अजित और शरद पवार गुट ने मुंबई में अलग-अलग मीटिंग की, लेकिन अजित गुट की मीटिंग में ज्यादा विधायक दिखे। एक खबर मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी पर हुए पेशाब कांड की है। पीड़ित के घर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेता पहुंचे। 21% की आदिवासी आबादी वाले MP में इस साल विधानसभा चुनाव भी है।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- गुजरातियों को ठग कहने के मामले में तेजस्वी यादव के खिलाफ आज अहमदाबाद कोर्ट में सुनवाई होगी। तेजस्वी यादव ने इस साल मार्च में कहा था कि आज देश के जो हालात है उसमें सिर्फ गुजराती ठग हो सकते हैं।
- क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर में नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के बीच मुकाबला। नीदरलैंड के 4 और स्कॉटलैंड के 6 पॉइंट्स हैं। अगर स्कॉटलैंड जीती तो 8 पॉइंट्स के साथ वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। नीदरलैंड्स जीती तो उसे क्वालिफाई करने के लिए अपना रन रेट स्कॉटलैंड से बेहतर रखना होगा।
शरद पवार को हटाकर अजित NCP अध्यक्ष बने: बोले- उम्र हो गई, अब आशीर्वाद दीजिए

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार ने शरद पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया। उन्होंने खुद को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बताया। शरद और अजित, दोनों ही गुट पार्टी के नाम और सिंबल पर दावा करते हुए इलेक्शन कमीशन पहुंचे हैं। अजित ने चाचा शरद पर तंज कसते हुए कहा कि आपकी उम्र हो गई है, अब आशीर्वाद दीजिए। वहीं चाचा ने उन्हें खोटा सिक्का कहा।
अजीत गुट ने अपनी मीटिंग में 29 विधायकों के नाम दिए। छगन भुजबल ने कहा- हमारे पास 40 विधायक हैं। कुछ विदेश में हैं, लेकिन उनके एफिडेविट हमारे पास हैं। उधर, शरद गुट की मीटिंग में सिर्फ 7 विधायक पहुंचे। ऐसे में NCP पर अजित गुट की पकड़ मजबूत मानी जा रही है।
आदिवासी पर पेशाब करने वाले के घर पर चला बुलडोजर; शिवराज आज पीड़ित से मिलेंगे
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी पर पेशाब करने वाले BJP कार्यकर्ता के घर को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। पुलिस का कहना है कि घटना एक साल पुरानी है, जिसका वीडियो अब वायरल है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज CM हाउस में पीड़ित आदिवासी और उसके परिवार से मुलाकात करेंगे।
घटना का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ था। आरोपी सीधी जिले के BJP विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि रह चुका है। दैनिक भास्कर ने जब विधायक से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि प्रवेश न तो मेरा प्रतिनिधि है, न ही पार्टी का कार्यकर्ता। उधर, कांग्रेस ने कहा कि आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा का मंडल उपाध्यक्ष है।
मध्यप्रदेश के सीधी में आदिवासी पर पेशाब करने के मामले में राजनीति गरमा गई है। बुधवार को जहां आरोपी बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ला के घर पर प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं रात को कांग्रेस के नेता पीड़ित के घर धरने पर बैठ गए। वे आरोपी का घर पूरी तरह से तोड़ने की मांग कर रहे हैं। सीधी से बीजेपी विधायक केदार शुक्ला और पार्टी के अन्य नेता भी पीड़ित के घर पहुंच गए।
