इन दिनों हार्ड कोर हिन्दुत्व को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय लगातार प्रखर होते जा रहे हैं। अब उन्होंने फेसबुक द्वारा अभिनेता आशुतोष राणा की वॉल से शिव तांडव वाला वीडियो हटाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सनातनी धार्मिक भावनाओं का अपमान करार दिया है।

दरअसल आशुतोष राणा ने महाशिवरात्रि के दिन पहले अपनी फेसबुक वॉल पर शिव तांडव स्त्रोत का पाठ अपनी आवाज में पोस्ट किया था। इसका अनुवाद कवि आलोक श्रीवास्तव ने सरल हिन्दी में किया था। साथ ही लिखा था कि यह करोड़ों-करोड़ शिवानुरागियों के आनंद का कारण बनेगा। महादेव से प्रार्थना है कि वे संसार में व्याप्त विकृति का संहार कर प्रकृति का रक्षण व संवर्धन करें, हर-हर महादेव…।
इसके अगले ही दिन फेसबुक ने इसे हटा दिया। इस पर आशुतोष राणा ने लिखा कि चकित हूं! फेसबुक मेटा इंडिया ने शिव तांडव वाला वीडियो मेरी फेसबुक टाइमलाइन से हटा दिया है। पता नहीं मेटा इंडिया ने ऐसा क्यों किया? ना उसमें कॉपीराइट का इशू है और ना ही वायलेशन का मामला है, ना ही वो फेसबुक के नियमों के विरुद्ध है।
इसके कुछ समय बाद विजयवर्गीय ने कमेंट किया कि निसंदेह यह चकित करने वाली बात है। Meta ने भगवान शिव को समर्पित शिव तांडव स्त्रोत के हिन्दी रूपांतरण को आशुतोष जी के फेसबुक वॉल से हटा दिया है। क्या इसे फेसबुक द्वारा सनातनी धार्मिक भावनाओं का अपमान माना जाना चाहिए?
तीन दिन पहले पं. प्रदीप मिश्रा की कथा निरस्त करने पर बिफरे थे विजयवर्गीय
इस तरह का कमेंट कर विजयवर्गीय एक बार फिर अपने हार्ड कोर हिन्दुत्व के एजेंडे को लेकर चर्चा में आ गए हैं। हाल ही में उन्होंने सीहोर में पं. प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा निरस्त होने पर भी तीखे तेवर अपनाए थे। इसमें उन्होंने सीहोर पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर बताया था कि इस घटना से सरकार की छवि पर विपरीत असर पड़ रहा है। सीहोर प्रशासन को इसके लिए माफी मांगना चाहिए और कथा फिर प्रारंभ होना चाहिए। मामला गर्माने के बाद सीहोर कलेक्टर व एसपी पं. प्रदीप मिश्रा से मिले थे और उनसे आशीर्वाद लिया था।





