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युद्ध और लंबा खिंचने का खतरा:अली खामेनेई को मारकर भी ईरान से हार गए ट्रंप?

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तारीख 2-3 जनवरी 2026 की दरमियानी रात. ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व और अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही देश और घर में घुसकर हिरासत में ले लिया. साथ में उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया. सुबह खबर आग की तरह फैली और अमेरिका की बादशाहत दुनिया ने सुनी. रूस को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या सच में रूस के पास कुछ ताकत बची भी है, जो चार साल से एक छोटे से देश यूक्रेन से लड़ता चला जा रहा है. रूस क्यों नहीं अब तक ऐसे ही वोलोदिमिर जेलेंस्की को पकड़ पाया? ट्रंप को लगा कि ईरान ये युद्ध ज्यादा दिन नहीं झेल पाएगा, इसलिए वो कहने लगे कि अब जब तक ईरान पूरी तरह सरेंडर नहीं करता तब कर युद्ध नहीं रुकेगा. ईरान में नया नेता भी उनकी मर्जी का होगा.

जोश में फिर हमला

फिर 28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर अचानक हवाई हमले किए. इन हमलों में ईरान के परमाणु और मिसाइल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया. इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई अधिकारी मारे गए. दुनिया सन्न रह गई. अमेरिका की ताकत देख दुनिया का हर नेता और सेना तो चौंक और डर ही रहे थे, आम इंसान भी सहम गए. सबके मन में एक सवाल तो क्या अब अमेरिका किसी दिन उनके देश के साथ ऐसा ही करेगा?

जवाब 24 घंटे में मिला

जवाब 24 घंटे में ही आने शुरू हो गए. ईरान को वेनेजुएला समझे क्या ट्रंप बाबू? ईरान के पास ऐसी मिसाइलें या लड़ाकू विमान नहीं थे कि वो सीधे अमेरिका पर हमला कर पाता. उसने तोड़ निकाला या शायद पहले से निकाल कर रखे हुए था. उसने अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले करने शुरू किए. इजरायल पहला टारगेट था और दूसरे अरब मुल्क. जहां अमेरिका ने अपने सैन्य अड्डे बनाए हुए थे. ईरान पर हमले होते रहे और वो पलटवार करता रहा. अमेरिका के दोस्तों पर हमले हुए तो वो अमेरिका को कोसने लगे. उनका व्यापार ठप हो गया. रही सही कसर  होर्मुज को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया. वहीं होर्मुज जहां से अधिकांश देशों का तेल-गैस आता-जाता है. इससे दुनिया भर के देश प्रभावित होने लगे. उनके यहां तेल-गैस की किल्लत होने लगे. वो भी अमेरिका से जल्द युद्ध समाप्त करने की बात कहने लगे.

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कैसे लगा झटका

ट्रंप को लगा कि ईरान ये युद्ध ज्यादा दिन नहीं झेल पाएगा, इसलिए वो कहने लगे कि अब जब तक ईरान पूरी तरह सरेंडर नहीं करता तब कर युद्ध नहीं रुकेगा. ईरान में नया नेता भी उनकी मर्जी का होगा. ईरान को ये बात चुभ गई. उसे लग गया कि ये सारा खेल अपनी मर्जी के आदमी को ईरान की गद्दी पर बैठाने की है. अब तक अपनी ही सरकार के विरोध में खड़े ईरान पूरी तरह से एकजुट होने लगे. ईरान ने अपना नया नेता भी चुन लिया. नेता भी चुना अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को. ट्रंप ने फिर धमकी दी. मगर अब वो धीरे-धीरे इस युद्ध में थकने लगे थे. बृहस्पतिवार को युद्ध के 13 दिन बीत गए. ईरान झुकने को तैयार नहीं दिखा. ट्रंप कहने लगे कि अमेरिका ने अपना ईरान में हर टारगेट पूरा कर लिया है. जल्द युद्ध खत्म होगा.

Ramswaroop Mantri

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