दोनों ही दल के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को भोपाल में सीएम हाउस में पीड़ित और उसके परिवार से मिलेंगे। इससे पहले आरोपी भाजपा कार्यकर्ता प्रवेश शुक्ला को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर एनएसए लगाया गया है। प्रवेश पर नशे की हालत में युवक से अभद्रता करने का आरोप है।
पीड़ित के घर कांग्रेस और बीजेपी नेताओं का जमावड़ा
बुधवार शाम को कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कुबरी से सटे पीड़ित के गांव में उसके घर पहुंचे। वे देर रात तक वहीं धरना देते रहे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हम यहां धरना देने के लिए पहले से मौजूद हैं, तो भाजपा के लोगों को यहां नहीं आना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि आरोपी का घर अधूरा गिराया गया है, उसे पूरी तरह से गिराया जाए।
पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता पीड़ित के घर पहुंचे हैं।
इधर रात को सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी पीड़ित के घर पहुंच गए। वे पीड़ित परिवार से मिले।
पूर्व मंत्री ने कलेक्टर को लगाया फोन
धरना दे रहे पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने कलेक्टर को फोन लगाकर कहा कि बात आगे बढ़ सकती है, आप आकर स्थिति संभाल लीजिए। फिलहाल दोनों पार्टी के नेता पीड़ित के घर जुटे हुए हैं। कलेक्टर अभी मौके पर नहीं पहुंचे हैं और ना ही कोई प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचा है।
आरोपी की मां और चाची हो गई बेहोश
आरोपी प्रवेश का घर तोड़ने आई जेसीबी देखकर आरोपी की मां और चाची बेहोश हो गईं। डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। आरोपी की मां रोते हुए अफसरों से बोली- बेटे ने गलत काम किया है तो उसे सजा दें। मेरा घर न गिराएं। यह घर मैंने बड़ी मुश्किल से बनाया है। लेकिन प्रशासन की टीम बुलडोजर और जेसीबी से मकान को गिराने में जुटी रही।
सिहावल एसडीएम आरपी त्रिपाठी का कहना है कि मकान में किए गए निर्माण में से करीब एक तिहाई हिस्सा अवैध है, उसे ढहाया गया।
मकान में प्रवेश के पिता समेत चार हिस्सेदार
प्रशासन की टीम ने आरोपी के परिवार के लोगों को बाहर निकालकर मकान को तोड़ने का काम किया। इस मकान में चार हिस्सेदार हैं- प्रवेश के पिता रमाकांत शुक्ला, दो चाचा और दादी। इस मकान के आसपास बने स्टोर रूम के दो कमरे, मेहमानों के लिए बनाया गया कमरा और सीढ़ियां तोड़ी गई। मुख्य मकान के आगे के हिस्से को ढहा दिया गया। मकान तोड़ते समय एक जेसीबी खराब हो गई। प्रशासन ने तत्काल दूसरी जेसीबी बुलाई।
जेसीबी के ड्राइवर ने बताया कि मकान का निर्माण कार्य अच्छी गुणवत्ता से किया गया है इसलिए तोड़ने में समय लगा है।
जरूरत पड़ी तो अपराधियों को जमीन के नीचे गाड़ देंगे
पेशाब कांड पर सीएम शिवराज सिंह ने कहा है, ‘एनएसए लगा दिया गया है, बुलडोजर भी चला दिया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो मामाजी अपराधियों को 10 फुट जमीन के नीचे भी गाड़ देंगे। मामाजी का संदेश साफ है, इसलिए गलत मंशा वालों मध्यप्रदेश में अपराध करने से पहले 10 बार सोच लेना।’
दरअसल, दिलीप मंडल नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया था कि अगर इस केस में बुलडोजर नहीं चला तो यही माना जाएगा कि आपमें न्याय करने की क्षमता नहीं है और आप समदर्शी नहीं हैं। जिसके जवाब में सीएम शिवराज सिंह ने ये बात कही।

