शशि थरूर के सवाल पर कन्हैया कुमार ने क्यों किया अपनी पुरानी पार्टी का जिक्र?
बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस में कलह जारी है। शशि थरूर के अलग रुख पर एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। कन्हैया ने अपनी पुरानी पार्टी सीपीएम का हवाला देते हुए कहा कि वहां अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई होती थी, लेकिन कांग्रेस में गांधी परिवार के खिलाफ बोलने पर भी बने रह सकते हैं।

बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस में आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। शशि थरूर की तरफ से लगातार पार्टी लाइन से इतर रुख ने कांग्रेस को उलझन में डाल दिया है। शशि थरूर के मामले को लेकर अब कांग्रेस के युवा नेता और एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस पूरे मामले में कन्हैया कुमार ने अपनी पुरानी पार्टी सीपीएम का जिक्र भी किया। कन्हैया कुमार का इशारा शशि थरूर के खिलाफ पार्टी आलाकमान की तरफ से अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर था।
पार्टी फोरम के बाहर बोलता तो…
इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कन्हैया कुमार ने अपने वरिष्ठ सहयोगी शशि थरूर के पार्टी नेतृत्व के साथ ‘दरार’ से जुड़ी खबरों को लेकर तीन-बिंदुओं के जवाब के साथ जवाब दिया। इंटरव्यू में कन्हैया कुमार ने वामपंथी पार्टी (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के साथ अपने समय को याद किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी फोरम के बाहर बोलता है, तो उसे हटा दिया जाता था। एनएसयूआई प्रभारी ने कहा कि उन्होंने (वाम दल) सोमनाथ चटर्जी, पीसी जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं को निष्कासित कर दिया था।
थरूर एक लोकप्रिय नेता
कांग्रेस नेता ने कहा, लेकिन अब मैं कांग्रेस में हूं और पार्टी की एक खासियत है कि आप गांधी परिवार के खिलाफ कुछ भी कहने पर भी पार्टी में बने रह सकते हैं। यहां काफी स्वतंत्रता है। दूसरी बात, उन्होंने कहा कि थरूर एक लोकप्रिय नेता हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि इसीलिए मोदीजी ने अपने नेताओं की बजाय उन्हें (ऑपरेशन सिंदूर प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में) भेजा।
अपनी बात में, कन्हैया कुमार ने थरूर के पार्टी छोड़ने की संभावना को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ना या न छोड़ना थरूर का फैसला होना चाहिए, लेकिन वह चाहते हैं कि वरिष्ठ नेता कांग्रेस में बने रहें। वह (थरूर) पार्टी छोड़ेंगे या नहीं, यह उनका फैसला है। मैं चाहता हूं कि वह बने रहें। उनके अलावा, जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, यह उनका फैसला है।
पीएम मोदी की नीतियों की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों की कई मौकों पर प्रशंसा करने के कारण शशि थरूर को अपनी पार्टी कांग्रेस के भीतर ही आलोचना का सामना करना पड़ा। जब केंद्र सरकार ने उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुना था, तब थरूर की खूब आलोचना हुई थी।
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