनेकों रचनाएं कीं। उन रचनाओं में से अर्थशास्त्र और नीतिशास्त्र आज भी काफी प्रसिद्ध हैं। आचार्य के नीतिशास्त्र को लोग ‘चाणक्य नीति’ के नाम से जानते हैं। आचार्य चाणक्य द्वारा कही गई बातें, आज के समय में भी प्रासंगिक हैं और काफी हद तक सटीक साबित होती हैं। आचार्य की इन बातों से सीख लेकर व्यक्ति तमाम मुश्किलों से आसानी से निपट सकता है। आइए जानते हैं क्या हैं आचार्य चाणक्य की वो बातें- 

  • कभी भी मूर्खों से बहस न करें क्योंकि ऐसा करने से हम अपना ही समय नष्ट करते हैं। 
  • ईश्वर आपकी अनुभूति है और आत्मा एक मंदिर, इसीलिए ध्यान रखें ईश्वर मूर्तियों में नहीं आपके मन में बसता है। 
  • ऋण, शत्रु और रोग कभी छोटे नहीं होते, इसलिए इनका निवारण शीघ्र अति शीघ्र कर लेना चाहिए। 
  • भाग्य आपका साथ तभी देगा जब आप मुश्किल समय में भी अपने लक्ष्य पर अडिग रहें। 
  • यदि आप किसी व्यक्ति के समक्ष अपनी बात रख रहें हैं और वह आपसे बात करते समय इधर उधर देख रहा है तो वह व्यक्ति भरोसे लायक नहीं है। 
  • मनुष्य को हमेशा दूसरों की गलतियों से सबक लेना चाहिए, यदि अपने ऊपर प्रयोग करके सीखने का प्रयास करेंगे तो इसके लिए आयु कम पड़ जाएगी। 
  • हमेशा भाग्य के भरोसे चलते रहना ठीक नहीं है। ऐसे लोगों को बर्बाद होने में वक्त नहीं लगता है। 
  • कोई भी व्यक्ति अपने पद से ऊंचा नहीं होता बल्कि अपने गुणों के कारण ऊंचा होता है। 
  • जहां आपकी इज्जत न हो, जहां मनुष्य अपनी जीविका न चला सके, जहां आपका कोई दोस्त न हो और जहां ज्ञान की बातें न हो उस स्थान पर कभी नहीं रहना चाहिए। 
  • जिस तरह एक सुगंधित वृक्ष सारा जंगल महका देता है, उसी तरह गुणवान पुत्र से सारे कुल का नाम रोशन हो जाता है।

Ramswaroop Mantri

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