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भोपाल में राहुल की किसान चौपाल में दिखी अभूतपूर्व एकजुटता 

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  -सुसंस्कृति परिहार 

देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह के मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने जिस तरह जवाहर चौक पर चौपाल का आयोजन किया और प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। वह इसलिए महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि राहुल गांधी ने अपने उद्बोधन में वे सब सरकार के कृत्य सामने लाए जिन्हें सौ फीसदी गोदी मीडिया कभी भी मुखरता से सामने नहीं लाता है।

राहुल गांधी ने आज जिस तरह से देश से जुड़ी तमाम समस्याओं का खुलासा किया तथा यह भी बताया के मीडिया की तरह उनकी आवाज़ को सदन में नहीं सुनने दिया जाता।जबकि दोनों को जनता की आवाज़ सुनना चाहिए।

विदित हो ,भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में किसान महाचौपाल आयोजित की थी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस महा चौपाल में शामिल हुए। प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दौरान सरकार पर जमकर हमला किया। 

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील में प्रधानमंत्री ने देश को बेच दिया।उन पर  एपस्टीन फाइल अडानी के घोटाले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का भारी दबाव है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश का डेटा सौंपा गया, किसानों, टेक्सटाइल उद्योग और रोजगार को नुकसान पहुंचाया गया, जो शर्म की बात है।मोदी ने किसानों को खत्म करने ये काम किया है। हमारा डेटा दिया। टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को खत्म किया। अब कहते हैं हम बांग्लादेश की मदद करेंगे। टेक्स्टाइल में जीरो परसेंट टैक्स लगाएंगे। हमारा मंत्री कहता है कि हिंदुस्तान अमरीका से कपास खरीदेगा तो टैक्स जीरो। ट्रंप कहता है कि हर साल हिंदुस्तान को नौ लाख करोड़ रुपए का माल अमरीका से खरीदना पड़ेगा। पांच साल के लिए।राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील में प्रधानमंत्री ने देश को बेच दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश का  जो डेटा सौंपा गया है उससे, किसानों, टेक्सटाइल उद्योग और रोजगार को  भारी नुकसान पहुंचेगा, जो शर्म की बात है।

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह डील चार महीने तक इसलिए अटकी रही क्योंकि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोयाबीन, कपास, मक्का और दाल जैसी कृषि उपज भारत में बेचें।

उनका आरोप है कि लोकसभा में भाषण के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने बिना कैबिनेट से चर्चा किए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर डील पर सहमति जता दी।

 राहुल  गांधी ने कहा कि इस बात का जिक्र खुद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद से बाहर निकलने के बाद प्रधानमंत्री ने अगले दिन बहाना बनाया कि उन पर हमला होने वाला था, जबकि असल वजह संसद में जवाब देने से बचना था।

राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का हवाला देते हुए चीन मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि किताब में लिखा है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा के भीतर आ रहे थे तब जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा था कि उनका आदेश क्या है। राहुल का आरोप था कि जब जवाब देने का समय आया तब प्रधानमंत्री सामने नहीं आए। नरवणे साहिब को उलझा दिया।

इस महापंचायत में 1 लाख से ज्यादा किसानों की मौजूदगी का दावा किया है।यह कितना असर डालता है ,किंतु राहुल गांधी जिस तरह बेबाक तरीके से बातों को रखा है उससे सरकार विरोधी वातावरण ,सभा स्थल से निकलते लोगों की बातचीत से तो बराबर महसूस किया गया। राहुल गांधी को सुनने को बेताब लोगों को पुलिस का भारी दबाव भी झेलना पड़ा लेकिन उनके कदम पीछे नहीं हटे। राहुल गांधी की यह गूंज प्रदेश ही नहीं भारतवर्ष के किसानों की आवाज़ बनेगी।ऐसी उम्मीद बंधती नज़र आ रही है।

Ramswaroop Mantri

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