भोपाल: मध्य प्रदेश में हर तीसरे दिन मवेशियों के कारण एक घातक सड़क दुर्घटना होती है। पिछले दो वर्षों में, मवेशियों के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं में 94 लोगों की जान चली गई और 133 लोग घायल हुए हैं। पिछले दो वर्षों में राज्य में मवेशियों के कारण कुल 237 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। ये दुर्घटनाएं वे हैं जिनमें पुलिस में मामले दर्ज किए गए थे और उनका रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय के पास उपलब्ध है।
कांग्रेस विधायक ने पूछा था सवाल
राज्य सरकार ने विधानसभा में पिछले दो वर्षों में राज्य में आवारा पशुओं के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं की संख्या शेयर की है। कांग्रेस विधायक अजय अर्जुन सिंह ने पूछा कि क्या राज्य में आवारा पशुओं की संख्या के बारे में जिलेवार आंकड़े उपलब्ध हैं। पिछले दो वर्षों में आवारा पशुओं के कारण कितनी सड़क दुर्घटनाएं हुईं और कितने लोग मारे गए तथा कितने घायल हुए?
फसलों को कितना नुकसान हुआ
आवारा पशुओं के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में किसानों की फसलों को कितना नुकसान हुआ है? क्या आवारा पशुओं द्वारा फसल को पहुंचाई गई क्षति के लिए किसानों को वित्तीय सहायता या मुआवजा देने का कोई प्रावधान है? यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तो क्या किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरकार ऐसा प्रावधान करने पर विचार करेगी?
मंत्री ने दिया लिखित में जवाब
पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल ने एक लिखित उत्तर में बताया कि 20वीं पशुधन गणना के अनुसार, आवारा गायों की जिलेवार जानकारी उपलब्ध है। गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय, भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले दो वर्षों में प्रदेश में मवेशियों के कारण 237 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें से 94 लोगों की मृत्यु हुई और 133 घायल हुए। यह पता लगाना संभव नहीं है कि ये दुर्घटनाएं केवल आवारा मवेशियों के कारण ही हुई थीं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग आवारा मवेशियों के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन नहीं करता है।
मंत्री के जवाब में कहा गया कि आवारा पशुओं द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को वित्तीय सहायता या मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। वर्तमान में पशुपालन एवं डेयरी विभाग में इस मुद्दे पर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।





