बुरहानपुर सीट से बीजेपी ने अर्चना चिटनिस और कांग्रेस ने ठाकुर सुरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। अब इस सीट पर काफी रोचक चुनावी जंग होने वाली है। पिछले चुनाव में सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा ने अर्चना चिटनिस को हराया था। उस समय शेरा किसी पार्टी से नहीं बल्कि, निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे थे। बता दें कि 2018 के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में था, लेकिन ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने निर्दलीय मैदान में उतकर ऐसा समीकरण बनाया कि सारे अन्य समीकरण ध्वस्त हो गए। अब कांग्रेस ने उन्हें इस बार टिकट दिया है।
अर्चना चिटनिस को चौथी बार टिकट
बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को बुरहानपुर विधानसभा से चौथी बार टिकट दिया है। चिटनीस इससे पहले 2003, 2008 और 2013 में भी विधायक चुनी जा चुकी हैं। इसके साथ ही वो प्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री भी रह चुकी हैं। वहीं अर्चना चिटनीस को भाजपा ने 1998 में उनके पिता की सीट नेपानगर विधानसभा से टिकट दिया था लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी रघुनाथ चौधरी से महज 251 वोटों से चुनाव हार गईं थीं। इसके बाद वो 2018 में वो दूसरी बार चुनाव हारी।
कांग्रेस ने सुरेंद्र सिंह शेरा को दिया टिकट
वहीं कांग्रेस ने बुरहानपुर विधानसभा सीट सुरेंद्र सिंह शेरा को टिकट दे दिया है। इसका विरोध भी बुरहानपुर में देखने को मिला।
2018 में कैसा रहा नतीजा?
बुरहानपुर विधानसभा सीट पर 2018 में चुनाव में पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, कांग्रेस की ओर से रविंद्र महाजन और निर्दलीय ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा भैया मैदान में थे। दो बार की विजेता रही अर्चना चिटनिस को 93,441 वोट मिले तो वहीं, सुरेंद्र सिंह को 98,551 वोट मिले। इस तरह अर्चना चिटिनस 5, 120 मतों से हार गई। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार तो अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।





