संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा ; किसानों से बातचीत कर मांगे माने सरकार
किसान-आंदोलन अब ज़मीन के साथ-साथ ‘वर्चुअल’ प्लेटफार्म पर भी अपने संघर्ष को आगे बढ़ाएगा
*शाहजहाँपुर-खेड़ा बॉर्डर पर समूह चर्चाओं का दौर जारी
शाहजहाँपुर-खेड़ा बॉर्डर पर आज लगातार 160 वें दिन भी किसानों का आंदोलन जारी रहा।संयुक्त किसान मोर्चा शाहजहाँपुर-खेडा बॉर्डर की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए डॉ. संजय “माधव” ने कहा कि आज शाहजहाँपुर-खेड़ा बॉर्डर पर एक बार फिर तेज तूफान व बारिश ने दस्तक दी जिससे काफी नुकसान होने की संभावना है। सरकार के साथ संघर्ष के साथ-साथ बार-बार बदलते मौसम से भी किसान संघर्ष कर रहा है। ये भी उसके लिए एक चुनौती के समान है परंतु किसान हर चुनौती का डट कर सामना कर रहा है।संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री के नाम प्रत्र लिखते हुए किसानों से बातचीत करने की अपील की। किसानों ने कभी भी बातचीत से इंकार नहीं किया है। इस पत्र में मुख्य तौर पर किसान आंदोलन पर सरकार के रवैये का जिक्र किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीणों व सामान्य नागरिकों के लिए कोरोना महामारी से बचाव के लिए किये जाने वाले प्रयासों में भारी लापरवाही और भेदभावपूर्ण व्यवहार पर रोक लगाते हुये ठोस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर बिना किसी भेदभाव के वैज्ञानिक नजरिया अपनाने और विशेषज्ञों की राय के अनुसार आम जनता के हित में कदम उठाने का भी आह्वान किया है। सभी के लिए सार्वभौमिक और निशुल्क टीकाकरण किये जाने की भी मांग की है। किसान-नेताओं का कहना है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की सत्तारूढ़ होने के नाते केन्द्र-सरकार को परिपक्वता दिखानी चाहिए और न्यायपूर्ण, निष्पक्ष तरीके से किसानों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। ऐसे कानून जो कि देश के सभी किसानों द्वारा ठुकराए जा चुके है उन्हें जबर्दस्ती लागू करना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और मानवता के मूल्यों के खिलाफ है। संयुक्त किसान मोर्चा ने शांतिपूर्ण आंदोलन में गहरा विश्वास रखते हुये पिछले 6-जून 2020 से इस ऐतिहासिक किसान-आंदोलन को पूर्णतः अनुशासित और शांतिपूर्वक जारी रखा है और आगे भी जब तक किसानों की मांगे नहीं मानी जायेंगीं तब तक ये आंदोलन लगातार जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने 26-मई को आंदोलन के छह महीने पूरे होने और केन्द्र सरकार के सात साल पूरे होने पर काला-दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। सरकार उससे पूर्व किसानों की मांगे पूरी करे अन्यथा 26 मई के पश्चात आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होना पडेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान नेता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी दिये जाने, व्हाट्सएप्प पर अश्लील वीडियो भेजे जाने और उनसे रंगदारी मांगे जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये प्रशासन से अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
शाजहाँपुर-खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की लड़ाई को ‘वर्चुअल’ करने की तैयारी पर चर्चा करते हुए किसानों ने कहा कि ‘हम किसान हैं जमीन कैसे छोड़ेंगे, पर असम में बैठा किसान, तमिलनाडु का किसान, आंध्र प्रदेश का किसान, बिहार का किसान मतलब पूरे देश का किसान हमारे इस रोजाना के आंदोलन का हिस्सा कैसे बने, इसके लिए ठोस प्लान बनाने की ज़रूरत है। इसके लिए किसान सोशल-मीडिया पर भी अपनी लड़ाई को और धार देने, तेज करने के लिए कदम उठायेंगे।। वैसे भी वर्तमान में केन्द्र की भाजपा-आरएसएस की यह सरकार तो केवल गोदी-मीडिया और भाड़े पर संचालित सोशल-मीडिया के दम पर ही चल रही है अतः किसानों को भी अपने जमीनी संघर्ष को जारी रखते हुए फेसबुक/ट्विटर जैसे सोशल-मीडिया प्लेटफार्मों पर भी सरकार को घेरते हुए उनके दुष्प्रचार-अभियान का भी जबाब देना होगा।”दिल्ली के चारों ओर जमीनी संघर्ष, धरना-प्रदर्शन चलते रहेंगे और मई माह के बाद इन महापड़ावों में दूसरे राज्यों से भी किसान आने शुरू हो जाएंगे। लेकिन इसके साथ ही इस लड़ाई को अब किसान-मोर्चों द्वारा चौतरफा और बहुआयामी बनाने की तैयारी है। पूरे देश के किसान दिल्ली और उसके चारों ओर के बॉर्डरों पर आकर नहीं बैठ सकते हैं। लेकिन यह लड़ाई तो देश के हर किसान की है और पूरे देश का किसान इस आंदोलन में भागीदारी करना चाहता है इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने फैसला किया है कि आने वाले दिनों में सभी किसान अब सोशल मीडिया पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन को धार देने का काम करेंगे। आज तो घर-घर में बच्चे भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल में पारंगत हैं। किसानों के परिवार भी इसी दुनिया का हिस्सा हैं अतः अलग से कोई टीम बनाने की जरूरत नहींं है बल्कि हमारे किसान-परिवारों और उनके समर्थक-परिवारों के ही युवा साथी मिलकर इस जिम्मेदारी को संभालेंगे और किसानों के आंदोलन को एक नया आयाम देंगे।
-डॉ.संजय”माधव“संयुक्त किसान मोर्चा,शाहजहांपुर-खेडा बोर्डर, जयपुर-दिल्ली हाईवे।9414073669
राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी,शाहजहाँपुर खेड़ा बॉर्डर पर भारी तूफ़ान के साथ बरसात