कांग्रेस ने गठित की 5 सदस्यीय जांच कमेटी
बीजेपी के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी सीधी पेशाब कांड की जांच के लिए पांच लोगों की समिति बनाई है। पीसीसी चीफ कमलनाथ के निर्देश पर गठित समिति के सदस्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, मानिक सिंह, लाल चंद्र गुप्ता, सरस्वती सिंह और बसंती कोल हैं। यह समिति मौके पर पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच करेगी और 8 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। वहीं, युवक कांग्रेस ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन किया।
राजस्थान के 400 साल पुराने मंदिर में ड्रेस कोड; अब शॉर्ट टी शर्ट और शॉर्ट जींस में एंट्री नहीं

उदयपुर के 400 साल पुराने जगदीश मंदिर में एंट्री के लिए ड्रेस कोड तय कर दिया गया है। छोटे कपड़े पहनकर यहां पहुंचने वाले लोगों को मंदिर में एंट्री नहीं मिलेगी। मंदिर परिसर में लगे पोस्टर पर लिखा है कि शॉर्ट टी-शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट जैसी ड्रेस में प्रवेश नहीं मिलेगा।
जगदीश मंदिर का निर्माण मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह ने साल 1651 में करवाया था। मंदिर में भगवान विष्णु स्वरूप भगवान जगदीश की मूर्ति है। सुंदर स्थापत्य कला और गजब की नक्काशीदार खंभों की वजह से यह मंदिर टूरिस्ट के आकर्षण का केन्द्र है। वर्ष 1736 में मुगल शासक औरंगजेब की सेना ने मंदिर का बाहरी द्वार तोड़ दिया था, जिसे फिर से बनवाया गया।
गडकरी बोले- 15 रुपए लीटर होगा पेट्रोल, किसानों के तैयार किए एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल 15 रुपए प्रति लीटर मिलेगा। ये सब एथेनॉल की मदद से होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान अन्नदाता नहीं ऊर्जादाता भी होगा, क्योंकि ये सारा प्रोसेस किसान ही करेगा।
E20 पेट्रोल यानी एथेनॉल मिला पेट्रोल एक तरह का अल्कोहल होता है, जिसे स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसके लिए गन्ने के रस, मक्का, सड़े आलू, सड़ी सब्जियां, चुकंदर, ज्वार, बांस या पराली का इस्तेमाल होता है। अभी पेट्रोल में सिर्फ 10% एथेनॉल मिलाया जाता है, लेकिन आगे चलकर इसकी मात्रा बढ़ाई जाएगी। इससे E20 पेट्रोल के दाम घटेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल 15 रुपए प्रति लीटर मिलेगा। ये सब कुछ होगा एथेनॉल की मदद से।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान अन्नदाता नहीं ऊर्जादाता भी होगा, क्योंकि ये सारा प्रोसेस देश का किसान करेगा।

नितिन गडकरी हेलिकॉप्टर से प्रतापगढ़ पहुंचे। इसके बाद सभा स्थल पर पैदल पहुंचे।
नितिन गडकरी ने कहा- अगस्त में टोयोटा कंपनी की गाड़ियों को लॉन्च कर रहा हूं। ये सभी गाड़ियां किसानों की ओर से तैयार किए एथेनॉल पर चलेंगी।
60% एथेनॉल, 40% बिजली और फिर उसका एवरेज पकड़ा जाएगा तो 15 रुपए लीटर पेट्रोल का भाव होगा। 16 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट है। अब ये पैसा किसानों के पास जाएगा।

मंत्री नितिन गडकरी ने इस दौरान हरियाणा के पानीपत जिले में मौजूद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के 2G (सेकेंड जेनरेशन) एथेनॉल प्लांट का भी जिक्र किया। बता दें कि यह प्लांट सालाना 2.1 लाख मीट्रिक टन (MT) अनाज के भूसे (पराली) से 3 करोड़ लीटर एथेनॉल बनाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त-2022 को इस प्लांट का उद्घाटन किया था।
नितिन गडकरी मंगलवार को राजस्थान के प्रतापगढ़ दौरे पर थे। यहां उन्होंने 5600 करोड़ रुपए के 11 प्रोजेक्ट का शिलान्यास, लोकार्पण और उद्घाटन किया था।
जानिए- एथेनॉल से कैसे सस्ता होगा पेट्रोल
E20 पेट्रोल यानी एथेनॉल मिला पेट्रोल एक तरह का अल्कोहल होता है, जिसे स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसके लिए गन्ने के रस, मक्का, सड़े आलू, सड़ी सब्जियां, मीठा चुकंदर, ज्वार, बांस या पराली का उपयोग किया जाता है।
पराली गेहूं और चावल की भूसी को कहा जाता है। चूंकि ये सारी वस्तुएं खेतों में होती हैं, इसीलिए गडकरी ने कहा कि किसान ही ये ऊर्जा देंगे।
इससे बनने वाले ईंधन में 80% हिस्सा पेट्रोल और 20% हिस्सा एथेनॉल का होगा। जिसे E20 पेट्रोल कहा जाता है। अभी पेट्रोल में केवल 10% एथेनॉल मिलाया जाता है, लेकिन आगे इसकी मात्रा बढ़ाई जाएगी।
इससे E20 पेट्रोल के दाम घटेंगे। इसका उपयोग गाड़ियों में किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए EBP यानी एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत 2025 तक देश में सभी जगह E20 पेट्रोल पंप उपलब्ध करवाने का टारगेट है।
खालिस्तान मूवमेंट चला रहे आतंकी पन्नू की मौत, अमेरिका में कार एक्सीडेंट में गई जान

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर कनाडा और अमेरिका के भारतीय दूतावास में काम कर रहे अफसरों को धमकी दी थी।
आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सरगना और खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की सड़क दुर्घटना में मौत का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका के हाईवे 101 पर पन्नू की कार का एक्सीडेंट हुआ। दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि पन्नू की मौत की खबर अफवाह है, वह जल्द सामने आएगा।
पन्नू मूल रूप से अमृतसर के खानकोट गांव का रहने वाला था। अमेरिका में बैठकर लंबे समय से ‘पंजाब रेफरेंडम 2020’ नाम से खालिस्तानी आंदोलन चला रहा था। वह सिखों को उकसाने की कोशिश करता। पंजाब के गैंगस्टर्स और युवाओं को खालिस्तान की खातिर लड़ने के लिए उकसाता। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उसे आतंकी घोषित कर दिया था।
अफगानिस्तान में ब्यूटी पार्लर बैन, तालिबान बोला- एक महीने में तमाम ब्यूटी सैलून बंद करो
अफगानिस्तान की हुकूमत पर कब्जा करने वाले आतंकी संगठन तालिबान ने देश में तमाम ब्यूटी पार्लर बंद करने का ऑर्डर दिया है। ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं को एक महीने का वक्त दिया गया है। हालांकि बैन की वजह नहीं बताई गई है।
अफगानिस्तान में हजारों ब्यूटी पार्लर हैं। इस फरमान से हजारों महिलाओं का रोजगार छिन जाएगा। तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से उसने लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा और नौकरी से जुड़े तमाम अधिकार छीन लिए।
अफगानिस्तान की हुकूमत पर कब्जा करने वाले आतंकी संगठन तालिबान ने देश में तमाम ब्यूटी पार्लर बंद करने का ऑर्डर जारी किया है। ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं को एक महीने का वक्त दिया गया है। हालांकि, इस बैन की वजह नहीं बताई गई है।
तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को काबुल के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से उसने लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा और नौकरी से जुड़े तमाम अधिकार छीन लिए हैं।

अफगानिस्तान में हजारों ब्यूटी पार्लर हैं और इनके जरिए कई महिलाओं को रोजगार मिलता है। अब इनके पार्लर बंद हो जाएंगे। (फाइल)
तालिबान ने कहा- ये जरूरी फैसला
- तालिबान की होम मिनिस्ट्री ने ब्यूटी पार्लर बैन किए जाने के आदेश की पुष्टि की है। अफगानिस्तान में हजारों ब्यूटी पार्लर हैं। इनकी ओनरशिप महिलाओं के पास ही है। इस फरमान से इन महिलाओं का रोजगार छिन जाएगा। ज्यादातर पार्लर महिलाओं ने घर में ही खोले थे और यहां किसी भी पुरुष के आने पर सख्त पाबंदी थी।
- हैरानी की बात यह है कि तालिबान हुकूमत ने अब तक ब्यूटी पार्लर बंद करने के फैसले की वजह नहीं बताई। इस बारे में न्यूज एजेंसी ने जब सवाल किया तो तालिबान की तरफ से कहा गया- एक महीना गुजर जाने दीजिए, वजह इसके बाद ही बताई जाएगी।
- 20 साल तक अफगानिस्तान में हजारों ब्यूटी पार्लर थे। तब तालिबान ने कई बार कहा था कि इन पार्लर का इस्तेमाल फिजूल की बातों और गॉसिप के लिए होता है।

कुछ दिन पहले अफगान लड़कियों को एजुकेशन राइट्स यानी शिक्षा का अधिकार दिए जाने के लिए एक ऑनलाइन मुहिम चलाई गई थी।
‘अच्छा होता यहां महिलाएं होती ही नहीं’
- तालिबान के फैसले के बाद काबुल के एक ब्यूटी पार्लर की मैनेजर ने कहा- बेहतर तो ये होता कि तालिबान अफगानिस्तान से महिलाओं को ही निकाल देता। उनका वजूद ही खत्म कर देता। अब तो मौत ही बेहतर है। अच्छा होता अगर हमने अफगानिस्तान में जन्म ही नहीं लिया होता।
- पिछले दिनों तालिबान ने एक आदेश में कहा था कि UN से जुड़े NGOs में भी महिलाएं काम नहीं कर सकेंगी। इसके बाद सरकारी नौकरी में बची हुईं बाकी महिलाओं को भी बेहद गुपचुप तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया।
- ब्यूटी पार्लर बंद किए जाने के लिए तालिबान हुकूमत ने लेटर हेड पर ऑर्डर जारी किया है। इस पर सुप्रीम लीडर हिब्तुल्लाह अखुंदजादा के दस्तखत हैं।

