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*सराफा चौपाटी को लेकर बढ़ी तनातनी*

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व्यापारी आर-पार की लड़ाई के मूड में

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इंदौर

इंदौर: इंदौर की प्रसिद्ध सराफा चौपाटी को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़ा संघर्ष बनता जा रहा है। सराफा बाजार के 5000 से अधिक स्वर्ण और रजत व्यापारी अपनी व्यावसायिक पहचान और सुरक्षा का हवाला देते हुए रात में चौपाटी नहीं लगने देने के फैसले पर अड़े हैं। नगर निगम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ हुई बैठक में महापौर ने व्यापारियों को दो टूक कह दिया चौपाटी सराफा में हीं लगेगी। जिसके बाद व्यापारियों का गुस्सा और बढ़ गया है, जिसके बाद उन्होंने “आर-पार की लड़ाई” लड़ने का मन बना लिया है।
व्यापारियों का कहना है कि सराफा बाजार में 5000 स्थायी व्यापारी हैं, जिनके परिवारों के 10-10 सदस्य सीधे सत्तारूढ़ दल को वोट देते हैं। एक पदाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, “हम जन्म से भाजपाई हैं, और हमारी नाराजगी का असर आने वाले दिनों में दिखेगा।”

व्यापारियों की प्रमुख चिंताएं
व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी चिंताओं को साफ शब्दों में रखा:
सुरक्षा और पहचान: उनका मानना है कि रात में लगने वाली चौपाटी उनके पारंपरिक और प्रतिष्ठित सराफा व्यवसाय की पहचान को नुकसान पहुंचा रही है और सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
सर्वाधिक करदाता: एक पदाधिकारी ने बताया कि सराफा व्यापारी सरकार को सबसे ज्यादा कर देते हैं और आपदा के समय हमेशा मदद के लिए आगे आते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
अतिक्रमण का मुद्दा: व्यापारियों ने सवाल उठाया कि सड़क पर अतिक्रमण को प्रतिष्ठा का विषय क्यों बनाया जा रहा है, जबकि यह शहर की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
हादसे का खतरा: उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चौपाटी लगवाने की जिद भविष्य में किसी बड़े हादसे या विस्फोट का कारण बन सकती है, और तब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

आगे की रणनीति
माना जा रहा है कि आज सराफा सोना चांदी जवाहरात व्यवसायिक संगठन की आम सभा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस बैठक में 13 और सगठन के हिस्से लेने की खबर मिल रही है। इस बैठक में चौपाटी लगाने वालों के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ने पर विचार-विमर्श होगा। व्यापारी इस मुद्दे को लेकर एकजुट हैं और अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
यह देखना होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है, और क्या स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों के बीच कोई समझौता हो पाता है या यह मामला और ज्यादा गंभीर रूप ले लेता है।

मेयर ने कहा- चौपाटी नहीं हटेगी, सुरक्षा और समय का ध्यान रखेंगे

इंदौर को स्वाद की राजधानी का दर्जा दिलाने वाली सराफा चाट चौपाटी को लेकर सोना-चांदी बेचने वाले कारोबारी विरोध में हैं। इसे लेकर नगर निगम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने सोमवार को बैठक बुलाई। इसमें चौपाटी के दुकानदार और सराफा कारोबारी शामिल हुए। मेयर ने बैठक में कहा कि निगम यह फैसला ले चुका है कि सराफा चौपाटी नहीं हटेगी। यह इंदौर की पहचान है, लेकिन चौपाटी में सुरक्षा और चाट की दुकानें लगने के समय का पालन कराया जाएगा।

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Indore: सराफा को लेकर फैसला, मेयर ने कहा- चौपाटी नहीं हटेगी, सुरक्षा और समय का ध्यान रखेंगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Mon, 25 Aug 2025 03:36 PM IST

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सार

मेयर भार्गव ने कहा कि सराफा चौपाटी विश्व प्रसिद्ध है। वह इंदौर की पहचान है। वह परंपरागत व्यंजनों के साथ सुरक्षित तरह से लगे। हम यह चाहते हैै। सराफा चौपाटी हटा नहीं सकते। चौपाटी लगने का समय क्या होगा, उसे नियमित करेंगे।

इंदौर फटाफट: पढ़ें सभी खबरें 60s में

Indore: Decision regarding Sarafa, Mayor said- Chowpatty will not be removed, will take care of safety and tim

सराफा को लेकर बैठक। – फोटो : अमर उजाला

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इंदौर को स्वाद की राजधानी का दर्जा दिलाने वाली सराफा चाट चौपाटी को लेकर सोना-चांदी बेचने वाले कारोबारी विरोध में हैं। इसे लेकर नगर निगम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने सोमवार को बैठक बुलाई। इसमें चौपाटी के दुकानदार और सराफा कारोबारी शामिल हुए। मेयर ने बैठक में कहा कि निगम यह फैसला ले चुका है कि सराफा चौपाटी नहीं हटेगी। यह इंदौर की पहचान है, लेकिन चौपाटी में सुरक्षा और चाट की दुकानें लगने के समय का पालन कराया जाएगा।

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बैठक में सराफा व्यापारियों ने कहा कि पहले चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानें लगती थीं। दुकानदार अपने घरों से व्यंजन बनाकर लाते थे, लेकिन अब वहां पर व्यंजन बनाए जाते हैं। इससे आग लगने का खतरा बना रहता है। दुकानों में लाखों रुपये के जेवर रखे रहते हैं। इसके अलावा चौपाटी लगाने के लिए दुकानदार जल्दी आ जाते हैं, जबकि अब सोने-चांदी खरीदने के लिए ग्राहक रात में भी आते हैं। सोने-चांदी व्यापारियों ने कहा कि चाट चौपाटी के कारण हमारा धंधा प्रभावित हो रहा है। हम चाहते हैं कि चौपाटी को सराफा के बजाए कहीं और शिफ्ट किया जाए।

Ramswaroop Mantri

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