अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

पहलवान साक्षी मलिक का दावा: BJP नेताओं BJP नेता बबीता फोगाट और तीर्थ राणा ने धरना देने को कहा, परमिशन भी दिलाई

Share

पानीपत

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण और रेसलर्स विवाद में अब पहलवान साक्षी मलिक ने एक नया दावा किया है। साक्षी मलिक ने कहा कि हमें धरना देने के लिए BJP नेता बबीता फोगाट और तीर्थ राणा ने कहा था। इन दोनों नेताओं ने उन्हें कहा था कि बृजभूषण के खिलाफ अपनी आवाज उठाओ। यही नहीं, जंतर-मंतर पर धरने की परमिशन भी बबीता फोगाट और तीर्थ राणा ने ही दिलाई थी। साक्षी ने परमिशन लेटर भी दिखाया।

साक्षी और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने शनिवार को सोशल मीडिया पर द ट्रुथ टाइटल से अपना एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें ये दावे किए। उन्होंने खुद ही सवाल बताए और फिर उनके जवाब दिए।

साक्षी का यह दावा इसलिए अहम है, क्योंकि बृजभूषण समेत BJP ये कहती रही कि धरने के पीछे हरियाणा से राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा हैं। वहीं बबीता फोगाट खुद भी रेसलर्स के धरने में राजनीति होने की बात कहती रही। वहीं तीर्थ राणा भी हरियाणा के सोनीपत से ही भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। साक्षी ने ये भी कहा कि हरिद्वार में इस तरह का माहौल बना दिया गया कि अगर हम मेडल बहाने जाते तो हिंसा होने का खतरा था।

साक्षी मलिक ने यह लेटर जारी किया। जिसमें दावा किया कि तीर्थ राणा और बबीता फोगाट ने इसी पर जंतर-मंतर पर धरने की परमिशन ली थी।

साक्षी मलिक ने यह लेटर जारी किया। जिसमें दावा किया कि तीर्थ राणा और बबीता फोगाट ने इसी पर जंतर-मंतर पर धरने की परमिशन ली थी।

पढ़िए साक्षी मलिक से सवाल-जवाब

1. इतने समय तक चुप क्यों रहे?
हमारे अंदर एकता की कमी थी। हम कभी एक साथ हो ही नहीं पाए। दूसरा कारण है नाबालिग लड़की, जिसने अपना बयान बदल दिया। हम तो एकजुट हैं, इसके बाद भी उन्होंने डर की वजह से बयान बदल दिए।

2. 28 मई को महिला पहलवानों ने नई संसद भवन कूच क्यों किया?
28 मई को होने वाली संसद पर महिला महापंचायत की कॉल हमारी नहीं महम में हुई पंचायत में बुजुर्गों व खाप प्रतिनिधियों ने दी थी। फैसले के बाद हमें पता लगा कि इसी दिन नई संसद भवन का उद्घाटन भी है। बुजुर्गों का मान-सम्मान रखते हुए संसद भवन कूच किया था।

3. हरिद्वार गए तो गंगा में मेडल क्यों नहीं बहाए?
जब हम हरिद्वार में मेडल बहाने गए थे, वहां तंत्र से जुड़ा एक व्यक्ति बजरंग के पास आया और उसे साइड में ले गया। वहां बजरंग से कहा कि तुम्हारे मुद्दे पर ऊपर बात चल रही है। मेडल विसर्जित मत करो। 7 बजे तक बजरंग को रोके रखा। इसके बाद वहां भीड़ जुट गई और ऐसा माहौल बना कि डल बहाने जाते तो वहां हिंसा हो सकती थी। इसलिए हमने फैसला बदला

4. खापें नाराज हैं, सरकार से बात कौन करा रहा?
हमें भी सुनने में आ रहा है कि कई खापें हमसे नाराज हैं। मेरी सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि हमसे जो गलती हुई है, उसे माफ कर दो। संयुक्त किसान मोर्चा, भाई चंद्रशेखर रावण, सत्यपाल मलिक, महिला संगठनों, छात्र संगठनों का दिल से धन्यवाद। तीरथ राणा और बबिता फोगाट का भी धन्यवाद, जिन्होंने पहलवानों को आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और सरकार से बात कराई।

विनेश फोगाट बोली- अंधा राजा अब गूंगा-बहरा हो गया

वहीं बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद पहली बार पहलवान विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया दी है। विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर पुष्पमित्र उपाध्याय की कविता शेयर की है। जिसमें लिखा है- सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आएंगे, छोड़ो मेहंदी खड़ग संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो, ध्यूत बिछाए बैठे शकुनि, मस्तक सब बिक जाएंगे, सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो…। उनके इस ट्वीट को बृजभूषण पर चार्जशीट से जोड़कर देखा जा रहा है।

इससे पहले पहलवान साक्षी मलिक ने शुक्रवार को कहा था, ‘चार्जशीट देखने के बाद ही हम अगला कदम उठाएंगे। यह भी देखेंगे की हमारे साथ किए गए वादे पूरे हुए या नहीं।’ पहलवान आंदोलन के दौरान किए गए केस की वापसी का भी इंतजार कर रहे हैं।

विनेश फोगाट की शेयर की कविता…

एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप के ट्रायल 10 अगस्त के बाद कराए जाने की मांग
6 ने पहलवानों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को लेटर लिख कर एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप के ट्रायल 10 अगस्त के बाद कराए जाने की मांग की है। इनमें पत्र लिखने वालों में विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, सत्यव्रत कादियान, संगीता और जितेंदर शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि धरने की वजह से उन्हें 23 सितंबर से हांगझोउ (चीन) में होने वाले एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप के ट्रायल की तैयारियों के लिए कुछ और समय की जरूरत है। मंत्रालय ने भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) की एडहॉक समिति से पहलवानों की मांग पर विचार करने को कहा है। वहीं, IOA ने शुक्रवार को एशियाई ओलिंपिक परिषद (OCA) से एक माह की देरी से एंट्री भेजने की मंजूरी मांगी है। एशियाई खेलों के लिए नाम के साथ एंट्री की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। एडहॉक समिति इससे पहले ट्रायल चाह रही है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें