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*सफेद कागज काला अक्षर?

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शशिकांत गुप्ते

काला शब्द सिर्फ रंग से सम्बंधित नहीं है। मानवों में काला और गोरा रंग भेदभाव को इंगित करता है। गोरे कहलाने वालें,काले लोगों के प्रति हेय भावना रखतें हैं।अश्वेतों को अछूत समझा जाता है।यह अमानवीयता ही है।
काला शब्द गैर कानूनी कार्यो के लिए इस्तेमाल किया जाता है।गैर कानूनी कार्यो से जो आय होती है,यही आय काला धन (Black money) कहलाती है।
सन 2016 के नवम्बर माह में नोट बंदी भी देश से कालाधन बाहर निकालने के लिए की गई थी। नोटबन्दी का क्या नतीजा निकला यह पाँच वर्ष बाद भी रहस्य ही बना हुआ है?
काला शब्द अशुभता का प्रतीक है।इसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि,स्वतंत्रता के पचहत्तर में सत्ता की ओर से जो कृषि कानून रद्द करने की घोषणा की गई है? इन्ही कृषि कानूनों को लेकर सवाल पूछा जा रहा है कि,इन कृषि कानूनों में काला क्या है?
वह कानून या अध्यादेश जो लोकजीवन के विरुद्ध हो।ऐसे कानून को ही काला कानून कहतें हैं।
अंग्रेजी हुकूमत ने स्वतंत्रता आंदोलन को कुचलने के लिए रॉलेट एक्ट बनाया था।इस कानून को आंदोलनकारियों ने काला कानून ही कहा था।कानून को काला कहना विरोध का संकेत है।
रॉलेट एक्ट’ को काला कानून ही कहा जाता है। यह 18 मार्च 1919 को ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में उभर रहे राष्ट्रीय आंदोलन को कुचलने के उद्देश्य से निर्मित कानून था। यह कानून सर सिडनी रौलेट की अध्यक्षता वाली सेडिशन समिति की शिफारिशों के आधार पर बनाया गया था।
काला शब्द मानव की दूषित मानसिकता को भी परिभाषित करता है।
संत कबीरसाहब अपने दोहे में इस मुद्दे को स्पष्ट करतें हैं।
मन मैला तन ऊजला, बगुला कपटी अंग
तासों तो कौआ भला, तन मन एकही रंग।।
इस दोहे में मैला शब्द काले रंग का ही पर्यायवाची शब्द है।
लोकतंत्र में विपक्ष का होना अनिवार्य है।विपक्ष को व्यापकता से समझने की जरूरत है।विपक्ष कोई राजनैतिक दल ही होता है,जरूरी नहीं है। हरएक व्यक्ति,या गैरराजनैतिक संगठन भी विपक्ष ही होता है जो सत्ता के जन विरोधी नीतियों का विरोध करता है।
अहम प्रश्न है कि,नीति गत निर्णय जनहितैषी हो सकतें हैं, लेकिन नीति बनाने वालों की नीयत पर बहस करना लोकतंत्र का तकाज़ा है।
दुर्भाग्य से लोकतांत्रिक देश बहुत से सियासतदानों में लोकतांत्रिक सोच की कमी है।

शशिकांत गुप्ते इंदौर

Ramswaroop Mantri

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