यह फोटो रिवॉल्यूशनरी एसोसिएशन ऑफ द वुमन ऑफ अफगानिस्तान द्वारा जारी किए गए एक वीडियो से कैप्चर किया गया है। फोटो अगस्त 2001 की है, जिसमें एक तालिबानी एक महिला को मार रहा है, क्योंकि महिला ने अपना बुर्का उतार दिया था।
तालिबान 1.0 में किस तरह की पाबंदियां थीं
- तालिबान ने अफगानिस्तान पर 1996 से 2001 तक शासन किया था। इस दौरान महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक थी।
- महिलाओं और लड़कियों को काम करने और स्कूल/कॉलेज जाने की आजादी नहीं थी। साल 2000 में अफगानिस्तान में एक भी लड़की स्कूल नहीं जाती थी।
- छोटी-छोटी बच्चियों को भी बुर्का पहनना जरूरी था। महिलाएं अकेले घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। घर से बाहर जाने के लिए अपने साथ किसी पुरुष को ले जाना होता था।
- महिलाओं को ऊंची हील पहनने पर पाबंदी थी।
- पर्दा इतना सख्त था कि महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर बात तक नहीं कर सकती थीं, ताकि उनकी आवाज कोई दूसरा पुरुष न सुने।
- अखबारों, किताबों, दुकानों और घरों में महिलाओं की फोटो लगाने पर पाबंदी थी। महिलाओं के नाम पर किसी भी सार्वजनिक जगह के नाम नहीं रखे जाते थे।
- इन नियम-कायदों को तोड़ने पर महिलाओं को सख्त सजा दी जाती थी। उन्हें सार्वजनिक जगहों पर पत्थरों से मारा जाता और शरिया कानून के मुताबिक सजा दी जाती थी।

तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद ही लड़कियों की शिक्षा पर रोक लगा दी थी। दुनिया के कई देशों ने उस पर दबाव डाला, लेकिन वो जिद पर अड़ा है। (फाइल)
फिर क्या बदला
- 2001 में अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद तालिबान सत्ता से हटा तो महिलाओं की स्थिति में सुधार आना शुरू हुआ। महिलाओं को बेसिक राइट मिलने लगे। साल 2000 में जहां एक भी लड़की स्कूल नहीं जाती थी, वहीं 2018 में ये आंकड़ा 83% हो गया था।
- अफगानिस्तान में 2018 में हुए चुनावों में 249 में से 69 सीटों पर महिलाओं को जीत मिली थी। यानी, कुल सदस्यों में से 27% महिलाएं थीं। ये आंकड़ा पाकिस्तान और चीन से भी ज्यादा था।
- नवंबर 2001 की अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 90 के दशक के शुरुआत में अफगानिस्तान में स्कूलों में पढ़ाने वाले कुल टीचर्स में 77% महिलाएं थीं, सरकारी पदों पर 50% महिलाएं काम करती थीं और काबुल में कुल डॉक्टरों में 40% तक महिलाएं थीं।

फरवरी 2022 में बैनर लेकर अपने अधिकारों के लिए सड़क पर मार्च करती अफगानी महिलाएं। इसमें शामिल महिलाओं पर बाद में लाठीचार्ज किया गया था।
तालिबान 2.0 में क्या हालात हैं
- 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने अफगान हुकूमत पर कब्जा किया। इसके बाद से ही महिलाओं के शिक्षा, नौकरी और यात्रा से जुड़े हक छीनना शुरू कर दिया। उन्हें घरों में कैद करने के लिए नियमों में बदलाव करने शुरू कर दिए।
- अपने फैसले लागू करने के लिए मौलवियों का सहारा लिया। उनकी सरकारी और प्राइवेट नौकरियों पर रोक लगवा दी। आगे बढ़ने से रोकने के लिए तालिबान सुरक्षाबलों ने महिलाओं को डराया, धमकाया, हिरासत में लेने से लेकर अगवा तक किया गया।
- अफगानिस्तान की महिला अधिकार कार्यकर्ता खदीजा अहमदी ने बताया कि तालिबान ने महिलाओं को जज या वकील के रूप में कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक दिया है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले अफगानिस्तान में लगभग 300 महिला जज थीं। तालिबान के चलते इन सभी को देश से निकलना पड़ा।
- तालिबान ने लड़कियों की की तमाम तरह की एजुकेशन को बैन कर दिया है। टीचर्स से कहा गया है कि वे किसी भी उम्र की लड़कियों को नहीं पढ़ाएंगे। वयस्क महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है।
बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज में पानी भरा; मुंबई में सड़क धंसने से दर्जनों गाड़ियां गड्ढे में समाईं

