नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति चुनावमें अब दो सप्ताह भी नहीं बचे हैं। एनडीए और इंडिया गठबंधनके उम्मीदवारअपना-अपना समर्थन बढ़ाने में जुटे हैं। हालांकि, संसद के आंकड़ों में दोनों उम्मीदवारों को अपने गृह राज्यों में समर्थन के लाले पड़े हुए हैं। विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी का तो अपने गृह राज्य आंध्र प्रदेश में खाता खुलना तक मुश्किल है, जबकि एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को अपने गृह राज्य तमिलनाडु में गिने-चुने वोट ही मिल सकते हैं।
संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के आंकड़ों में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का चुनाव जीतना लगभग तय है। हालांकि, दोनों उम्मीदवार एनडीए व इंडिया गठबंधन के बाहर के दलों का समर्थन जुटाकर अपना-अपना आंकड़ा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे रोचक आंकड़ा दोनों उम्मीदवारों के गृह राज्य के हैं।
बी. सुदर्शन रेड्डी का गृह राज्य आंध्र प्रदेश है। यहां पर लोकसभा की 25 और राज्यसभा की 11 सीट हैं। लोकसभा में एनडीए के 11 व वाईएसआरसीपी के चार सांसद हैं। राज्यसभा में वाईएसआरसीपी के सात एवं एनडीए के चार सांसद हैं। वाईएसआरसीपी पहले ही एनडीए का समर्थन करने की घोषणा कर चुकी है। यानी यहां के सभी सांसदों के वोट राधाकृष्णन को मिलने की संभावना है। वहीं, सुदर्शन रेड्डी का खाता खुलने की स्थिति नहीं है।
तमिलनाडु, जहां से सीपी राधाकृष्णन आते हैं, वहां इसके विपरीत स्थिति है। वहां पर लोकसभा के सभी 39 सांसद इंडिया गठबंधन के हैं। राज्यसभा में 18 सांसदों में अन्नाद्रमुक के चार एवं एक निर्दलीय को छोड़कर बाकी सभी इंडिया गठबंधन के साथ हैं। ऐसे में तमिलनाडु के अधिकतम पांच सासंदों का ही समर्थन राधाकृष्णन को मिल सकता है।





