अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

श्रद्धांजलि…. जन सेवा को समर्पित डॉक्टर प्रोवीर सरकार

Share

नर्मदा परिक्रमा मार्ग में आने वाले धार्मिक ,ऐतिहासिक ,पौराणिक स्थलों के दर्शन सभी करते हैं l लेकिन हमारी इच्छा स्वामी विवेकानंद की शिक्षा को आत्मसात करने वाले उस दिव्य पुरुष से मिलने की थी जिसने अपने पूरा जीवन अमरकंटक में रहकर जनसेवा को समर्पित कर दिया l उस दिव्य पुरुष का नाम है डॉ. प्रोवीर सरकार l जिन्हें सभी लोग प्यार से बाबूजी कहते हैं l
मित्र अरुण दनायक जी बाबूजी के सम्पर्क में थे और उनके कार्यों की जानकारी उनके मार्फ़त लगातार मिलती रहती थी l जब नर्मदा परिक्रमा की सूचना अरुण भाई साब को हुई तो उन्होंने हमसे आग्रह किया कि आप लोग ग्राम पौण्डकी में बाबूजी द्वारा स्थापित माँ शारदा कन्या विद्यापीठ में ही रुकें और बच्चों के साथ विज्ञान प्रयोग और शैक्षिक वार्तालाप करें l हम 9 मार्च को अमरकंटक से 16 किलोमीटर दूर ग्राम पौण्डकी में विद्यालय के अतिथि गृह में ठहरे हुए है lआज सुबह सुबह बच्चों के रोने की आवाज़ सुनकर नींद खुली l बाहर आकर देखा तो छात्रावास के सब बच्चे ही नहीं टीचर और अन्य स्टाफ के लोग रो रहे थे l यह दृश्य देखकर हम हतप्रभ रह गए l वजह थी विद्यालय के संस्थापक डॉ प्रवीर सरकार की मौत l डॉ प्रावीर दा का रात 12 बजे कोलकत्ता में निधन हो गया l वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे l
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित बाबूजी ने श्री रामकृष्ण विवेकानंद सेवाश्रम के माध्यम से अमरकंटक से 16 किलोमीटर दूर माँ शारदा कन्या विद्यापीठ स्थापित किया l जिसमे वैगा व गौंड जनजाति की बालिकाएं पढ़ती है l विद्यालय आवासीय है l मित्र अरुण दनायक बताते है कि स्कूल के पांच कमरे और एक प्राचार्य कक्ष उन्होंने जनसहयोग से, थोड़ी थोड़ी राशि एकत्रित कर बनवाये हैं I दक्षिण पूर्व कोयला परियोजना  के एक महाप्रबंधक ने सहयोग का आश्वासन दिया था, लेकिन अचानक उनका स्थानान्तरण हो गया तो नीचे फर्श का काम अटक गया I इसी काम को ठेकेदार ने पूरा करने का आश्वासन इस शर्त के साथ दे दिया कि  जब रुपया आ जाये तो दे देना और उन्होंने ने भी ईश्वर के भरोसे हाँ कह दी I आश्रम में भारतीय जीवन बीमा निगम  और दक्षिण पूर्व कोयला परियोजना के सहयोग से दो भवन बनाए गए हैं जिनमे एक सौ छात्राएं निवास करती हैं I मदनलाल शारदा फैमली फ़ाउंडेशन ने चालीस पलंग व दो अति आधुनिक शौचालय बनवाकर आश्रम को दिए हैं I आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि फ़ाउंडेशन के कर्ता-धर्ता डाक्टर शारदा उनसे आजतक प्रत्यक्ष नहीं मिले हैं, केवल फोन पर चर्चा हुई है I जयपुर के एक जैन परिवार ने अपनी माता स्वर्णा देवी  की स्मृति में चिकित्सालय हेतु भवन बनवाकर दिया है और होम्योपैथिक व एलोपैथिक दवाइयों के मासिक खर्च की प्रतिपूर्ति करते हैं I भारतीय स्टेट बैंक अमरकंटक व  पूर्व सांसद मेघराज जैन ने एक-एक एम्बुलेंस दान दी है, जिसका प्रयोग पैसठ ग्रामों में निवासरत विलुप्तप्राय बैगा जनजाति के आदिवासियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में होता है I स्कूल के सामने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा एक मंदिर में स्थापित है और समीप ही छात्राओं के भोजन हेतु हाल व रसोईघर है I कुछ निर्माण कार्य चल रहे हैं , एक हाल बनाया जा रहा है, जहाँ हथकरघा स्थापित किया जाएगा ताकि आदिवासियों को  स्वरोजगार उपलब्ध हो सके I पांच गायों की गौशाला है, फलोद्यान है, साग-सब्जी का बगीचा है  I यह सब कुछ जनसहयोग  से हुआ है I और इसको मूर्तरूप दिया है पांच फूट के दुबले-पतले डाक्टर प्रबीर सरकार ने जो 1995 में जेब में  1040/- रुपया लेकर यहाँ आये थे और ‘माई की बगिया’ में एक झोपडी में रहकर आदिवासियों की सेवा करने लगे I इसीलिये स्वामी विवेकानंद के इस भक्त को मैंने ‘अमरकंटक का भिक्षुक’ कहा है I वे जब चर्चा करते हैं तो स्वामीजी के अमृत वचन भी सुनाते रहते हैं, आप भी आत्मविभोर होकर पढ़िए :“ नाम, जश, ख्याति, प्रतिपत्ति, पद, धन, सम्पत्ति, सबकुछ केवल कुछ दिन के लिए है I वह व्यक्ति सच्चा जीवन बिताता है जो दूसरे के लिए अपना जीवन समर्पण करता है Iहमारा सौभाग्य है कि हम अपनी नर्मदा परिक्रमा के दौरान शारदा विद्यापीठ के परिसर में बने अतिथि भवन में रुके है l लेकिन दुर्भाग्य यह रहा कि बाबूजी से भेंट नहीं हो सकी l आज उनके निधन की खबर के बाद अब उनसे कभी भेंट नहीं हो सकेगी l वे अपने  सेवा कार्य और समर्पण माध्यम से हमेशा जीवित रहेंगे lबाबूजी डॉ. प्रोवीर सरकार की स्मृतियों को शत शत नमन ★ गोपाल राठी ★ गजानंद यादव ★Arun Danayak  Gajanand Yadav

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें