कुछ दिनों पहले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सभा में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 500 रुपये और उससे अधिक मूल्य के नोटों को बंद करने और डिजिटल भुगतान को और अधिक बढ़ावा देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इसी संदर्भ में कैपिटल TV नामक यूट्यूब न्यूज़ चैनल के एक वीडियो रिपोर्ट में चैनल के मुख्य संपादक मनीष कुमार ने भाजपा सरकार की तारीफ की और विपक्षी पार्टियों पर भ्रष्टाचारियों के साथ संबंध का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पकड़े गए भ्रष्टाचारियों के घर 500-500 के नोटों के गड्डी मिले, 2000 और 1000 के नोट बंद होने के बाद से 500 ही बड़ा नोट है जिसे भ्रष्टाचारी जमा कर रहे हैं. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धीरे-धीरे करके 500 के नोट बंद करेंगे.
रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के 500 के नोटों को बंद करने की माँग के बाद RBI ने नोटिफिकेशन जारी कर ATM मशीनों में सितंबर, 2025 तक सभी एटीएम में से 75% और मार्च, 2026 तक सभी एटीएम में से 90% 100 और 200 व उससे कम के नोट रखने को कहा है.
कैपिटल TV की एक और रिपोर्ट में चैनल के मुख्य संपादक मनीष कुमार दावा कर रहे हैं कि RBI ने 500 नोट छापना बंद कर दिया है. वो कहते हैं कि मार्च 2026 तक 500 नोट को 2000 की तरह खत्म कर दिया जाएगा, मोदी सरकार एक एक करके कालेधन के दरवाज़े बंद कर रही है.
वेरिफ़ाइड X-यूज़र सीए अनुपम शर्मा, ए.के. मंधान, सीए पारस गंगवाल समेत कई X-यूज़र भी दावा कर रहे हैं कि RBI सितंबर 2025 तक ATM से 500 रुपये के नोट हटा देगा और आगे चलकर एटीएम से केवल ₹200 और ₹100 के नोट ही निकलेंगे.

फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि करने के लिए RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी प्रेस विज्ञप्तियाँ और नोटिफिकेशन की समीक्षा की. हमें इस दावे का समर्थन करने वाली कोई जानकारी नहीं मिली जिसमें RBI ने बैंकों को ATM (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) के ज़रिए 500 रुपये के नोट निकालने का निर्देश दिया हो.
लेकिन जांच के दौरान हमें 28 अप्रैल 2025 को RBI द्वारा जारी एक अधिसूचना मिली. इसके अनुसार ज्यादातर उपयोग किए जाने वाले मूल्यवर्ग के बैंक नोटों तक जनता की पहुंच बढ़ाने के प्रयास के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों (WLAO) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ATM से ₹100 या ₹200 मूल्यवर्ग के नोट वितरित करे. इसके लिए दो चरण भी बनाये गए हैं. पहले चरण में 30 सितंबर, 2025 तक सभी ATM में से 75% कम से कम एक कैसेट से ₹100 या ₹200 मूल्यवर्ग के बैंक नोट निकालेंगे जो दूसरे चरण में यानी यह आंकड़ा 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 90% करने का लक्ष्य दिया गया है.

ध्यान दे एटीएम (ATM) में “कैसेट” एक ऐसा डिब्बा या कंटेनर होता है जिसमें केवल एक विशिष्ट मूल्यवर्ग (जैसे 100, 200, 500 रुपये) के करेंसी नोट रखे जाते हैं.
28 अप्रैल 2025 को प्रकाशित द इकोनॉमिकिस टाइम्स की रिपोर्ट में भी कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और WLAO से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि एटीएम से 100 या 200 रुपये के नोट निकलें, ताकि लोगों को इन नोटों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके.

उक्त जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि RBI ने सभी बैंकों को 30 सितंबर 2025 तक एटीएम के माध्यम से 500 रुपये के नोटों का वितरण बंद करने का निर्देश नहीं दिया है बल्कि बैंकों और WLAO को यह निर्देश दिया है कि सितंबर तक सभी एटीएम के 75% से 100 व 200 के नोट निकलने चाहिए.
इसके अलावा, कैपिटल टीवी के मुख्य संपादक मनीष कुमार द्वारा रिपोर्ट में किया गया ये दावा भी ग़लत है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के 500 के नोटों को बंद करने के माँग के बाद RBI ने नोटिफिकेशन जारी कर ATM मशीनों में 100 और 200 व उससे कम के नोट रखने को कहा, क्यूंकि RBI ने 28 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी की थी जबकि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 27 मई से 29 मई तक चलने वाले वार्षिक महानाडु सभा में 500 नोटों को बंद करने की मांग की थी.
भारत सरकार की पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने X पर पोस्ट कर आरबीआई द्वारा मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोट बंद करने के वायरल दावे को झूठा बताया. साथ ही कहा कि RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है और 500 के नोट बंद नहीं किए गए हैं. साथ ही लोगों को ऐसी गलत और भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह दी.
कुल मिलाकर, कैपिटल टीवी चैनल समेत कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर RBI द्वारा 500 के नोट बंद करने के भ्रामक दावे किये हैं.





