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यूपी के 5 जिलों में वक्फ की सबसे ज्यादा अवैध संपत्तियां

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वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में बदलाव करना है, जो भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को नियंत्रित करता है. रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं.यूपी में अयोध्या समेत 5 जिले ऐसे हैं जहां वक्फ बोर्ड की सबसे ज्यादा अवैध संपत्तियां हैं, जेपीसी ने उत्तर प्रदेश की ऐसी वक्फ संपत्तियों का जिलेवार ब्योरा लोकसभा स्पीकर को सौंपा है. यूपी में अवैध वक्फ संपतियों के मामले में पांच जिले अव्वल हैं।  वक्फ के नाम पर सरकारी जमीनें कब्जाने में प्रदेश में अयोध्या, शाहजहांपुर, रामपुर, जौनपुर और बरेली जिले सबसे आगे हैं। इनमें से प्रत्येक जिले में वक्फ बोर्ड दो हजार या उससे ज्यादा संपत्तियों पर अपना दावा कर रहे हैं। जबकि, राजस्व रिकॉर्ड में ये जमीनें सार्वजनिक उपयोग वाली श्रेणी में हैं।

  • वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में अयोध्या में 3652 संपत्तियां दर्ज हैं, जिसमें से 2116 सरकारी संपत्तियां हैं.
  • इसी तरह शाहजहांपुर में 2589 संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा है, जिसमें से 2371 सरकारी संपत्तियां हैं.
  • रामपुर में 3365 संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा है, जिसमें से 2363 सरकारी संपत्तियां हैं.
  • जौनपुर में 4167 संपत्तियां पर वक्फ की है, जिसमें से 2096 सरकारी संपत्तियां हैं.
  • रिपोर्ट में बताया गया है कि बरेली में 3499 संपत्तियां पर वक्फ बोर्ड का कब्जा है, जिसमें से 2000 सरकारी संपत्तियां हैं.
  • वक्फ बोर्ड और ASI के बीच विवाद

दिल्ली में 75 स्मारक स्थलों को वक्फ ने अपना बताया है जिस पर विवाद है. इसी तरह गुजरात के 56, उत्तर प्रदेश के 36, मध्य प्रदेश के 12, हरियाणा के 5, राजस्थान के 4, बिहार के 2 और आंध्र प्रदेश के 1 स्मारक स्थल पर वक्फ बोर्ड और ASI के बीच विवाद जारी है.

वक्फ (संशोधन) विधेयक ने काफी विवाद पैदा किया है, विपक्षी दलों ने तर्क दिया है कि यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को कमजोर करता है और भारत के संघीय ढांचे को खतरा पहुंचाता है. वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी ने बुधवार को विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी, जिसमें बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्यों की ओर से प्रस्तावित 14 संशोधन शामिल हैं. जेपीसी अध्यक्ष ने पुष्टि की थी कि संशोधनों को बहुमत से अपनाया गया था, जिसमें 16 सदस्यों ने परिवर्तनों का समर्थन किया और 10 ने उनका विरोध किया.

वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में शाहजहांपुर में 2589 संपत्तियां दर्ज हैं, जिसमें से 2371 सरकारी संपत्तियां हैं। रामपुर में 3365 वक्फ संपत्तियों में से 2363, अयोध्या में 3652 में से 2116, जौनपुर में 4167 में से 2096 और बरेली में 3499 वक्फ संपत्तियों में से 2000 सरकारी जमीनों पर स्थित हैं। यहां बता दें कि प्रदेश में कुल 57792 सरकारी संपत्तियां हैं, जो वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज हैं। इनका कुल रकबा 11712 एकड़ है। नियमानुसार, इन संपत्तियों को वक्फ (दान) किया ही नहीं जा सकता था।

सरकारी जमीनों पर कब्जे वाले टॉप 21 में ये जिले भी शामिल
खीरी-1792, बुलंदशहर-1778, फतेहपुर-1610, सीतापुर-1581, आजमगढ़-1575, सहारनपुर-1497, मुरादाबाद-1471, प्रतापगढ़-1331, आगरा-1293, अलीगढ़-1216, गाजीपुर-1251, मेरठ-1154, संभल-1150, अमरोहा-1045, देवरिया-1027, बिजनौर-1005

इन 40 जिलों में वक्फ के नाम एक भी संपत्ति का नामांतरण नहीं

वक्फ की संपत्ति –

प्रदेश में 40 जिले ऐसे भी हैं, जहां बोर्डों के रिकॉर्ड में सैकड़ों की संख्या में वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन तहसील रिकॉर्ड में एक का भी नामांतरण नहीं है। ये जिले हैं, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बदायूं, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, जालौन, ललितपुर, औरेया, फर्रूखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हरदोई, रायबरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, बिजनौर, कौशांबी, प्रयागराज, चंदौली, जौनपुर, वाराणसी, महोबा।

महोबा में एक भी वक्फ संपत्ति नहीं
वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक महोबा में एक भी वक्फ संपत्ति नहीं है। जबकि, सोनभद्र में एक वक्फ संपत्ति है। हालांकि, जिलास्तर के गजट में महोबा में 245 और सोनभद्र में 171 वक्फ संपत्तियां हैं।

Ramswaroop Mantri

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