बेंगलुरु/नई दिल्ली
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म हो गई है। इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, 5 बजे तक 65.69% वोट पड़े हैं। कर्नाटक की 224 सीटों पर 2614 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं।
वोटिंग के दौरान तीन जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई हैं। पुलिस ने बताया कि विजयपुरा जिले के बासवाना बागेवाड़ी तालुक में लोगों ने कुछ EVM और VVPAT मशीनों को तोड़ डाला। उन्होंने पोलिंग अधिकारियों की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। यहां अफवाह उड़ी थी कि अधिकारी मशीनें बदलकर वोटिंग में गड़बड़ी कर रहे थे।
दूसरी घटना पद्मनाभ विधानसभा के पपैया गार्डन पोलिंग बूथ पर हुई, जहां कुछ युवाओं ने लाठियां लेकर अपने विरोधियों पर हमला किया। इस हमले में वोट डालने आईं कुछ महिलाएं भी घायल हुईं। तीसरी घटना बेल्लारी जिले के संजीवारायानाकोटे में हुई, जहां कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता के बीच हाथापाई हुई।
देखिए वोटिंग की तस्वीरें…

बेंगलुरु के एक पोलिंग बूथ पर वोट डालने के लिए लाइन में लगे लोग।

नव-विवाहित जोड़ा अपने परिवार के साथ मैसूरु के एक पोलिंग बूथ पर मतदान करने पहुंचा।

हुबली में पहली बार वोट डालने पहुंचीं लड़कियों ने पोलिंग बूथ के बाहर सेल्फी स्टैंड पर फोटो क्लिक कराई।

इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने बेंगलुरु में वोट डाला। नारायण मूर्ति ने कहा कि अगर आप वोट डालेंगे तो सरकार से सवाल पूछ पाएंगे। अगर वोट नहीं डाला, तो सवाल पूछने का अधिकार नहीं मिलेगा। सुधा ने कहा कि हम बुजुर्ग हैं, युवा हमसे सीखें और वोट डालें।
वोट डालने के लिए कतार में खड़ी हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण…

शिवमोगा के शिकारीपुर में मंदिर में दर्शन करने पहुंचे येदियुरप्पा। बेंगलुरु के विजयनगर में वोट डालने पहुंचीं निर्मला सीतारमण। हुबली के हनुमान मंदिर में CM बासवराज बोम्मई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेंगलुरु के विजयनगर में वोट डाला। उन्होंने कहा कि कर्नाटक हनुमान जी की जन्मथली है। यहां कांग्रेस बजरंगदल को बैन करने की बात कर रही है। ये बेवकूफी है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबोले ने कर्नाटक चुनाव के लिए अपना वोट डाला।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिगांव के एक पोलिंग बूथ में अपनी बेटी अदिति और बेटे भरत के साथ वोट डाला।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कलबुर्गी में मतदान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने प्रगतिशील, पारदर्शी और कल्याणकारी सरकार चुनने का फैसला किया है।
बड़े अपडेट्स…
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह कर्नाटक के लोगों से विशेषकर युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
- मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने दावा किया है कि चित्तपुर विधानसभा के चमनूर गांव के एक पोलिंग बूथ में वोटिंग रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि यहां के प्रिसाइडिंग ऑफिसर लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए उकसा रहे हैं।
- बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा विधायक तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बजरंगबली की जन्मभूमि कर्नाटक 13 मई को सभी सवालों के जवाब दे देगी। डीके शिवकुमार और कांग्रेस पार्टी LPG सिलेंडर्स की पूजा कर रहे हैं, उसका हम स्वागत करते हैं। हमें खुशी है कि कांग्रेस किसी तरह की पूजा तो कर रही है।

