जयपुर के एक बिजनेसमैन ने अपार्टमेंट की 14 वीं मंजिल से नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक बिजनेसमैन के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें एक आरएएस अधिकारी पर अपार्टमेंट का पूरा काम कराने के बाद रुपए नहीं देने के आरोप लगाए गए हैं। सिरसी रोड पर स्थित रॉयल ग्रीन सोसाइटी अपार्टमेंट में यह घटनाक्रम हुआ। इसी अपार्टमेंट में रहने वाली आरएएस अफसर का नाम सुसाइड नोट में लिखा है। मृतक बिजनेसमैन का नाम भारत कुमार सैनी है। वे सीकर रोड पर रहते थे और डिजाइनिंग का काम करते थे। मृतक बिजनेसमैन के परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटे हैं। परिजनों ने बिंदायका थाने में आरएएस अफसर और उनके पति पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।

सुसाइड नोट दिखाकर रुपए मांगे लेकिन नहीं दिए
मृतक के पास जो सुसाइड नोट मिला। उसमें आरएएस अफसर मुक्ता राव पर सीधे आरोप लगाए गए हैं। साथ ही उनके पति का नाम भी लिखा है। सुसाइड नोट में 17 अप्रैल की तारीख लिखी हुई है। शुक्रवार 18 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे भारत कुमार सैनी ने सुसाइड किया यानी मरने से एक दिन पहले उसने सुसाइड नोट लिखा। मृतक के पिता भानु प्रताप सैनी का आरोप है कि 18 अप्रैल की सुबह भारत कुमार सैनी आरएएस मुक्ता राव से रुपए मांगने गया था। उसने सुसाइड नोट दिखाकर रुपए मांगे थे। पिता ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट देखने के बाद मुक्ता राव ने कहा कि मेरी तरफ से तो आज क्या अभी मर जा। इसके तुरंत बाद भारत कुमार 14वीं मंजिल से कूद गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पढें पूरा सुसाइड नोट हूबहू
यह सुसाइड नोट भारत कुमार सैनी ने अपनी कंपनी के लेटर पैड पर लिखा। उसमें लिखा है कि ‘मैं भारत कुमार सैनी। आज आरएएस मुक्ता राव के घर गया था। सामने लगे कैमरे में पूरी रिकॉर्डिंग आई होगी। 14 अप्रैल को घर (आरएएस का घर) का मुहूर्त हो गया था। मैंने ठीक 3 दिन बाद अपने हिसाब और एक्स्ट्रा काम को लेकर बात छेड़ी। मेरे से वेंडर लोग पैसे मांग रहे हैं। आपका काम भी हो गया है। मुहूर्त भी हो गया है। कुछ काम बचा हो तो मैं कर दूंगा। मैं अपने वेंडरों दुकानदार को रोज यह कह कर टाल रहा हूं कि मेरा हिसाब नहीं हुआ है। रोज जिल्लत भरे दिन निकाल रहा हूं। फिर मैंने निवेदन भी किया कि मेरा हिसाब कर दो। मेरे पास जहर खाने को भी पैसे नहीं है। पूरी रॉयल ग्रीन सोसाइटी में मेरी बेइज्जती करने के लिए वेंडर दुकानदार तैयार खड़े हैं।
आरएएस अफसर ने बताया आपराधिक षड़यंत्र
इस मामले में आरएएस अफसर मुक्ता राव ने बताया कि ‘हमारे मकान के सुधार कार्य के लिए 3/10/2025 को इकरारनामा लिखा गया, जिसमें 21.80 लाख रुपए का कुल कार्य करना तय हुआ। जो शर्ते तय हुईं उनके अनुसार भुगतान समय पर कर दिया गया। हमको बदनाम करके ब्लैकमेल करने के लिए पूर्व सुनियोजित आपराधिक षड़यंत्र रचकर उक्त कृत्य किया गया है।
पत्नी के गहने गिरवी रख काम किया
सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि ‘मैंने मुक्ता राव की एक आवाज और विश्वास पर 1200 रुपए स्क्वायर फीट वाला जो काम तय हुआ था, उस काम को 2000-2200 वाला काम करके दिया। सिर्फ मैडम की जुबान पे कि आप काम करो। इसका पैसा में दूंगी। बस इसी बात पर भरोसा कर मार्केट से पैसा लिया। पत्नी के गहने भी मुत्थुट में गिरवी रखे। अच्छे दिल से काम को पूरा किया। यही उम्मीद से कि मुझे अपना पैसा मिल जाएगा। पर आज मेरी सारी उम्मीद टूट गई है। अब मुझे मजबूर होकर ये गलत कदम उठाना पड़ रहा है। मुझे ये भी पता है कि मेरे मरने के बाद भी मुझे पैसा नहीं मिलेगा और न कोई हर्जाना।’
अपना घर बर्बाद करके इनका तो घर बनाया
सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि ‘मैंनेअपना घर बर्बाद करके इनका तो घर बना दिया। 39 लाख 60 हजार का काम करके दिया। इसमें से मुझे 21 लाख मिले। बाकी का मुझे कोई पैसा नहीं दिया। आरएएस मुक्ता राव जी और उनके हसबैंड ढाका जी ने बस इतना कहकर मुझे रवाना कर दिया कि 50 हजार या 1 लाख ज्यादा से ज्यादा निकलेगा आपका। ये सुनते ही मैं वहां से चला आया और अब मेरे पास सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहीं है। मैं अभी ही छत से कूदना चाहता था, लेकिन सुबह से पत्नी-बच्चों को नहीं देखा था। बूढ़े मां-बाप से मिला नहीं, इसलिए घर आया हूं और जी भर के आखिरी बार मिल लूं। इनको तो यह भी नहीं पता कि सुबह में नहीं रहूंगा।’