बिहार के दरभंगा में एक मेडिकल कॉलेज में बारिश का पानी भर गया। वहीं, हिमाचल में एक स्कॉर्पियो गाड़ी पानी के तेज बहाव में बह गई।
मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज में बारिश का पानी मरीजों के वार्ड तक पहुंच गया। इसके अलावा मुंबई में एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इससे कई कार और टू-व्हीलर्स गड्ढे में समा गए।
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है।
बुधवार को बिहार और हिमाचल से बारिश की दो तस्वीरें सामने आई हैं। बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज में बारिश का पानी मरीजों के वार्ड तक पहुंच गया है।
दूसरी तस्वीर हिमाचल की है, जहां ऊना जिले के हरोली में एक स्कॉर्पियो पानी के तेज बहाव में बह गई।
इसके अलावा मुंबई में एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसमें कई कार और टू-व्हीलर्स गड्ढे में समा गए।
इधर, उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में बिजली की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई। गाजीपुर में 4 जबकि एक दिन पहले आजमगढ़ में 6 लोगों की मौत हुई थी।
इन राज्यों में तेज बारिश होगी: मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश, नगालैंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु।
इन राज्यों में हल्की बारिश होगी: झारखंड में बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में मौसम साफ रहेगा: वेस्ट राजस्थान, मराठावाड़, बिहार और जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम से जुड़े अन्य अपडेट्स…
- गुजरात और राजस्थान में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है। गुजरात में 301 मिमी ( सामान्य से 111% ज्यादा) और राजस्थान में 170 मिमी (142% ज्यादा) बारिश हुई है।
- तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सबसे कम बारिश हुई है। तेलंगाना में 71 मिमी (53% कम) और आंध्र प्रदेश में 78 मिमी (26% कम) बारिश हुई है।
- IMD ने बताया है कि जून महीने में देश के पूर्वी हिस्से लू से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 8 राज्यों में 11 से 19 दिनों तक रिकॉर्ड लू चली।
- अमेरिका के नेशनल सेंटर्स फॉर एनवायर्नमेंटल प्रेडिक्शन के मुताबिक, दुनिया में 3 जुलाई का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन बन गया है। इस दिन एवरेज ग्लोबल टेम्परेचर सबसे ज्यादा रहा।
- वैज्ञानिकों ने इसकी वजह अल-नीनो और वातावरण में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) बताई है। पूरी खबर पढ़ें…
अलग-अलग राज्यों से मानसून की तस्वीरें..

मुंबई में बारिश के चलते सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसमें कई गाड़ियां गिर पड़ीं।

गुरुग्राम में बारिश के चलते सड़कों पर पैदल चल रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हिमाचल के ऊना जिले में एक स्कॉर्पियो गाड़ी पानी के तेज बहाव में बह गई। वहीं, करीब 8 से 10 घरों को नुकसान पहुंचा।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में बारिश के बाद कोहरा छाया हुआ है।

गुरुग्राम में तेज बारिश होने से कई लोगों को गाड़ी स्टार्ट करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली के जनकपुरी में बुधवार को एक सड़क धंस गई। हादसे में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़क धंसने से एक गड्ढा हो गया जिसमें एक कार घुस गई।

आगरा में ताजमहल के सामने बारिश में भीगते टूरिस्ट।

नागालैंड के दीमापुर चुमुकेदिमा में एक बड़ी चट्टान ने एक कार को कुचल दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।

