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अमेरिका में 38वें दिन भी सीनेट में गतिरोध जारी

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सरकारी कर्मचारी कंगाल, भूख से जूझ रहे परिवार; जरूरी सेवाएं हो रहीं ठप

अमेरिका में सरकार का शटडाउन 38वें दिन भी जारी है। डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच समझौता अब तक नहीं हो सका है। शुक्रवार को सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने सरकार को दोबारा खोलने और हेल्थ केयर सब्सिडी को एक साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने इसे तुरंत खारिज करते हुए ‘नॉनस्टार्टर’ कहा।

बता दें कि शूमर ने प्रस्ताव दिया कि दोनों पार्टियां एक साथ मतदान कर सरकार को फिर से शुरू करें और हेल्थ केयर सब्सिडी को अस्थायी रूप से बढ़ाएं, साथ ही एक दलीय समिति गठित करें जो रिपब्लिकन की स्वास्थ्य सुधार से जुड़ी मांगों पर काम करे। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन को बस हां कहना है।

थ्यून ने पूरी तरह किया खारिज
प्रस्ताव के जवाब में थ्यून ने कहा कि रिपब्लिकन किसी भी हेल्थकेयर सौदे पर तभी बात करेंगे जब सरकार दोबारा खुलेगी। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब शटडाउन खत्म हो। लेकिन डेमोक्रेट्स अब दबाव महसूस कर रहे हैं, यही कुछ प्रगति दिखाता है, हालांकि यह पर्याप्त नहीं है।

नए समझौते पर काम कर रहा सीनेट
इस बीच, सीनेट में मध्यमार्गी नेताओं का एक छोटा समूह, जिसमें डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन शामिल हैं, सरकार को आंशिक रूप से चालू करने के लिए नए समझौते पर काम कर रहा है। यह समूह भोजन सहायता, दिग्गजों के कार्यक्रम और संसद संचालन जैसे क्षेत्रों में फंड जारी करने और बाकी खर्चों को दिसंबर या जनवरी तक बढ़ाने पर चर्चा कर रहा है। हालांकि, कई डेमोक्रेट्स का कहना है कि बिना हेल्थकेयर सब्सिडी की गारंटी के वे इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं रिपब्लिकन को सरकार चलाने के लिए केवल पांच अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकनों से की अपील
वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकनों से अपील की है कि वे फिलिबस्टर (60 वोट की बाध्यता) खत्म कर सीधे वोटिंग कर सरकार को चालू करें। लेकिन पार्टी के नेताओं ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वे केवल दलीय सहमति वाले पैकेज पर ही आगे बढ़ेंगे। ऐसे में इस लंबे गतिरोध के बीच हवाई अड्डों पर परेशानी, कर्मचारियों का वेतन अटकना और करोड़ों लोगों के फूड एड प्रोग्राम पर असर बढ़ता जा रहा है। सीनेट नेता थ्यून ने अपील की कि इन हफ्तों की तकलीफ खत्म करने का वक्त आ गया है, सरकार को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।

सरकारी कर्मचारी कंगाल, भूख से जूझ रहे परिवार; जरूरी सेवाएं हो रहीं ठप

अमेरिका में शटडाउन का मामला अब सिर्फ राजनीतिक जिद का मामला नहीं रहा, बल्कि करोड़ों आम अमेरिकियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। सरकारी कर्मचारियों के खाली जेब, बंद दफ्तर और भूख से जूझते परिवार- यह सब साबित हो रहा है कि राजनीति के आगे सबकुछ ठहर जाता है।1 अक्तूबर से शुरू हुआ यह सरकारी शटडाउन अब दूसरे महीने में पहुंच गया है और इसके कारण लाखों अमेरिकी मुश्किल में हैं। सरकारी कर्मचारी तंगी में हैं, कई के पास खाने के पैसे नहीं बचे हैं, और जरूरी सेवाएं धीरे-धीरे ठप पड़ रही हैं।

क्यों हुआ शटडाउन?
सरकार और विपक्ष के बीच स्वास्थ्य बीमा के फंड को लेकर टकराव जारी है। यह वही योजना है जिससे करीब 2 करोड़ अमेरिकी सस्ती दरों पर स्वास्थ्य बीमा ले पाते हैं। विपक्षी डेमोक्रेट्स का कहना है कि जब तक इन सब्सिडी को बहाल करने का समझौता नहीं होता, सरकार दोबारा नहीं खुलेगी। वहीं सत्ता पक्ष यानी रिपब्लिकन पार्टी का रुख है कि बातचीत तभी होगी जब सरकार को पहले दोबारा खोला जाए। इस राजनीतिक खींचतान के चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपकी सरकार ठप पड़ी है।

सरकारी कर्मचारियों की बदहाली
फेडरल दफ्तर बंद हैं, और हजारों सरकारी कर्मचारी पिछले कई हफ्तों से वेतन नहीं पा सके हैं। कई कर्मचारियों को अब खाने के लिए फूड बैंक पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रिपब्लिकन नेता टॉम एमर ने कहा, ‘पिछले महीने ट्रंप ने सैनिकों को वेतन दिलाने का तरीका निकाल लिया था, इसलिए लोगों को असर देर से दिखा। लेकिन अब हालात गंभीर हो रहे हैं।’

खतरे में खाद्य सहायता कार्यक्रम
सबसे बड़ा झटका पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) को लगा है। यह योजना 4.2 करोड़ गरीब अमेरिकियों को खाने का सामान खरीदने में मदद करती है। फंड खत्म होने के कगार पर है और इस सप्ताहांत से इसका असर लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। रोड आइलैंड की एक अदालत ने सरकार को आपातकालीन फंड से इस योजना को जारी रखने का आदेश दिया है, लेकिन व्हाइट हाउस कानूनी कारण बताकर पैसे जारी करने से हिचक रहा है। वहीं कृषि सचिव ब्रुक रोलिन्स से जब पूछा गया कि क्या वे अदालत के आदेश का पालन करेंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।’

महिलाओं और बच्चों के कार्यक्रम भी ठप
डब्ल्यूआईसी योजना- जो गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और छोटे बच्चों को पोषण देती है- फंड की कमी से बंद होने की कगार पर है। इसी तरह हेड स्टार्ट कार्यक्रम, जो 65,000 बच्चों को पोषण और शिक्षा सहायता देता है, शनिवार से बंद हो सकता है।

सामुदायिक मदद की पहल
कई स्थानीय लोग अब जरूरतमंद पड़ोसियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मैरीलैंड की 55 वर्षीय कैरी चॉसमर ने कहा, ‘मैं दो परिवारों के लिए किराने का सामान खरीद रही हूं। इससे मुझे करीब 200 डॉलर का खर्च आएगा। किसी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह जरूरतमंदों की कितनी मदद करता है… और फिलहाल हम असफल हो रहे हैं।’

हवाई यात्रा पर असर और ट्रंप की भूमिका
सरकारी कामकाज ठप होने से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की कमी पड़ रही है। न्यूयॉर्क के जेएफके, नेवार्क, और लागार्डिया एयरपोर्ट पर उड़ानें देरी से चल रही हैं। जेएफके पर उड़ानों में एक घंटे तक की देरी रही। वहीं नेवार्क पर तीन घंटे तक और लागार्डिया पर पांच घंटे तक की देरी की आशंका जताई गई है। राष्ट्रपति ट्रंप अभी तक विवाद से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘हम डेमोक्रेट्स से बात करेंगे, लेकिन पहले उन्हें सरकार खोलनी होगी। गलती उनकी है, समाधान बहुत आसान है।’

Ramswaroop Mantri

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