भाजपा नेताओं ने साढ़े चार सौ से ज्यादा रैलियां कीं
राज्य में 5.31 करोड़ वोटर और 2615 कैंडिडेट हैं। मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और JDS के बीच है। नतीजे 13 मई को आएंगे। इस बार भाजपा के लिए PM नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के बड़े नेताओं ने साढ़े चार सौ से ज्यादा रैलियां कीं। 100 से ज्यादा रोड शो भी किए। खुद PM मोदी दो दिन कर्नाटक में रुके। वहीं, राहुल, प्रियंका और सोनिया ने 31 से ज्यादा सभाएं कीं।
चुनावी कैंपेन में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशन पर फोकस रखा। वहीं, भाजपा ने बजरंगबली, बजरंग दल, आतंकवाद को मुद्दा बनाया। मोदी ने 19 में से 12 सभाओं में बजरंगबली का जिक्र किया।
कर्नाटक में राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बने 3 फैक्टर…
1. पिछले 5 चुनाव में 3 बार हंग असेंबली: कर्नाटक में पिछले 38 साल से हर 5 साल में सत्ता बदलती आ रही है। आखिरी बार 1985 में रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व वाली जनता पार्टी ने सत्ता में रहते हुए चुनाव जीता था। वहीं, पिछले पांच चुनाव (1999, 2004, 2008, 2013 और 2018) में से सिर्फ दो बार ( 1999, 2013) सिंगल पार्टी को बहुमत मिला। भाजपा 2004, 2008, 2018 में सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसने बाहरी सपोर्ट से सरकार बनाई।
अभी क्या स्थिति है: कोई भी पार्टी गठबंधन पर अपने पत्ते नहीं खोल रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि JDS ने भाजपा के साथ जाने की तैयारी की है। हालांकि, JDS ने किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किया है।
2. लिंगायत-वोक्कालिगा तय करेंगे नतीजे: राज्य में 17% लिंगायत वोटर हैं। 75-80 सीटों पर इनका असर है। आबादी में 14% हिस्सा रखने वाले वोक्कालिगा वोटर 50-55 सीटों पर असर रखते हैं। 9.5% कुरबा वोटर 25-30 सीटों के नतीजे बदल देते हैं। 32% SC 30-35 सीटों पर और 17% मुस्लिम वोटर 35-40 सीटों के नतीजे तय करते हैं।
अभी क्या स्थिति है: पिछली बार जीते भाजपा के 104 विधायकों में से 49 विधायक लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय से हैं। इस बार भाजपा ने इन दोनों समुदायों से 109 कैंडिडेट्स उतारे हैं। SC कैटेगरी में भाजपा के 37, कांग्रेस के 35, जेडीएस के 31 कैंडिडेट्स हैं। कांग्रेस के 12 और जेडीएस के 23 उम्मीदवार मुस्लिम हैं, जबकि भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है।
3. छोटी पार्टियां और निर्दलीय चुनौती बने: कर्नाटक में सीधी टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच है। तीसरी ताकत JDS है। इस बार आम आदमी पार्टी, बसपा, उत्तम प्रजाकिया पार्टी, वामपंथी दल, कर्नाटक राष्ट्र समिति, कल्याण राज्य प्रगति पक्ष जैसे छोटे दलों ने भी प्रत्याशी उतारे हैं।
अभी क्या स्थिति है: भाजपा, कांग्रेस समेत JDS को छोटी पार्टियों की तरफ से वोट कटने का डर है। इन पार्टियों ने एक से दस हजार तक वोट काट लिए तो रिजल्ट पर बड़ा असर हो सकता है। पिछले चुनाव में निर्दलीय समेत गैर-मान्यता प्राप्त दलों को 4.11 % वोट शेयर मिला था।

भाजपा-कांग्रेस के चुनावी कैंपेन को बयानों और फोटो से समझें…
1. भाजपा ने प्रचार के केंद्र में मोदी को रखा; बजरंग बली, सांप, आतंक पर फोकस: PM नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल से 6 मई के बीच यानी कैंपेन के आखिरी 8 दिन में 19 रैलियां और 6 रोड शो किए। दो दिन में 36 किमी लंबा रोड शो किया। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने 206 पब्लिक रैलियां और 90 रोड-शो किए। राज्य के नेताओं ने 231 सभाएं और 48 रोड शो किए।
PM मोदी ने बजरंग दल बैन, बजरंगबली, केरल स्टोरी, लव जिहाद, 91 गालियां और जहरीला सांप कहे जाने पर कांग्रेस को घेरा। बाकी नेता भी तुष्टिकरण, मुस्लिम आरक्षण, आतंकवाद पर लगातार बोलते रहे।
2. सोनिया मैदान में उतरीं, राहुल ने 16 और प्रियंका ने 15 सभाएं कीं: कांग्रेस ने भी आखिरी 8 दिन पूरी ताकत से प्रचार किया। सोनिया गांधी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व CM शेट्टार के समर्थन में सभा की। कांग्रेस के नेशनल और स्टेट लीडर्स ने 99 रैली और 33 रोड शो किए। राहुल ने 16 रैली और 2 रोड शो, जबकि प्रियंका ने 15 रैली और 10 रोड शो किए।
कांग्रेस की हर रैली में भाजपा सरकार के करप्शन का जिक्र हुआ। 40% कमीशन को लेकर CM से लेकर सरकारी मशीनरी पर निशाना साधा गया। स्थानीय मुद्दों के साथ अडानी का भी जिक्र हुआ।

राहुल गांधी ने 7 मई को बेंगलुरु में डिलीवरी बॉय के स्कूटर की सवारी की थी।