केरल के कोच्चि में तेज बारिश के कारण जलभराव हो गया। एर्नाकुलम जिले में 5 जुलाई को स्कूल-कॉलेज बंद करने का आदेश दिया गया है।
देश के सभी राज्यों में कब-कब होगी बारिश
साउथ : देश के दक्षिणी राज्यों में अगले चार दिन तेज बारिश की संभावना है। केरल में 5 जुलाई को ज्यादा बारिश होगी।
वेस्ट : महाराष्ट, कोंकण और गोवा में अगले चार दिन बारिश का अलर्ट है। गुजरात में 6 और 7 जुलाई को बारिश होगी।
ईस्ट और नॉर्थईस्ट : ओडिशा में 5 से 7 जुलाई के बीच काफी बारिश होने की संभावना है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर में भी अगले चार दिन बारिश होगी।
नॉर्थवेस्ट : उत्तराखंड में अगले चार दिन बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 5 जुलाई को तेज बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 5 और 6 जुलाई को बारिश का अलर्ट है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील- UCC का विरोध करें: केरल गवर्नर बोले- ये खुद को खुदा समझते हैं
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर वर्चुअल मीटिंग की। बोर्ड ने लेटर जारी कर लोगों से UCC का विरोध करने की अपील की। इधर, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- मुस्लिम पर्सनल लॉ बनाने वाले खुद को खुदा से कम नहीं समझते। बादशाहों की जरूरत पूरी करने के लिए लिखे कानूनों को शरियत का नाम दिया गया, ये उसी की वकालत करते हैं।
UCC पर छिड़ी बहस के बीच केंद्र सरकार ने 20 जुलाई से मानसून सत्र की घोषणा की है, जो 11 अगस्त तक चलेगा। माना जा रहा है कि सरकार इस दौरान UCC पर विधेयक ला सकती है। वहीं लॉ कमीशन ने 13 जून को नोटिस जारी कर UCC पर लोगों से सुझाव मांगे थे। अब तक 19 लाख जवाब मिले हैं, आप भी अपने सुझाव 13 जुलाई तक दे सकते हैं।
बालासोर हादसे के 34 दिन, 52 शव अब भी लावारिस
ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे के 34 दिन बाद भी 52 शवों की पहचान नहीं हो पाई है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इन शवों को भुवनेश्वर AIIMS कैंपस में डीप फ्रिज कंटेनर में रखा गया है।
6 जून को 81 शवों का DNA सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया। शुक्रवार को इनमें से 30 सैम्पल्स की रिपोर्ट आई और 29 मृतकों की पहचान हुई। इन शवों को उनकी फैमिली को सौंप दिया गया है।
मामले में रेलवे अधिकारी का कहना है कि कुछ शव ऐसे हैं, जिनके एक से ज्यादा दावेदार हैं। अब DNA सैंपल के दूसरे फेज की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
2 जून को ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसा हुआ था। इसमें चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस, हावड़ा जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में टकरा गई थीं। हादसे में 292 लोगों की मौत हुई है। मामले की जांच CBI कर रही है।

रेलवे बोर्ड ने बताया था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकराई, फिर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट कोरोमंडल की बोगियों में भिड़ गई।
अब पढ़िए दो ऐसे केस, जो अपने मृतक परिजन को एक महीने से ढूंढ रहे …
पहला केस: पश्चिम बंगाल के शिव चरण एक महीने से भुवनेश्वर AIIMS में रुके हुए हैं। उनके छोटे भाई कृष्णा की ट्रेन हादसे में ही मौत हो गई थी।उन्होंने भाई के शव को कपड़ों से पहचान लिया है, लेकिन कन्फर्म होने के लिए उनका भी DNA टेस्ट किया गया है।
रिपोर्ट के लिए वे अभी भी इंतजार कर रहे हैं। शिव चरण का कहना है कि वे भाई का शव लिए बिना भुवनेश्वर से नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें धार्मिक नियम से भाई का अंतिम संस्कार करना है।
दूसरा केस: हादसे में पश्चिम बंगाल के ही अन्जरुल हक की मौत हो गई। घर में उनकी पत्नी और 3 छोटे बच्चे हैं, जो उनके शव का एक महीने से इंतजार कर रहे हैं।
मृतक के भाई और साले ने BBC को बताया कि वे भुवनेश्वर AIIMS के हर दिन चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार ही नहीं है।
बालासोर हादसे की वजह सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी
हादसे की जांच CBI कर रही है। एक जांच रेलवे बोर्ड की ओर से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने भी की है। सोमवार को CRS ने 40 पेज की रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी।
रिपोर्ट के मुताबिक, लेवल-क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स के अंदर तारों की गलत लेबलिंग की वजह से ऑटोमेटेड सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी हुई। जो हादसे का कारण बना।
क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स में तारों की गलत लेबलिंग के बारे में सालों तक मालूम ही नहीं चला। मेंटेनेंस के दौरान भी इसमें गड़बड़ी हुई है।

