अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*कैसे सुधरे शहर का ट्रैफिक  ‘सरकार’: उधर सुधार के लिए कर रहे बैठक, इधर खुलेआम चलती है वसूली*

Share

मधुमिलन चौराहे पर ऐसे चला खुला ‘खेल’:  वाहनों को पकड़कर लाता रहा जवान, होता रहा मोलभाव

इंदौर पूरा शहर बदहाल ट्रैफिक से परेशान है। चौराहों पर दर्जनों सिग्नल ब्लिक कर रहे है, जगह-जगह जाम के हालात है, वाहन गुत्थमगुत्या हो रहे हैं, वरिष्ठ अफसर बैठक कर इसे सुधारने के तरीके खोज रहे है… वहीं इस दौरान मधुमिलन चौराहे पर एक पुलिस सब इंस्पेक्टर अपनी निजी कार में बैठकर एक जवान के सहारे ‘शुभलाभ’ का ऑपरेशन चलाते रहे। होमगार्ड के जवान का काम था कि सड़क से गुजर रहे वाहनों को रोककर सब इंस्पेक्टर की कार तक लाने का, फिर अफसर कार का कांच नीचे कर मोलभाव में लग जाते। फिर वाहन चालक अपनी जेब से ‘शुभ-लाभ’ निकालता और उन्हें थमा देता। इसके बाद चला जाता। यह खेल शनिवार को दिनभर चलता रहा, जिसे पत्रिका की टीम ने अपने कैमरे में कैद किया।

कलेक्टर के निर्देश को भी नहीं मान रहे !

मधुमिलन चौराहे पर न ट्रैफिक की बदहाली सुधर रही है और न ही ट्रैफिक पुलिस की बेपरवाही। शनिवार को बारिश के दौरान गुजरने वाले वाहन चालक परेशान होकर गुत्वमगुत्था हो रहे थे, तभी ट्रैफिक पुलिस का दूसरा ही ऑपरेशन चल रहा था। जबकि, कुछ समय पहले हुई सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि बारिश के समय ट्रैफिक पुलिस चालानी या चेकिंग की की कार्रवाई नहीं करेगी। ट्रैफिक जाम न हो, चौराहों पर वाहन न उलझी, जिसके लिए काम किया जाएगा, लेकिन शनिवार को कलेक्टर आशीष सिंह की मौजूदगी में शहर के बदहाल ट्रैफिक को सुधारने के लिए चल सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हो रही थी, वहीं इसी दौरान मधुमिलन चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर का अलग को ‘खेल’ चल रहा था। वे अपनी निजी कार को कैबिन बना ट्रैफिक का अलग ही ऑपरेशन चला रहे थे। यह ऑपरेशन ट्रैफिक जाम से निजात देने का बिलकुल नहीं था, बल्कि वो तो अपना फायदा निकाल रहे थे। इससे दिनभर वाहन उलझाते रहे।

दिनभर चलता रहा ‘खेल’

चौराहे पर दो वाहन खड़े थे, जिसके चालक को आरक्षक सब इंस्पेक्टर के पास ले गया। काफी देर तक बात हुई, फिर चालक का जेब में हाथ गया और ‘शुभ-लाभ’ मिलते ही गाड़ी को छोड़ दिया गया।

ऐसे ही एक स्कूटी वाले व्यक्ति को होमगार्ड के जवान ने रोक लिया और साहब से मिलवाने कार के पास ले गया। साथ में छाता लिए एक आरक्षक भी था। इनसेट- होमगार्ड जवान।

अरे रोक… गुजरती कार की विंडो पर जवान ने छाता मारा

मा मधुमिलन चौराहे पर ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर अपनी कार के अन्दर ही बैठे थे। होमगार्ड का एक जवान सड़क पर घेराबंदी कर वाहनों को उनके पास ला रहा था. वहीं इस दौरान कई बार आम वाहन चालकों से बदसलूकी भी कर रहा था। इस दौरान चौराहे से गुजरती एक कार नहीं रुकी तो जवान ने विंडों पर अपना छाता मार दिया, हालांकि कार नहीं रुकी। इसके बाद कई वाहन चालकों को रोका और इशारा कर कहा, साहब वहां बैठे हैं। उनसे मिलने चलो। इसके बाद सभी को एक-एक कर उनके पास लेकर गया।

