इंदौर
पिछले दिनों शराब ठेकेदारों में हुए गैंगवार में सिंडिकेट के ऑफिस में ठेकेदार अर्जुन ठाकुर पर गोलियां चलाने वाले मुख्य शूटर रितेश करोसिया और चिराग ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके सहित अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

पुलिस ने घटनाक्रम के कई बार वीडियो फुटेज देखे तो उसमें रितेश करोसिया अर्जुन पर गोली चलाते हुए साफ नजर आया। पुलिस उसके सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी जिसके लिए कई टीमें जुटी थी। इस बीच सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि रितेश शिप्रा पुल के पास से गुजरने वाला है। इस पर पुलिस ने नजर रखी तो वह एक ट्रक में दिखा। उसकी घेराबंदी को तो वह तेज रफ्तार ट्रक से कूदा तो उसके हाथ-पैर में चोट आई। इसके बावजूद उसने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया।
ऐसे ही आरोपी चिराग ठाकुर के बारे में पुलिस को सूचना मिली कि वह रतलाम में फरार काट रहा है। इस पर टीम वहां भेजी गई और उसे योजनाबद्ध तरीसे से पकड़ लिया। आरोपी ने घटना के बाद राजस्थान के कई जिलों में फरारी काटी और उज्जैन भी गया व वहां से रतलाम आया तो पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ कई केस दर्ज हैं। आरोपी चिराग ठाकुर तो कुछ साल पहले हुई एक हत्या के मामले में भी आरोपी रहा है। तब अस्पताल में जितेंद्र पिता लक्ष्मीनारायण उर्फ जेडी नामक गुंडा भर्ती था। उसकी हत्या करने के लिए चिंटू ठाकुर, नरेंद्र, मोनू पारिख, सुजीत, विक्का और किशोर भाऊ नामक गुंडे गए थे। गुंडों ने तीसरी मंजिल पर एक वार्ड में भर्ती मरीज पर गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी लेकिन वह जेडी नहीं बल्कि रामदयाल नामक एक अन्य मरीज था। दरअसल तब कुछ देर पहले ही जेडी का बेड बदल दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चालान पेश किया था। इसमें भी तब चिंटू के साथ रितेश का नाम भी आया था। बहरहाल, इस केस में 45 गवाहों के बयान भी हुए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं हुआ और कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया।
हेमू, एके सिंह और पिंटू भाटिया गिरफ्त से दूर
पुलिस अब मुख्य रूप से फरार हेमू ठाकुर की तलाश कर रही है। घटना के दौरान वह भी भाई चिंटू के साथ था। ऐसे ही एके सिंह और पिंटू भाटिया भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। हेमू के मामले में पुलिस को कुछ सूत्र मिले हैं जिनके आधार पर उसकी घेराबंदी की जा रही है।




