मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों- अधिकारियों तबादलों पर लगा प्रतिबंध आज यानी गुरुवार, 01 मई से हट जाएगा। एक मई से 30 मई, 2025 तक कर्मचारियों के तबादले होंगे। सभी तबादले ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे। मोहन कैबिनेट ने मंगलवार, 29 अप्रैल को ट्रांसफर पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी थी। पॉलिसी के प्रस्ताव के अनुसार पद एवं संवर्ग की संख्या के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत (स्वैच्छिक ) तबादले किए जा सकेंगे। पहली बार यह भी निर्णय लिया गया है कि विभाग खुद भी अपनी ट्रांसफर पॉलिसी बना सकेंगे।
50 हजार कर्मचारियों के होंगे ट्रांसफर
विभागों को ट्रांसफर पॉलिसी बनाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से स्वीकृति लेना होगी। सूत्र बताते हैं तबादलों से प्रतिबंध हटने की अवधि में 50 हजार से ज्यादा ट्रांसफर होने के आसार हैं। नई पॉलिसी के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जिले के भीतर तबादला जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से होगा। जिले के बाहर कर्मचारियों का तबादला विभागीय मंत्री के अनुमोदन से होगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले अब कभी भी हो सकते हैं। इन कर्मचारियों के तबादले की फाइल अब प्रतिबंध अवधि के दौरान मुख्यमंत्री समन्वय में नहीं भेजी जाएगी। इनके तबादले विभागीय मंत्री सीधे कर सकेंगे
चार साल बाद आईं ट्रांसफर पॉलिसी
बता दें कि मप्र में 4 साल बाद कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की गई है। मोहन सरकार की यह पहली ट्रांसफर पॉलिसी है। इससे पूर्व तत्कालीन शिवराज सरकार ने वर्ष 2021 में अंतिम ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी थी। तब जुलाई में एक माह के लिए तबादले से प्रतिबंध हटाया गया था। हालांकि सीएम डॉ. यादव ने गत 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों की मांग पर उन्हें विशेष परिस्थिति में कर्मचारियों के ट्रांसफर करने की अनुमति यह कहते हुए दी थी कि विधिवत ट्रांसफर पॉलिसी बाद में आएगी।
ये भी जान लें…
- ये ट्रांसफर 1 मई से 30 मई के बीच करना जरूरी है। इसके लिए 30 मई तक सारे स्थानांतरण ई-ऑफिस में डालने होंगे। 30 मई के आवेदनों पर विचार नहीं होगा। इसके लिए सभी मंत्री 30 मई तक ट्रांसफर कर दें।
- ट्रांसफर के लिए के लिए ये रहेगा रेशो : 200 पदों तक 20 प्रतिशत ट्रांसफर, 201- 1000 तक 15 प्रतिशत ट्रांसफर, 1000- 2000 तक की संख्या तक 10 प्रतिशत ट्रांसफर, 2000 से अधिक तक 5 प्रतिशत ट्रांसफर
- स्वैच्छिक तबादलों को भी इसमें जोड़ने का मंत्रियों का आग्रह मुख्यमंत्री ने मान्य कर दिया है।
- विभागों को ट्रांसफर नीति का अधिकार: कैबिनेट ने यह सुविधा दी है कि कोई विभाग अपनी ट्रांसफर नीति बना सकता है। इसे बनाकर सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृत कराकर लागू किया जा सकेगा।
- सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले मंत्री समंवय के बिना कर सकेंगे
- तबादला नीति के जारी होने का इंतजार
मोहन कैबिनेट ने मंगलवार 29 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी, लेकिन 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी नहीं कर पाया है। ऐसे में आज से कर्मचारियों के तबादला आवेदन तो शुरू हो जाएंगे, लेकिन नीति की स्पष्टता न होने के कारण विभाग प्रमुखों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।





