रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात से चंद घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन के नेताओं से बात की. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, पोलैंड के नेताओं ने साफ कहा कि यूक्रेन की जमीन की अदलाबदली नहीं होनी चाहिए. किसी भी कीमत पर यूक्रेन के आत्मसम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बातचीत के लिए 5 शर्तें रखी हैं. ट्रंप ने इस बातचीत को 10 में से 10 नंबर दिए हैं. ये भी कहा कि वे यूक्रेन को हर मदद देने के लिए तैयार हैं. साथ ही पुतिन को धमकी दी कि अगर नहीं मानेंगे तो गंभीर नतीजे होंगे. लेकिन सबसे बड़ा सवाल क्या पुतिन ये शर्तें मानेंगे?
ट्रंप से बातचीत के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा- हम चाहते हैं कि सिर्फ ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत हो, लेकिन कोई डील तभी हो जब जेलेंस्की भी उसमें शामिल हों. हम चाहेंगे कि ऐसी बातचीत यूरोप में हो. जेलेंस्की खुद भी चाहते हैं कि वे बातचीत में शामिल हों. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, यूक्रेन के लिए ब्रिटेन का समर्थन अटूट है. रूस के साथ किसी भी शांति समझौते में पहली शर्त यही होनी चाहिए कि सुरक्षा की गारंटी मिले.
जमीन अदलाबदली पर कोई बात न हो
पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने एक्शन की बात की. उन्होंने कहा- रूस को रोकना तभी संभव है जब उस पर कड़ा एक्शन हो. फिनलैंड के राष्ट्रपति का कहना है कि अगले कुछ दिन ‘निर्णायक’ हो सकते हैं. यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, हमसे ज्यादा शांति कोई नहीं चाहता लेकिन सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए. नाटो ने कहा- गेंद अब पुतिन के पाले में है. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने भी कहा कि रूसी क्षेत्रीय कब्जे को कानूनी रूप से मान्यता देने का कोई सवाल ही नहीं है. यूरोपीय यूनियन के लगभग सभी नेता यही चाहते हैं कि जमीन अदलाबदली पर कोई बात न हो.
जेलेंस्की ने बातचीत के लिए 5 शर्तें रख दी हैं.
1. रूस को यूक्रेन की एक इंच भी जमीन नहीं दी जा सकती. रूसी कब्जे की कानूनी मान्यता पर बहस नहीं होनी चाहिए.
2. डील में यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा की गारंटी होनी चाहिए.
3. बातचीत ‘अटलांटिक पार’ होनी चाहिए और यूक्रेन को इसमें शामिल किया जाना चाहिए
4. कोई भी समझौता हो उसमें यूक्रेन के लोगों को शामिल होना चाहिए.
5. जब तक रूस अलास्का में कदम नहीं उठाता, अमेरिका और यूरोपीय संघ को दबाव बढ़ाना चाहिए.
ट्रंप की पुतिन को धमकी
जब ट्रंप से पूछा गया कि यदि पुतिन शुक्रवार की बैठक के बाद युद्ध रोकने पर सहमत नहीं होते हैं तो क्या रूस पर कोई एक्शन होगा? जवाब में ट्रंप ने कहा- हां उन्हें गभीर नतीजे भुगतने होंगे. इसके बाद जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या इसके परिणाम स्वरूप प्रतिबंध या टैरिफ लगाए जाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा- मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है. इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे.





