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मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग के फॉर्म-7 पर मचे बवाल की वजह क्या?

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भोपाल. मध्य प्रदेश के भोपाल समेत कई जिलों में फॉर्म-7 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मुस्लिम वोटरों समेत अन्य मतदाताओं का आरोप है कि इलेक्शन कमीशन के फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है. इस आरोप ने न सिर्फ प्रशासन को सतर्क कर दिया है, बल्कि चुनाव से पहले राज्य की राजनीति भी गरमा गई है.

क्या है फॉर्म-7 और क्यों बन गया ‘विलेन’?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है. कानून के तहत कोई भी व्यक्ति यह आपत्ति दर्ज करा सकता है कि कोई मतदाता स्थानांतरित हो गया है, मृत हो चुका है या उस निर्वाचन क्षेत्र का निवासी नहीं है. लेकिन अब आरोप है कि इसी प्रक्रिया का संगठित तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है.

भोपाल में 9 हजार से ज्यादा आपत्तियां
भोपाल जिले में ही 9,000 से अधिक फॉर्म-7 आपत्तियां दर्ज की गई हैं. जिला प्रशासन के मुताबिक, बड़ी संख्या में आपत्तियां एक जैसे पैटर्न में भरी गई हैं. कई फॉर्म में गलत नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जिन वोटरों के नाम हटाने की मांग की गई, उन्होंने कहा कि खुद कोई आवेदन नहीं दिया. उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके खिलाफ आपत्ति किसने लगाई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर एक आपत्ति की अलग-अलग जांच की जा रही है. बिना नोटिस, सत्यापन और सुनवाई के कोई नाम नहीं हटेगा.

सिंगरौली में ‘अंगूठा लगवाने’ का आरोप
मामला सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है. सिंगरौली जिले के देओसर तहसील की सहुआर पंचायत से मुस्लिम वोटरों ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी है. आरोप है कि कुछ लोग घर-घर पहुंचे और कहा गया कि यह SIR, बैंक KYC या आवास योजना से जुड़ा फॉर्म है. अंगूठा लगवाने के बाद पता चला कि यह फॉर्म-7 था. एक स्थानीय निवासी ने कहा कि हमें बताया गया था कि यह दस्तावेजों और सरकारी योजनाओं के लिए है. किसी ने नहीं कहा कि इससे हमारा वोट खतरे में पड़ जाएगा.

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फर्जी आपत्तियों आई सामने
भिंड जिले में भी मुस्लिम वोटरों ने शिकायत की है कि उनके नाम हटाने के लिए ऐसे लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई, जिन्हें वे जानते तक नहीं. कई मामलों में एक ही नाम बार-बार शिकायतकर्ता के तौर पर सामने आया. एक व्यक्ति अभिषेक ने कहा कि मुझे हैरानी हुई कि मेरे नाम से सैकड़ों आपत्तियां दर्ज हैं. मैंने किसी वोटर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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क्या है कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. कांग्रेस नेता अमित शर्मा प्रभावित वोटरों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया, यह मुस्लिम वोट काटने की सुनियोजित कोशिश है. एक ही व्यक्ति द्वारा 100 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराना कोई संयोग नहीं हो सकता.

BJP का पलटवार
भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज किया है. भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, किसी भी मुस्लिम वोटर का नाम गलत तरीके से नहीं हटेगा लेकिन अगर कोई अवैध विदेशी है, तो उसका नाम सूची में नहीं रह सकता.

चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव अधिकारियों ने कहा कि कानून में पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान हैं कि नोटिस देना अनिवार्य है. वोटर को सुनवाई का मौका मिलेगा, दस्तावेजी सबूतों की जांच होगी. एक अधिकारी ने कहा, लोग घबराएं नहीं. सिस्टम में चेक्स हैं और किसी भी दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Ramswaroop Mantri

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