कार तक चलो, साहब बुला रहे

मधुमिलन चौराहे पर शनिवार दोपहर को ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, एक आरक्षक और एक होमगार्ड के जवान की ड्यूटी लगी थी। चौराहे से गुजरने वाले लोडिंग व बाहर जिलों की गाड़ियां चिन्हित कर रोका जा रहा था। इन बाहनों को चौराहे के बीचों-बीच खड़े करवाता था, जहां एक आरक्षक मौजूद था, जो चालकों को ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के पास ले जाता था। अपनी निजी गाड़ी के अन्दर बैठे ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर कार के कांच को खोल कर बात करते थे। कुछ देर तक वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच बात होती और उसके बाद (शुभ-लाभ) हो जाला। इसके बाद चालक अपना वाहन लेकर रवाना हो जाता।

कैसी पुलिस? वाहन चालकों की परेशानी से अनजान

बहरहाल, एक तरफ तो जिम्मेदार बंद कैबिन में बिगड़ैल ट्रैफिक को सुधारने के लिए योजना बना रहे हैं तो दूसरी तरफ तो ट्रैफिक का मैदानी अमला ही गड़बड़ी कर रहा है। सबसे ज्यादा हालत तो मधुमिलन चौराहे की बिगड़ी है। इसके बाद भी जिम्मेदारों को आम वाहन चालकों की परेशानी से कोई फर्क नहीं पह रहा। बदहाली होने के बाद भी उनका ध्यान चेकिंग या फिर कथित अघोषित वसूली पर ही है। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अफसरों के निर्देश हवा हो रहे हैं, वहीं दिनभर शहर में वाहन बालक परेशान हो रहे हैं।

▶ सीन 1: होमगार्ड के जवान ने दोपहर ढाई बजे के करीब कुछ देरी पर दो अलग-अलग गाड़ियों को रोका। इन दोनों गाड़ियों के चालकों और ट्रैफिक पुलिस के बीच कुछ देर तक बातचीत चलती रही। पूरे समय ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर अपनी निजी गाड़ी से बाहर नहीं निकला। इस दौरान पूरे समय आरक्षक यहीं मौजूद रहा। उसकी यहां से गुजरने वाले ट्रैफिक को सुगम करने से कोई दिलचस्पी नहीं थी।

▶ सीन 2: बारिश के कारण मधुमिलन चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल बंद थे। यहां से जब ट्रैफिक गुजर रहा था. तभी दो पहिया वहन पर सवार एक उम्रदराज व्यक्ति गुजरा, जिसे होमगार्ड जवान ने रोका और उसे फिर उन्हीं अफसर की कार के पास लेकर गया। इस व्यक्ति ने गाड़ी छुड़वाने के लिए सब इंस्पेक्टर के सामने आरक्षक की मौजूदगी में हाथ भी जोड़े, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ देर बाद उसने रेनकोट के भीतर हाथ डालकर अपना बटुआ निकाला, उसमें से कुछ पुलिस अधिकारी को दिया। उसके बाद अफसरों ने उसे जाने दिया।

▶ सीन 3: रीगल से एमवाय अस्पताल की ओर जाने के लिए एक लोडिंग वाहन मधुमिलन चौराहे से निकल रहा था। तभी होम गार्ड का जवान उस वाहन के सामने खड़ा हो गया। उसे रोका, खुद उसमें बैठा और इस गाड़ी को ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के पास ले गया। वहां एक आरक्षक भी मौजूद था। यहां वाहन चालक और ट्रैफिक पुलिस स्टाफ के साथ रही। फायदा मिलते ही मामला कुछ ही देर में निपट गया।

पहले भी अवैध वसूली का विवादित पॉइंट रहा

इससे पहले भी मधुमिलन चौराहे पर पदस्थ रहीं महिला सब इंस्पेक्टर को कार्रवाई करके हटाया गया था। उन पर भी अवैध वसूली और अभदत्ता का आरोप लगा था। हाल में हुए ट्रांसफर के बाद नए सब इंस्पेक्टर की पोस्टिंग की गई। यहां ड्यूटी कर रहे होमगार्ड का जयान लंबे समय से पदस्थ है और वह आम लोगों से बदसलूकी करता है। शनिवार को भी उसने एक लाल रंग की कार की पिछली खिड़की के कांच पर अपना छाता मार दिया था। उसने इस कार को रोकने के लिए हाथ दिया था, जब वह नहीं रुकी तो उसने छाता मार दिया।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें