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एक महीने से ईरान के समंदर में कैद 16 भारतीय

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16 भारतीय नाविक पिछले एक महीने से ईरान के समंदर में फंसे हुए हैं. ईरान में भारतीय दूतावास ने इस मामले पर अडेट जारी किया है. इसमें बताया गया है कि मध्य दिसंबर में ईरानी अधिकारियों ने एक जहाज MT Valiant Roar को रोक लिया था. इस जहाज पर 16 भारतीय नाविक सवार हैं, जो अब तक फंसे हुए हैं. उनका ना तो ईरान में भारतीय काउंसलेट से संपर्क हो पाया है और ना ही वे अपने परिवारों से संपर्क कर पाए हैं. साथ ही इनका आता-पता नहीं चल रहा है कि वे वर्तमान में कहां है. भारतीय दूतावास लगातार ईरानी सरकार के संपर्क में ताकि उनको खाने-पिने का समान भिजवाया जा सके और अदालती कार्रवाई की जा सके.

ईरान ने पिछले एक महीने से एक जहाज को रोक कर रखा है. इस पर सवार 16 भारतीय नाविक हैं. बताया जा रहा है कि इस जहाज पर राशन और पानी तक खत्म हो गया है. इस मामले में अब भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर पूरी स्थिति साफ की है.

ईरानी अधिकारियों के संपर्क में दूतावास

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, यह पूरा मामला मध्य दिसंबर का है. जहाज पर सवार सभी 16 क्रू मेंबर्स भारतीय नागरिक हैं. जैसे ही यह खबर मिली, बांदर अब्बास स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate) हरकत में आया. 14 दिसंबर को ही ईरान सरकार को पत्र लिखकर नाविकों से मिलने (कांसुलर एक्सेस) की मांग की.

नौसेना से मांगनी पड़ी मदद मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहाज पर खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया था. दूतावास ने बताया कि यूएई स्थित शिपिंग कंपनी और उनके ईरानी एजेंटों से लगातार संपर्क किया गया ताकि जहाज पर भोजन, पानी और ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके. जनवरी की शुरुआत में जहाज से सूचना मिली कि उनका राशन और पानी का स्टॉक खत्म हो रहा है. इसके बाद भारतीय मिशन ने तुरंत दखल दिया और ईरानी नौसेना (Iranian Navy) के जरिए जहाज पर आपातकालीन रसद और पानी की व्यवस्था करवाई.
कूटनीतिक स्तर पर जारी है

जंग भारतीय अधिकारी अपने नागरिकों को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। दूतावास ने बताया कि राजदूत स्तर (Ambassador level) तक की बैठकें तेहरान और बांदर अब्बास में हो चुकी हैं. भारत सरकार की मांग है कि नाविकों को जल्द से जल्द अपने परिवारों से बात करने की इजाजत दी जाए और दूतावास के अधिकारियों को उनसे मिलने दिया जाए.
अब आगे क्या?
फिलहाल यह मामला ईरान की न्यायिक प्रक्रिया (Judicial process) के अधीन है. भारतीय वाणिज्य दूतावास जहाज मालिक कंपनी पर दबाव बना रहा है कि वे नाविकों के लिए ईरान की अदालत में कानूनी प्रतिनिधित्व का इंतजाम करें.

Ramswaroop Mantri

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