भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को पहले दिन जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष सीधी पेशाब कांड पर चर्चा कराना चाह रहा था। पहले 10 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। दोबारा सत्र शुरू हुआ तो विपक्ष सीधी कांड पर चर्चा के लिए अड़ गया। नारेबाजी और हंगामा ज्यादा होने पर सत्र को 12 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 15वीं विधानसभा का यह अंतिम सत्र है।
संसदीय कार्यमंत्री और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, विपक्ष ने राष्ट्रगीत का अपमान किया, ये चर्चा क्या करेंगे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने इसके जवाब में कहा, फर्जी और झूठी बात करना भारतीय जनता पार्टी का चरित्र और इतिहास है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, हमने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन स्वीकार नहीं किया गया। दबाने और छिपाने की राजनीति हो रही है।
सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला ने कहा, ब्राह्मण समाज मुझसे और सरकार से नाराज नहीं है। घर गिराने की कार्रवाई पर जरूर असंतोष व्यक्त कर रहा है। हम कोशिश में हैं कि ब्राह्मणों के बीच सही संदेश जाए। सरकार के साथ प्रवेश शुक्ला के पिता हैं। वे कह रहे हैं कि सारी साजिश कांग्रेस की है। पीड़ित भी कह रहा है कि मेरा इनसे कोई विवाद नहीं है, मैं इनके साथ हूं।
गृहमंत्री ने कहा, शकील पर बात नहीं करते
सत्र स्थगित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से कहा, इन्होंने राष्ट्रगीत नहीं होने दिया, दिवंगत को श्रद्धांजलि देना था, वो नहीं होने दे रहे थे। चर्चा क्या करेंगे। जिस घटना को उठा रहे हैं, उसमें सारी कार्रवाई हो चुकी है। उस समय शिवपुरी का भी वीडियो वायरल हुआ। कांग्रेस सीधी के VIDEO पर राजनीति रोटियां सेंक रही है। शिवपुरी में मुंह में मल भर दिया गया, उस पर नहीं बोल रहे। शुक्ला को ले लिया, शकील पर बात नहीं कर रहे। यह कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति है। चर्चा करो, लेकिन हो-हल्ला तो मत करो।
गोविंद सिंह बोले, सदन स्थगित कराना शिवराज की साजिश
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा, भाजपा के नेता आदिवासी के सिर पर पेशाब करते हैं। घटना ने पूरे विश्व में मध्यप्रदेश को कलंकित किया। अध्यक्ष से चर्चा के लिए अनुरोध किया था। सरकार जब-जब भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्य में फंसती है, चर्चा कराने से भागती है। जबकि, संसदीय कार्यमंत्री ने खुद चर्चा के लिए भरोसा दिलाया था। शिवराज सिंह पूरी तरह से तानाशाह मुख्यमंत्री बन गए हैं। जब-जब उन पर बात आती है, हो-हल्ला कराकर प्रजातंत्र का गला घोंटते हैं। बात नहीं करने देते। सदन स्थगित कराने की साजिश रचते हैं। दबाव में आकर अध्यक्ष भी उनकी हां में हां मिला रहे हैं।
कमलनाथ ने कहा, अपराधियों से सरकार की सहानुभूति
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, आदिवासी अत्याचार में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। सीधी घटना से प्रदेश कलंकित हुआ। इस पर चर्चा के लिए मांग की। स्थगन प्रस्ताव दिया, लेकिन स्वीकार नहीं किया। यह दबाने और छिपाने की राजनीति है। कोई और उपाय देने को तैयार नहीं कि कैसे चर्चा होगी। अपराधियों के प्रति जब तक सरकार की सहानुभूति रहेगी, चर्चा नहीं करेगी।





