इंदौर
इंदौर में जन आर्शीवाद यात्रा में हंगामा और विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को जहां शहर में यात्रा का जमकर विरोध हुआ था वहीं गुरुवार को जिले की सांवेर विधानसभा में निकल रही जन आशीर्वाद यात्रा में विवाद हो गया। दरअसल, अरविंदो नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट को यात्रा के दौरान ज्ञापन देने के लिए आए थे। लेकिन सिलावट ने स्टूडेंट्स को पहले मंच और बाद में यात्रा के वाहन से दुत्कारते हुए नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी विद्यार्थी लामबंद होकर कैलाश विजयवर्गीय से मिलने के लिए यात्रा में घुसे तो पुलिस प्रशासन और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्टूडेंट्स से बदतमीजी करते हुए उन्हें यात्रा से बाहर कर दिया।

विरोध कर रहे स्टूडेंट्स ने बीजेपी नेताओं और पुलिस प्रशासन पर मारपीट का आरोप लगाते हुए बीजेपी मुर्दाबाद और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्टूडेंट वैष्णवी कौशल ने बताया कि हम ज्ञापन देने आए थे। लेकिन वहां पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं और पुलिस द्वारा हमें मारा गया और हमारे साथ बदतमीजी की गई।
बताया जा रहा है कि 150 से ज्यादा स्टूडेंट ज्ञापन देने के लिए अरविंदो के सामने जमा हुए थे। यात्रा में ज्ञापन सौंपने वाले स्टूडेंट्स अरविंदो कॉलेज के बीएससी नर्सिंग में पढ़ने वाले बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि अरविंदो कॉलेज हमारी 4 साल से एग्जाम नहीं करा रहा है, इसलिए हम ज्ञापन सौंपने जन आशीर्वाद यात्रा में आए थे।

विजयवर्गीय ने कहा कि ऐ बच्चों सुन लो हमारी बात
जन आशीर्वाद यात्रा में जब हंगामा हुआ और यात्रा का विरोध हुआ तब यात्रा के रथ में राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, गुजरात सरकार के गृह मंत्री हर्ष संघवी और प्रदेष शासन के मंत्री तुलसी सिलावट मौजूद थे। हंगामा कर रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ऐ बच्चों सुन लो हमारी बात हमनें तुम्हारी मांग सुन ली है। तुम्हारी बात सरकार तक पहुंचा देंगे। ऐ बच्चों हम सराफत से बात कर रहे हैं।
इधर, करणी सेना को किया गिरफ्तार
सांवेर चौराहे पर करणी सेना ने भी जन आशीर्वाद यात्रा का विरोध करते हुए नारे लगाए। सेना के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा कि मोदी से बेर नहीं मामा तेरी खैर नहीं। करणी सेना के प्रद्युम्न सिंह चौहान ने बताया कि हम जन आशीर्वाद यात्रा को काले झंडे दिखाने के लिए सांवेर चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे थे। तभी पुलिस हमें गिरफ्तार करके आईपीएस कॉलेज ले गई।
यहां पर हमें 3 घंटे बैठा कर रखा गया। यात्रा के विरोध में हम यह प्रदर्शन इसलिए कर रहे थे क्योंकि 8 जनवरी को भोपाल में शिवराज सरकार ने हमारी यानी करणी सेना की 18 मांगे मानने का लिखित में दिया था। हमें लिखित में सरकार के मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक मांगे नहीं मानी गई हैं।





