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निर्यात पर रोक के बाद मिस्र को भेजा गेहूं, भारत से गुहार लगा रहे दर्जनभर देश

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एक्सपोर्ट बैन के बाद मिस्र को भेजा गया गेहूं, भारत से गुहार लगा रहे दर्जनभर देश

भारत के गेहूं पर निर्यात पर रोक लगाने के बाद यूरोप में खलबली मची हुई है। एक्सपोर्ट बैन के बाद भारत ने मिस्र को 61,500 टन गेहूं भेजा है। वहीं दर्जनों देशों ने भारत के सामने गेहूं के लिए गुहार लगाई है। मिस्र को कुल जितना गेहूं भेजा जाना था उसमें से 17160 टन गेहूं को कस्टम्स ने बैन के बाद मंजूरी दी थी। हालांकि बाकी सभी जरूरी औपचारिकताएं बैन लगने से पहले ही पूरी हो गई थीं।

इस खेप को मिस्र ले जाने वाले मेरा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को एक्सपोर्ट बैन के बाद कस्टम की मंजूरी मिली थी। हालांकि गेहूं पहले ही लोड हो चुका था। 17 मई को यह गुजरात के कांडला पोर्ट से चल चुका था।  बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। 13 मई को सरकार ने देश के अंदर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया था।

अगर कोई देश खाद्यान्न के संकट से जूझ रहा हो और वह भारत से रिक्वेस्ट करता है तो उसे मदद की तौर पर गेहूं भेजा जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि संकट से जूझ रहे कुछ देशों का निवेदन भारत स्वीकार भी कर सकता है। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम लेने से इनकार कर दिया। बता दें कि पिछले पांच साल के रेकॉर्ड पैदावार के बाद भारत में भी पहली बार उत्पादन में कमी देखी गई है।

निर्यात पर रोक लगाए जाने से पहले ही भारत ने 45 करोड़ टन गेहूं के निर्यात का अनुबंध कर लिया था। यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से दुनियाभर में गेहूं की किल्लत हो गई है। अप्रैल 2022 में भारत के व्यापारियों ने 14 करोड़ गेहूं विदेश को बेचा था। व्यापारियों ने दुनियाभर में गेहूं की बढ़ती मांग का फायदा उठाया था। भारत ने पिछले वित्त वर्ष में रेकॉर्ड 78.5 करोड़ टन का निर्यात किया था।

Ramswaroop Mantri

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