बालासोर में हादसे के बाद बिखरीं शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) और बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12864) की बोगियां।
CRS रिपोर्ट की बड़ी बातें…
- लेवल-क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स के अंदर सारे तार गलत जुड़े थे। उसके चलते ही मेंटेनेंस वर्क के दौरान गड़बड़ी हुई, जिसके चलते गलत फंक्शन इंडिकेट हो रहे थे। इसके बारे में सालों तक पता नहीं चल सका।
- हादसे के लिए सिग्नलिंग डिपार्टमेंट को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। रिपोर्ट में स्टेशन मास्टर का नाम भी है, जो सिग्नलिंग कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी का पता नहीं लगा पाए।
- बालासोर में एक अन्य जगह भी लोकेशन बॉक्स के डायग्राम का इस्तेमाल बहनगा बाजार के लोकेशन बॉक्स के लिए हुआ था। ये एक गलत कदम था, जिसके चलते गलत वायरिंग हुई।
- कोरोमंडल एक्सप्रेस में मेन लाइन के लिए ग्रीन सिग्नल था। जबकि ट्रेन की डायरेक्शन डिसाइड करने वाला सिस्टम गलत तरीके से लूप लाइन की ओर इशारा करता रहा।
- हादसे वाले दिन लेवल क्रॉसिंग पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर को रिप्लेस किया गया था। इस दौरान टर्मिनल पर गलत लेबलिंग के चलते गड़बड़ी हुई थी। ट्रेन को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक तक ले जाने वाले पॉइंट के सर्किट को पहले ही शिफ्ट कर दिया गया था।
- 16 मई 2022 को भी खड़गपुर मंडल के बांकड़ा नयाबाज स्टेशन पर गलत रिंग और तार खराब होने की वजह से एक ऐसी ही घटना हुई थी। तब भी वायरिंग ठीक कर ली जाती तो बालासोर हादसा नहीं होता।
1. ओडिशा ट्रेन हादसा, सिग्नल इंजीनियर के फरार होने की खबर; रेलवे बोला- कोई नहीं भागा

हादसे के करीब 20 दिन बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालासोर पहुंचे। यहां उन्होंने बहनागा बाजार और गांव के लोगों से मुलाकात की।
बालासोर ट्रिपल ट्रेन हादसे की जांच कर रही CBI ने एक जूनियर इंजीनियर से हाल ही में पूछताछ की थी। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया कि जूनियर इंजीनियर पूछताछ के बाद से फरार है। दक्षिण पूर्व रेलवे के CPRO आदित्य कुमार चौधरी ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताया।
2. ओडिशा में तीन ट्रेन टकराईं, रूट पर एंटीकोलिजन सिस्टम नहीं था

यह हादसा इतना भीषण था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की कई बोगियां पूरी तरह पलट गईं थी।
ओडिशा के बालासोर में 2 जून की शाम को बहानगा बाजार स्टेशन के पास तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई। इस टक्कर में 293 लोगों की मौत हो गए, वहीं 1000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाड़ियों के बीच टक्कर रोकने वाला कवच सिस्टम इस रूट पर मौजूद नहीं था।
कुछ अहम खबरें हेडलाइन में…
- पंजाब में फिर अकाली-भाजपा गठबंधन की तैयारी: चंडीगढ़ में SAD कोर कमेटी मीटिंग बुलाई गई; केंद्र में सुखबीर या हरसिमरत मंत्री बनेंगे
- बालासोर हादसे के 34 दिन, 52 शव अब भी लावारिस: 81 DNA सैंपल में सिर्फ 30 की रिपोर्ट आई, इनमें 29 की पहचान हुई
- मणिपुरी फुटबॉलर मेडल सेरेमनी में मैतेई झंडा लेकर पहुंचा: कहा- 2 महीने से हिंसा जारी, शांति चाहिए; सोशल मीडिया यूजर्स बोले- ये राजनीति, एक्शन लो
- वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में टीम इंडिया का ऐलान: हार्दिक पंड्या कप्तान, तिलक वर्मा को मौका; रिंकू सिंह स्क्वाड में नहीं
- पंचायत चुनाव से 3 दिन पहले बंगाल में फिर हिंसा: साउथ 24 परगना में TMC-ISF समर्थकों के बीच बमबाजी; नाबालिग की मौत
- पायलट बोला थका हूं, फ्लाइट छोड़ी: दूसरे पायलट के इंतजार में पैसेंजर्स ने अंताक्षरी खेली; दिल्ली से कोलकाता की फ्लाइट एक घंटे लेट
AI से 40 लाख फर्जी मोबाइल नंबर का पता चला; सबसे ज्यादा फर्जी कनेक्शन बंगाल के
देश की टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने AI का इस्तेमाल कर 87.85 करोड़ मोबाइल कनेक्शन की जांच की। इससे पता चला है कि 40.87 लाख मोबाइल नंबर फर्जी डाक्यूमेंट्स से लिए गए हैं। इसके बाद सरकार ने इनमें से 38 लाख नंबर बंद कर दिए। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 12.14 लाख फर्जी कनेक्शन मिले।
हरियाणा 5.33 लाख, पंजाब में 1.51 लाख तो जम्मू-कश्मीर में 15,194 कनेक्शन फर्जी पाए गए। लेकिन देश में सिर्फ 181 केस दर्ज हुए। बंगाल में एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। सबसे ज्यादा जम्मू-कश्मीर में 86, तो सबसे कम दिल्ली में 1 केस दर्ज किया गया।





