मध्य प्रदेश में जंगलराज के लिए जिम्मेदार मुख्यमंत्री ओर गृहमंत्री से इस्तीफे की मांगइंदौर। इंदौर नीमच, उज्जैन हाटपिपलिया महिदपुर रीवा सतना आदि में हो रही माबलिचिंग की घटनाओं पर सोशलिस्ट पार्टी इंडिया की मध्यप्रदेश इकाई ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह के नेतृत्व में जंगलराज चल रहा है । सरकार की कानून व्यवस्था से पकड़ छूट गई है तथा माफिया और गुंडों को सरकार का संरक्षण है । इसी के चलते अफसरशाही भी ऐसे तत्वों पर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है । इंदौर सहित पूरे प्रदेश में मांब्लीचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को सरकार का संरक्षण है और वह सत्ता दल के जुड़े हुए भी हैं ,ऐसे में लोगों का सरकार से भरोसाड उठ रहा है । पार्टी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है ।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने आज जारी एक बयान में कहा कि इंदौर में चूडी वाले, देवास केे हाटपिपलिया में फेरी लगाकर जीरा बेचनेेे वाले, महिदपुर में कबाड़ी के साथ मारपीट की घटनाएं प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान है । ऐसे में गृहमंत्री का अपराधियों को उसके संरक्षण में बयान देना भी चिंता जताता है । आपने सभी घटनाओं की न्यायिक जांच कराने और कानून व्यवस्था की बदहाली के लिए प्रदेश के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की है ।
उन्होंने कहा कि 6 से 8 महीने पहले इंदौर, मंदसौर, उज्जैन में साम्प्रदायिक घटनाएं हुई थीं. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन भी राज्य सरकार नहीं कर रही है और आप अल्पसंख्यकों दलितों और आदिवासियों पर लगातार दबंगों द्वारा हमले किए जा रहे हैं तथा अपने मनमाने तरीके से उन पर दबाव बनाकर उन्हें मजबूर किया जा रहा है मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को बताना चाहिए कि क्या उनकी सरकार ने इन दबंगों और असामाजिक तत्वों को जो सत्ता दल के नजदीक हैं उन्हें इस तरह के अधिकार दिए हैं कि वे अपनी मनमर्जी का कानून चला सके तथा लोगों से कह सके कि आप गांव में मत आएं. कबाड़ी वाला, चूड़ी वाला गरीब काम कर रहा है या मुस्लिम होना संविधान के खिलाफ है, अपराध है.
उन्होंने कहा संघ, बजरंग दल, भाजपा के लोग ऐसी घटनाओं के वीडियो बनाते हैं जिससे मुस्लिमों में दहशत फैला सकें. आपने मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए तथा जो वीडियो जारी किए जा रहे हैं उनकी भी फॉरेंसिक जांच करा कर ऐसे भड़काऊ वीडियो जारी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाना चाहिए





