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*गुजरात में बड़े फेरबदल में भूपेंद्र पटेल ने पूरी सरकार क्यों बदल दी?*

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गुजरात में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है. शुक्रवार शाम नए मंत्रियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के पास सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण और अन्य विभाग रहेंगे. वहीं हर्ष सांघवी को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाया गया है.अचानक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आखिर क्यों अपनी पूरी कैबिनेट ही बदल दी है. आखिर इसके पीछे बीजेपी की रणनीति क्या है. ये आगामी चुनाव की प्लानिंग है या फिर कोई और बात?

शुक्रवार को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महात्मा मंदिर में मुख्यमंत्री समेत 26 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद हुई कैबिनेट बैठक में नए और पुराने मंत्रियों को विभाग आवंटित किए गए है.

कैबिनेट मंत्री

  • हृषिकेश पटेल: ऊर्जा, पंचायत और पेट्रोकेमिकल्स विभाग
  • जीतू वघानी: कृषि मंत्री
  • कनुभाई देसाई: वित्त, शहरी विकास और शहरी आवास
  • कुंवरजी बावलिया: श्रम और ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • नरेश पटेल: जनजातीय विकास, खादी
  • अर्जुन मोढवाडिया: जलवायु परिवर्तन, वन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • प्रद्युम्न वाजा: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, प्राथमिक, माध्यमिक एवं प्रौढ़ शिक्षा
  • रमन सोलंकी: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामल
  • राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
  • ईश्वर पटेल: जल आपूर्ति एवं जल संसाधन
  • प्रफुल्ल पनसेरिया: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • मनीषा वकील: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
  • राज्य मंत्री
  • पुरुषोत्तम सोलंकी: मत्स्य विभाग
  • कांति अमृतिया: श्रम और रोजगार
  • रमेश कटारा: कृषि, सहकारिता
  • दर्शन वाघेला: शहरी विकास और आवास
  • प्रवीण माली: वन एवं पर्यावरण, परिवहन
  • स्वरूपजी ठाकोर: खादी और ग्रामोद्योग
  • जयराम गामित: खेल
  • रिवाबा जडेजा: प्राथमिक, माध्यमिक और स्नातकोत्तर शिक्षा
  • पी. सी. बरंडा: जनजातीय विकास, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले
  • संजय महिदा: राजस्व, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन
  • कमलेश पटेल: वित्त, पुलिस आवास, जेल, सीमा सुरक्षा
  • त्रिकम छंगा: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा
  • कौशिक वेकारिया: विधि एवं न्याय, ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन

2027 से पहले बड़ा फेरबदल

गुजरात में भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर लगभग पूरी सरकार बदल दी है. गुरुवार को 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया और शुक्रवार को 26 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. नई कैबिनेट में 19 नए चेहरे शामिल किए गए हैं, जबकि पिछली बार के 6 मंत्री ही अपना पद कायम रख पाए हैं. इसमें 8 OBC, 3 SC, 4 ST और 3 महिलाएं हैं. CM समेत 8 मंत्री पटेल समाज से हैं. हटाए गए मंत्रियों पर न तो कोई आरोप था और न कोई कानूनी केस. सरकार में बड़े फेरबदल को गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है.


गुजरात में भूपेंद्र सरकार के नए मंत्रिमंडल ने शपथ ले ली है. इस दौरान 25 नए मंत्री बनाए गए हैं. इसके साथ ही चुनाव से दो साल पहले सीएम भूपेंद्र पटेल ने अपना नया कैबिनेट तैयार कर लिया है. बता दें कि इससे पहले भूपेंद्र कैबिनेट के सभी 16 मंत्रियों से इस्तीफा मांग लिया गया था. इन सभी के रिजाइन करने के बाद शुक्रवार को 25 नए मंत्रियों ने शपथ ली. लेकिन अचानक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आखिर क्यों अपनी पूरी कैबिनेट ही बदल दी है. आखिर इसके पीछे बीजेपी की रणनीति क्या है. ये आगामी चुनाव की प्लानिंग है या फिर कोई और बात?

बीजेपी ने अचानक क्यों लिया बड़ा फैसला?
दरअसल गुजरात में पूरी कैबिनेट बदलने के चलते सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है कि आखिर बीजेपी को ऐसी क्या जरूरत पड़ी कि आनन-फानन में नया मंत्रिमंडल बनाया गया. बीजेपी की भूपेंद्र सरकार ने 25 मंत्री बनाए हैं, इनमें हर्ष संघवी को डिप्टी सीएम बनाया गया है. वहीं रिवाबा जडेजा से लेकर जितेंद्रभाई मेघवानी को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. लेकिन सवाल वहीं कि आखिर क्यों भूपेंद्र भाई पटेल ने बदल डाली पूरी कैबिनेट.

स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी
गुजरात में कैबिनेट एक्सपांशन के पीछे कई वजह हो सकती है. दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ-साथ निकाय चुनाव में भी बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. खास तौर पर जिस तरह बीते कुछ वक्त में आम आदमी पार्टी अपना दखल बढ़ाने में जुटी है.

इन बड़े शहरों में होने वाले हैं निकाय चुनाव
निकाय चुनाव की बात करें तो अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जूनागढ़ और गांधीनगर जैसे बड़े शहरों में निकाय चुनाव होने वाले हैं. इन चुनावों को ‘मिनी विधानसभा चुनाव’ की तरह देखा जाता है. बीजेपी की कोशिश है कि शहरी वोटरों में अपना प्रभाव बरकरार रखा जाए. नई टीम के जरिए पार्टी एक फ्रेश और गतिशील चेहरा जनता के सामने पेश करना चाहती है.

2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति
भाजपा पहले भी यह प्रयोग कर चुकी है. 2021 में विजय रूपाणी सरकार को हटाकर भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था. इस रणनीति ने 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी. उसी तर्ज पर अब 2027 के लिए पूरी तरह नई और संतुलित टीम तैयार की गई है ताकि एंटी-इनकंबेंसी का असर खत्म किया जा सके.

सामाजिक और राजनीतिक संतुलन का ध्यान
नई कैबिनेट में जातीय संतुलन भी बखूबी साधा गया है. इसमें – 3 अनुसूचित जाति, 4 अनुसूचित जनजाति, 9 ओबीसी, 7 पाटीदार नेताओं को शामिल किया गया है. इसके साथ ही 3 महिलाएं भी मंत्रिपरिषद में जगह पा रही हैं, जिससे महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिला है. कांग्रेस से बीजेपी में आए एक नेता को भी मंत्री बनाया गया है, जो राजनीतिक संकेत देता है कि पार्टी सीमाओं से ऊपर उठकर योग्य चेहरों को मौका दे रही है.

Ramswaroop Mantri

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