सुसंस्कृति परिहार
यह एक बड़ा ही मासूम सा सवाल गांव के एक बुजुर्ग का था और उसी गांव का एक युवा उन्हें इस तरह समझा रहा था वह कह रहा था कि ई डी मोदी की गुंडा टीम है जो मोदी सरकार का विरोध करने वालों को पूछताछ के बहाने बुलाती है और जो मर्जी होती है उस गुनाह में उसे जेल भेज देती है।अभी तक जो कांग्रेसी ई डी के चंगुल से दूर हैं उन्हें सावधान रहने की जरूरत है वे कभी भी जेल जा सकते हैं।दादा जी कहने लगे- “मैं तो शुरू में मोदी भक्त था 2014में वोट दिया था। लेकिन उसके बाद उन्हें वोट नहीं दिया।क्यों के जवाब में वे कहते हैं उसने झूठ बोला था खाते में पन्द्रह लाख आयेंगे पर पन्द्रह पैसे नहीं आए। “वे यहीं नहीं रुके मोदीजी को लेकर गाली गलौज पर उतर आए।युवा ने डराया भी कि ई डी आ जायेगा पर वे तो ई ऊ डी के लिए भी गाली गुफ्तार करने में लगे रहे।वे पूर्व कांग्रेसी थे और उसकी जय जय कार करने लगे।उनकी निडरता देखकर बदलाव का अहसास हो रहा था।
आज कमोवेश यही हाल बहुतेरे परिवारों का है वे सरकार का विरोध करते कांग्रेस को मंहगाई और ई डी से लड़ते देख रहे हैं।उनका झुकाव कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है।यही वजह है खुन्नाई सरकार सोनिया,राहुल गांधी वगैरह के पीछे हाथ धोकर पड़ गई है।ई डी सोनिया और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में जिस तरह बिना एफ आई आर पूछताछ किए जा रही है।वह कांग्रेस की एकजुटता को बढ़ा रहा है। वहीं बढ़ती मंहगाई पर चर्चा को तैयार ना होने वाली सरकार ने आज कांग्रेस के प्रर्दशन को मिल रही लोकप्रियता के मद्देनजर घोषणा की है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्वास्थ्य ठीक होते ही मंहगाई पर चर्चा कराई जाएगी।किसी मंत्री की अनुपस्थिति में प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वे इस प्रदर्शन को रोकने इस पर सदन में चर्चा कराएं।
पिछले दिनों वित्त मंत्री ने सदन को बताया था कि अब तकED ने 5422 केस दर्ज़ किए। सिर्फ़ 23 को सज़ा हुई। इनमें से 65 फ़ीसदी केस पिछले आठ साल में दर्ज़ हुए। जो साफ तौर पर इस बात तो बताते हैं कि पिछले 8साल में ई डी ने बड़ी संख्या में जो केस दायर किए हैं यह बढ़ोतरी बदले की भावना से की जा रही है। इनमें कांग्रेस नेता तो है ही साथ ही सरकार के विरोध में बोलने लिखने वालों के साथ वे भी हैं जो भाजपा के होते हुए भी सही बात कहने से नहीं चूकते ।
उपर्युक्त बातचीत में युवा और बुजुर्ग की बात का सार यही है कि ई डी यानि प्रवर्तन निदेशालय सरकार विरोधियों का शत्रु है, साहिब का अंध भक्त है और ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य पालन में मशगूल हैं।ये सच है कि ई डी को मनीलांडिग करने वाले अन्य लोग नज़र नहीं आते। इसलिए सरकार विरोधियों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।ई डी का मतलब अब तो समझ आ ही गया होगा।आमीन ।





