इंदौर
इंदौर में 15 जून की रात बजरंगदल कार्यकर्ताओं की पिटाई वाले वीडियो तो खूब वायरल हुए। पर दो नए वीडियो ऐसे हैं जो पुलिस की पूरी जांच की दिशा बदल सकते हैं। इन वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि पुलिस के सामने प्रदर्शनकारी बजरंगी चलते ट्रैफिक के बीच पहले पत्थरबाजी करते हैं इसके बाद पुलिस जवाबी कार्रवाई करने दौड़ती है।
एक वीडियो में बजरंगियों से घिरी महिला पुलिस अधिकारी को बचाने के लिए दूसरे पुलिस अधिकारी मैदान संभालते हैं तो कुछ बजरंगी अफसरों की न केवल कॉलर पकड़ते हैं बल्कि धक्का-मुक्की भी करते हैं। दोनों वीडियो पुलिस अफसरों ने जांच के दौरान एडीजी विपिन माहेश्वरी को मंगलवार को सौंपे हैं।
पहला CCTV : गिरफ्तारी की बात पर भड़के बजरंगी, सभी से घिरी थीं एसीपी

यह सीसीटीवी पुलिस अफसरों ने एडीजी को सौंपा है। इसमें बजरंग दल कार्यकर्ता डीसीपी भदौरिया की कॉलर पकड़ते और उनसे झूमाझटकी करते नजर आ रहे हैं।
15 जून की रात 9 बजे बजरंग दल के कार्यकर्ता पलासिया थाने पहुंचे। वे कमिश्नर मकरंद देउस्कर को ज्ञापन देना चाहते थे। उनके नहीं आने पर सभी सड़क पर बैठ गए। करीब पौन घंटे तक वे सड़कों पर जमे रहे। इस दौरान वहां मौजूद ACP पूर्ति तिवारी ने उन्हें हटने के लिए कहा।
कार्यकर्ताओं ने दोहराया कि पुलिस कमिश्नर आ जाएं तो उन्हें ज्ञापन देकर हट जाएंगे। इस पर एसीपी तिवारी ने कहा कि नहीं हटेंगे तो आप लोगों को गिरफ्तार करना पड़ेगा। इस बात से बजरंगी उग्र हो गए। और गिरफ्तारी देने की बात करने लगे। इस दौरान बजरंगियों को ले जाने के लिए पुलिस की बसें बुलवाई गईं।
कुछ बजरंगी तो बसों में बैठ गए। लेकिन कुछ पुलिस के वाहन के आगे सड़क पर ही लेट गए। इस समय ACP पूर्ति तिवारी दोनों तरफ से बजरंगियों से घिरी हुई थीं। DCP धर्मेन्द्र भदौरिया महिला अफसर को बचाने के लिए भीड़ के दूसरे हिस्से में पहुंचे। जहां उन्होंने बस के सामने और गेट पर लेटे बजरंगियों को उठाना शुरू किया।

पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद बस में बैठाया। कुछ ने इंकार कर दिया और वे बस के आगे ही लेट गए।
इस दौरान कुछ बजरंगियों ने DCP धर्मेन्द्र भदौरिया की कॉलर पकड़ ली। उन्हें दो बार धक्का दिया। यह देखते ही पुलिसकर्मियों और टीआई ने DCP को बचाने के लिए भीड़ को तितर-बितर करते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इससे गुस्साए बजरंगियों ने पुलिस को अपशब्द कहे और इधर-उधर भागने लगे। यहां बीच में घिरे बजरंगियों की पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी। इस CCTV में कुछ अफसर पुलिसकर्मियों को पिटाई करने से रोकते नजर आ रहे हैं।
दूसरा CCTV : पुलिस ने रोका तो पथराव कर भागने लगे

यह वो सीसीटीवी है जिसमें बजरंग दल कार्यकर्ता पुलिस पर पथराव करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद ही पुलिस इनके पीछे दौड़ी और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। कुछ कार्यकर्ता रेसकोर्स रोड, 56 दुकान की ओर भागे।
दूसरे सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि एक छोर से पुलिस बजरंगियों को सड़क से दूर करने का प्रयास कर रही थी। ताकि पलासिया चौराहे पर ट्रैफिक में बाधा न आए। तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क से पत्थर उठाकर पुलिस को मारना शुरू कर दिया। इसमें महिला अफसर भी घायल होते हुए बची।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बजरंगियों ने सड़क पर टंगे होर्डिंग, झंडे, बैनर की लकड़ियां और तख्तियां भी पुलिस पर फेंकी गई। इसके बाद पुलिस उनके पीछे लट्ठ लेकर दौड़ पड़ी। यहां से बजरंगी न्यू पलासिया की ओर से रेसकोर्स रोड और 56 दुकान की तरफ भागे। यहां भी पथराव किया।
इस दौरान एक पुलिसकर्मी संदीप सिंह को चोटें आईं। बाद में तीन अन्य पुलिसकमियों को भी चोट आई और इससे उनकी तबीयत बिगड़ी। पुलिस ने सभी का मेडिकल परीक्षण कराया।

समझाने के बाद भी नहीं माने तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि अफसर पुलिसकर्मियों को ऐसा करने से मना करते भी नजर आए।
डीसीपी विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी, उनसे झूमाझटकी पर बढ़ सकती है धाराएं
DCP जो कि विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का दर्जा प्राप्त सीनियर अफसर है उनके साथ मारपीट करने के मामले में बजरंग दल के पदाधिकारी ओर कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं बढ़ सकती है। जिसमें बजरंगियों को बढ़ी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है। ADG विपिन माहेश्वरी की जांच के बाद CCTV के आधार पर पुलिस अफसर कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।
अभी तक 8 बजरंगियों के बयान, टीआई भी मंगलवार को पहुंचे आफिसर्स मेस
ADG विपिन माहेश्वरी बजरंग दल के आठ कार्यकर्ताओं के बयान ले चुके हैं। इन कार्यकर्ताओं ने अपनी पिटाई और पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज के वीडियो एडीजी को सौंपे हैं। वहीं मंगलवार को घटनाक्रम के दौरान मौजूद रहे टीआई ने भी ऑफिसर्स मेस पहुंचकर बयान दर्ज कराए हैं।
यह था पूरा मामला
नशे को प्रतिबंधित करने के लिए 15 जून को ज्ञापन देने पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर किया। इस दौरान उन्हें हटाने के चलते पुलिस को लाठिया भांजना पड़ी। बजरंग दल कार्यकर्ता राजेश बिजवे, तन्नु शर्मा सहित कई पदाधिकारी घायल हो गए। पुलिस ने देर रात उनका मेडिकल परीक्षण कराया।
पलासिया टीआई संजय सिंह बैस की रिपोर्ट पर करीब 250 कार्यकर्ताओं पर बलवा सहित कई धाराओं मे केस दर्ज किया। मामले में सरकार ने पुलिस अधिकारियों को हटा दिया है। और घटनाक्रम की जांच का जिम्मा एडीजी विपिन माहेश्वरी को सौंपा है।





