विजय दलाल
*2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का असली मुकाबला नकली बांड से नहीं है। अगर 400 और आर पार के चुनावी शगुफे और चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले जनता के धन से 500 चुनावी यात्राओं के बाद भी मोदीजी को एनडीए के नाम पर लगभग 45-50 दलों की और देशभर के हजारों दलबदलुओं की जरूरत की दिन रात मशक्कत करना पड़ रही है तो समझ लो सत्ता जाने का कितना डर है। बीजेपी की फिल्म “झूठों के सरताज” के एकल अभिनय में माहिर ने INDIA गठबंधन का जबरदस्त सफल मेगा शो देखा तो घबराहट में वही अब तक कामयाब फार्मूला “शक्ति” का ले आए इस विश्वास के साथ के पुरा मीडिया उस झूठ को खुब चलाएगा।
राहुल गांधी ने कौन सी शक्ति की बात की है टीवी चैनल से तो सवाल ही नहीं हिंदी का प्रिंट मीडिया भी नहीं चलेगा और फिर से वोटों के लिए झूठ चल जाएगा।
बाकी तो छोड़िए दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्र मोदीजी के शक्ति पर भाषण को छापकर साथ में राहुल गांधी ने कौन सी शक्ति की बात की थी न छाप कर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे साहब का बयान छापकर अपने को तटस्थ बताने की कोशिश करते हुए मोदीजी के सरेआम झूठ को चलाया है।
*इस चुनाव में आज विपक्ष के सामने मोदी सरकार से ज्यादा बड़ी चुनौती मीडिया, चुनाव आयोग और ईवीएम है।*
*चुनावी बांड के विश्व के अब तक के सबसे बड़े सरकारी संस्थागत घोटाले को हिंदी मीडिया पुरी तरह से छुपा कर मोदी सरकार फिर से चुनाव जीतने में मदद कर रहा है।*
वैसे तो मुम्बई में शक्ति को लेकर दिया हुआ बयान यूट्यूब पर की वीडियो में आ रहा है मगर रविश कुमार ने समग्र विषय पर विस्तार से जानकारी दी है।
*और जापान में इस घोटाले के मुकाबले तो बहुत छोटे से मामले पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का वीडियो भी है और अंतर देखें दुनिया के लोकतंत्र के असली प्रहरियों और “जुमले नाथ विश्व गुरु में।* सुनें और देश को भारतीय चंदा पार्टी के कारनामों से देश को बचाएं।





