अशोकनगर जिले से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए 70 से 80 मजदूरों को बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जो कि मुंगावली विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है. यहां के कई गांवों के मजदूरों को काम का झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाया गया और वहां जबरन मजदूरी कराई गई. मजदूरों से संपर्क टूटते ही परिजनों में हड़कंप मच गया. घबराए परिजन सीधे मुंगावली विधायक ब्रजेन्द्र सिंह के पास पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई.मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से 70-80 मजदूरों को महाराष्ट्र में जबरन बंधक बनाकर मजदूरी कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. उन्हें काम का लालच देकर ले जाया गया और 15 दिनों तक बिना मजदूरी दिए काम कराया गया. परिजनों की शिकायत पर मुंगावली विधायक की पहल से प्रशासन हरकत में आया है.
गांव-गांव घूमकर रची गई साजिश
TV9 भारतवर्ष की पड़ताल में ये बात सामने आई है कि मुंगावली तहसील के जरौली बुजुर्ग, आंक्सी चक्क और तिंसी गांव में एक व्यक्ति ने ग्रामीण मजदूरों को गन्ना फैक्ट्री में काम दिलाने का लालच दिया. करीब 80 मजदूर महाराष्ट्र जाने को तैयार कर लिए गए. हर मजदूर को 1000 हाथ में देते हुए कहा गया कि महाराष्ट्र में अच्छा काम और अच्छी मजदूरी मिलेगी.
बस से इंदौर, फिर साजिश का अगला चरण
अशोकनगर से बालाजी बस बुलाई गई. फिर सभी मजदूरों को जरौली बुजुर्ग से बस में बैठाया गया. बस ड्राइवर और कंडक्टर नेइंदौर के पास सभी मजदूरों को उतार दिया गया. इसके बाद खुला हुआ आगे का खेल. इंदौर के आसपास पहले से मौजूद दो गाड़ियों में सभी मजदूरों को भर दिया गया. गाड़ियां लगातार दो दिन और दो रात चलीं फिर महाराष्ट्र पहुंच गईं.
महाराष्ट्र पहुंचते ही मजदूरों को बंधक बना लिया गया. ठेकेदार के लोग चारों तरफ तैनात हो गए. मजदूरों को बाहर जाने नहीं दिया गया. करीब 15 दिनों तक जबरन काम कराया गया. न मजदूरी दी गई और न घर लौटने की इजाजत. इस मामले की हकीकत जानने के लिए TV9 भारतवर्ष की टीम गांव पहुंची. जहां मजदूरों के गांववालों ने बताया कि बस ड्राइवर, कंडक्टर और बस मालिक गांव में ₹1000-₹1000 बांटते रहे. फिर मजदूरों को बस में बैठाया और लेकर चले गए.
ठेकेदार का सनसनीखेज कबूलनामा
TV9 भारतवर्ष ने रिजवान ठेकेदार से फोन पर बात की. उसने स्वीकार किया, मैंने बस ड्राइवर, कंडक्टर और बस मालिक को 2,80,000 रुपए यूपीआई के जरिए भेजे हैं. यह बयान पूरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है.
परिजन पहुंचे विधायक के पास
उधर, मजदूरों से संपर्क टूटते ही परिजन विधायक ब्रजेन्द्र सिंह के पास पहुंचे. विधायक ने इसे मानव तस्करी का मामला बताया. विधायक ने तुरंत एसपी अशोकनगर राजीव मिश्रा से बात की और निर्देश दिए कि सभी मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस लाया जाए. चेतावनी दी कि मजदूरों के साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
प्रशासन अलर्ट, जांच शुरू
अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है. महाराष्ट्र पुलिस से समन्वय किया जा रहा है. मजदूरों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज हैं. बता दें कि इससे पहले भी ऐसे मामले अशोकनगर से सामने आ चुके हैं, जहां हजारों मजदूर महाराष्ट्र, गुजरात व अन्य राज्यों में जाते हैं. हाल ही मेंकन्हैरा गांव के आदिवासी मजदूर भी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे.
सबसे बड़ा सवाल
क्या यह मानव तस्करी का संगठित रैकेट है?
बस मालिक, ड्राइवर और कंडक्टर पर कब गिरेगी गाज?
क्या ठेकेदारों के इस नेटवर्क पर होगी कड़ी कार्रवाई?





