किसानों ने एमएसपी के लिए कई राज्यों में एमएसपी गारंटी सप्ताह के दौरान कार्यक्रम आयोजित किए*
*एसकेएम ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर, यानी व्यापक लागत (सी2) का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई*
आज, संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी गारंटी सप्ताह के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए अपने संघर्ष की शुरूवात की । एमएसपी गारंटी सप्ताह 11 से 17 अप्रैल तक पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों, बैठकों और गोष्ठीयों के साथ मनाया जाना है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य, यानी व्यापक लागत (C2) का डेढ़ गुना, 26 नवंबर 2020 को शुरू हुए किसान आंदोलन से बहुत पहले से ही किसानों की मांग रही है, और आंदोलन की प्रमुख मांगों में से एक थी। एसकेएम और केंद्र सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता के दौरान भी एमएसपी की कानूनी गारंटी छह प्रमुख मुद्दों में से एक थी। यह केंद्र सरकार द्वारा 9 दिसंबर, 2021 को अपने पत्र में एसकेएम को दिए गए प्रमुख आश्वासनों में भी एक था, जिसके आधार पर दिल्ली मोर्चा हटाया गया था। फिर भी, चार महीने बाद भी, केंद्र सरकार ने एमएसपी की कानूनी गारंटी पर चर्चा के लिए एक समिति नहीं बनाई है।

केंद्र सरकार द्वारा इस बेईमानी पर, एसकेएम ने 31 जनवरी को और फिर 21 मार्च को, देशव्यापी विरोध और भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के साथ “वादाखिलाफी दिवस” मनाया।
एमएसपी गारंटी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही किसानों ने एमएसपी के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कई राज्यों में एमएसपी गारंटी सप्ताह के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पंजाब के मोहाली, फिरोजपुर, फाजिल्का और गुरदासपुर जिले में एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए डीएम और एसडीएम द्वारा प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। मध्य प्रदेश के रीवा में बिछिया नदी से एमएसपी के लिए जल सत्याग्रह शुरू किया गया। सप्ताह भर चलने वाला यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगा और त्योंथर में 17 अप्रैल को किसान महापंचायत के साथ समाप्त होगा। इंदौर सहित मध्यप्रदेश के अनेक जिलो में एम एस पी पर खरीद सुनिश्चजित करने संबंधी ज्ञापन सौंपा। कुरूक्षेत्र के ठोल में अनाज मंडी में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। पुणे में एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। कल मैसूर में एक ऐसा ही सेमिनार आयोजित किया जाएगा। एमएसपी की मांग को लेकर कल से पटना में दो दिवसीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल में भी विरोध, प्रदर्शन, सेमिनार आयोजित किए गए और आने वाले दिनों में ऐसे अन्य कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।

संयुक्त किसान मोर्चा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर, यानी व्यापक लागत (सी 2) का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग दोहराता है। संयुक्त किसान मोर्चा ने देश के किसानों से इस लड़ाई में एक साथ आने और एमएसपी के लिए देशव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।
*जारीकर्ता* -डॉ दर्शन पाल, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, शिवकुमार शर्मा (कक्का जी), युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव
*संयुक्त किसान मोर्चा*





