देश में एक बार फिर से कोरोना का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। मसलन जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं, वे कितना सुरक्षित हैं? क्या उन्हें बूस्टर डोज की जरूरत होगी? जिन्हें पहले कोरोना हो चुका है, उन्हें कितना खतरा है? कोरोना से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब एक्सपर्ट दे रहे हैं…
डॉ. रवि दोषी, चेस्ट फिजिशियन, कोकिलाबेन हॉस्पिटल, मुंबई
डॉ. वीपी पांडे, महामारी विशेषज्ञ, HOD, MGM MC
डॉ लोकेंद्र दवे, महामारी विशेषज्ञ, एचओडी, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल
1. मुझे पिछली लहर में कोरोना हो चुका है, क्या मेरे अंदर अभी भी कोरोना से लड़ने की इम्यूनिटी होगी? यह कब तक रहेगी?

डॉ. रवि दोषी कहते हैं कि अगर पिछली बार आपको कोविड हुआ था तो जो एंटीबॉडीज तब बनी थी वो अब बहुत कम हो चुकी होंगी। आप पूरी तरह इम्यून नहीं होंगे। वहीं अगर आपने दोनों वैक्सीन लगवाई हैं और बूस्टर डोज भी लगवा चुके हैं तो थोड़ी-बहुत इम्यूनिटी रहेगी।
डॉ. वीपी पांडे इस बात से सहमत हैं, उनका कहना है कि एक बार कोविड हो चुका है तो उससे मिलने वाली इम्यूनिटी कई लोगों में जिंदगी भर भी रह सकती है। वहीं कुछ लोगों के साथ ऐसा नहीं होगा।
2. दूसरी लहर खत्म होने को थी, तब मैंने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई थी, क्या अब भी वैक्सीन काम कर रही होगी?
डॉ लोकेंद्र दवे का कहना है कि ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी लॉन्ग टर्म नहीं है। इसलिए वैक्सीन के भरोसे न बैठे, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। सतर्क रहें। शरीर में एंटीबॉडी होने के बाद भी कई केस ऐसे आए हैं जो कोविड से प्रभावित हुए है।
हालांकि ऐसे लोगों की हालत ज्यादा सीरियस नहीं थी। डॉ. रवि दोषी भी मानते हैं कि कुछ हद तक वैक्सीन अभी भी काम कर रही होगी। मगर उसे कंप्लीट प्रोटेक्शन नहीं मान सकते।
3. मैंने बूस्टर डोज नहीं लगवाया है, इस वजह से मुझे कोरोना का कितना खतरा है?
डॉ. वीपी पांडे कहते हैं कि जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाया है, वो तुरंत जाकर लगवा लें। अभी भी यह फ्री में अवेलेबल है। जिस तरह कोविड के वापस आने के कयास लगाए जा रहे हैं, आने वाले दिनों में बूस्टर डोज के लिए लाइन लगनी शुरू हो जाएगी।
डॉ. रवि दोषी और लोकेंद्र दवे भी कहते हैं कि निश्चित रूप से बूस्टर डोज लगवाना एक एडवांटेज है। अगर आप हाई रिस्क कैटेगरी जैसे फ्रंटलाइन वर्कर हैं या कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें बहुत सारे लोगों के संपर्क में आते हैं तो बूस्टर डोज आपके लिए फायदेमंद है।
4. मेरे दोस्त ने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगवाई है, कुछ ऐसे भी दोस्त हैं जिन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई है, उन्हें कितना खतरा है?
तीनों ही डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे लोगों को जल्द से जल्द डोज लगवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। ऐसे लोग जल्दी इफेक्ट हो सकते हैं और उनसे संक्रमण हमें छू सकता है। इसके अलावा बुजुर्ग, एल्कोहोलिक और डायबिटिक पेशेंट जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई हैं, उन्हें हमेशा कोविड का रिस्क रहेगा। ऐसे लोगों को समझना होगा कि वैक्सीन ही प्रोटेक्शन है।
5. अगर दोबारा कोविड होता है तो वह कितना खतरनाक हो सकता है?
डॉ. वीपी पांडे कहते हैं कि अगर आपको पहले से कोई दूसरी बीमारी नहीं है और आपने सारी वैक्सीन सही समय पर ली है तब कोविड का खतरा थोड़ा कम है।
डॉ. रवि दोषी के अनुसार सेकेंड टाइम कोविड में इंफेक्शन की सीरियसनेस अलग-अलग लोगों के लिए अलग होती है। बुजुर्ग है, डायबिटीज है या किसी तरह का अंदरुनी कैंसर है, तो सीरियस इंफेक्शन होने की आशंका बनी रहेगी।
6. दोबारा कोरोना होने के जोखिम को कैसे कम कर सकते हैं?
तीनों एक्सपर्ट एक ही जवाब देते हैं…
प्रॉपर वैक्सीन लगवाएं और अगर हाई रिस्क कैटेगरी में हैं तो बूस्टर डोज जरूर लगवा लें। कोविड से जुड़े सभी प्रिकॉशन्स अच्छी तरह फॉलो करें। ये न सोचे कि आप बिल्कुल ठीक है तो आपको सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत नहीं है। मास्क भी लगाकर रहें।
अगर आपको सर्दी-जुकाम है तो भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। आसपास किसी को सर्दी-जुकाम हो गया है तो उन्हें मास्क पहनने को प्रेरित करें। थोड़ी सी लापरवाही की तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि आप कब कोरोना चेन का हिस्सा बन जाएंगे।
7. कोविड केस बढ़ते हैं तो पर्सनल और पारिवारिक स्तर पर किस तरह तैयार रहने की जरूरत है?
डॉ. रवि दोष कहते हैं कि हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि कोविड हमारी जिंदगी में रोजमर्रा की चीज जैसा हो गया है। खांसी-जुकाम अगर सीरियस हो गया है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएं। आप जल्दी इलाज करवा लेंगे तो पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।
डॉ लोकेंद्र दवे कहते हैं कि हमें खानपान पर भी ध्यान देना होगा। भूलें नहीं, इम्यूनिटी कमजोर होते ही वायरस आप पर अटैक कर सकता है। डॉ. वीपी पांडे इन बातों के साथ यह भी सलाह देते हैं कि जरा सी बीमारी की आशंका होने पर जांच जरूर करवाएं और संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट करें।
8. अगर पहले कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके हैं मगर अब वह नहीं मिल रही, तो क्या कोर्बेवैक्स या कोवैक्सीन की बूस्टर डोज लगवा सकते हैं?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो आपने वैक्सीन लगवाई है अगर उसकी बूस्टर डोज अवेलेबल नहीं है तो मार्केट में अवेलेबल वैक्सीन को शेड्यूल के हिसाब से पूरा लगवाएं और इसमें कोई खतरा नहीं है।





