इन्दौर। शेयर मार्केट और क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर सबसे अधिक ठगी हो रही है। साल के सात माह में साइबर ठगों (cyber thugs) ने इंदौर के 800 लोगों को ठगी का शिकार बनाया और करोड़ों का चूना लगाया है। इस हिसाब से हर माह शहर में 114 लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। हालांकि एक पुराना तरीका अभी भी साइबर ठगों के लिए कारगर बना हुआ है। पुलिस के लाख जागरूकता अभियान के बाद भी लोग साइबर ठगों के जाल में फंसकर करोड़ों रुपए गंवा रहे हैं। इस साल के प्रथम सात माह की बात करें तो क्राइम ब्रांच के पास शेयर ट्रेडिंग और क्रिप्टो में निवेश के नाम पर ठगी की 800 शिकायतें अब तक आ चुकी हैं। इस हिसाब से हर माह 114 लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। इनमें सभी प्रकार के लोग शामिल हैं।
बड़ी संख्या में महिलाएं भी इसका शिकार हुई हैं तो रिटायर्ड अधिकारी भी। इंजीनियर भी बड़ी संख्या में ठगी का शिकार हुए हंै। साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए या तो किसी वॉट््सऐप ग्रुप से जोड़ते हैं या फिर इंस्टाग्राम पर, जहां फर्जी तरीके से लोगों को निवेश करवाया जाता है और फर्जी प्रॉफिट भी दिखाया जाता है। पहले छोटी रकम पर मुनाफा भी होता है, जिसके चलते लोग उनके जाल में फंस जाते हैं और मोटा निवेश कर देते हैं। इसके बाद वे ठगी का शिकार हो जाते हैं। कई लोगों से तो एक से दो करोड़ तक की ठगी हो चुकी है। हालांकि पुलिस भी अब ठगों के खाते ब्लॉक करवाकर कई लोगों को लाखों रुपया बचा लेती है। इस साल क्राइम ब्रांच 6 करोड़ से अधिक की राशि वापस करवा चुकी है।
बिकता है डाटा
सूत्रों का कहना है कि साइबर ठग शेयर और क्रिप्टो में निवेश करने वालों का डाटा खरीदते हैं और फिर उनको अपने जाल में फंसाकर शिकार बनाते हैं। यदि कोई व्यक्ति शेयर में एक बार भी ट्रेडिंग करता है तो उसके पास फर्जी कंपनियों के फोन आना शुरू हो जाते हैं। बताते हैं कि कई लोग उनसे भी परेशान हैं। एक बार शेयर बेचने पर उनको सौ से अधिक फोन आ चुके हैं, जो बताता है कि डाटा बिक रहा है।





