अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*28 साल पहले आया वो गाना,गाया था 9वीं फेल सिंगर ने, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड*

Share

90 के दशक में चाहे आप किसी बस-टेपों में जा रहे हों, या आप किसी शादी-बारात में शामिल होने जा रहे हों….दो गाने हमेशा कानों में गूजते थे और सफर को आसान बना देते थे. ये गाने थे ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ और ‘आवारा हवा का झोंका हूं’. म्यूजिक एल्बम का नाम था : तुम तो ठहरे परदेसी. इस एल्बम के गायक अल्ताफ राजा रातोंरात स्टार बन गए थे. वीनस कंपनी ने करीब 70 लाख ऑडियो कैसेट बेचकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि अल्ताफ राजा ने यह गजल 1993 में एक प्रोग्राम में गाई थी. तब किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया. 4 साल बाद जब ऑडियो कैसेट रिलीज हुई तो तहलका मच गया. आइये जानते हैं अल्ताफ राजा की सफलता की कहानी..

यह बात 1997 की है. इंटरनेट और मोबाइल का चलन इतना ज्यादा नहीं था. मनोरंजन के साधन बहुत सीमित थे. सोशल मीडिया नहीं था. उस जमाने में एक ऐसा म्यूजिक एल्बम आया जिसकी ऑडियो कैसेट ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. इस म्यूजिक एल्बम के सभी गाने सुपर-डुपर हिट हुए थे. हर शादी-बारात में बजते थे. हर गली-चौराहों, पान की दुकानों, टेपों-ऑटो में बजते थे. बात हो रही है 28 साल पहले आए ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ म्यूजिक एल्बम की. सिंगर अल्ताफ राजा रातोंरात म्यूजिक की दुनिया में स्टार बनकर उभरे थे. यह ऑडियो कैसेट वीनस कंपनी लेकर आई थी. करीब 70 लाख ऑडियो कैसेट बिके थे. एल्बम में म्यूजिक मोहम्मद शैफी नियाजी ने दिया था.

ये गाने बड़ी लेंग्थ के थे. कुल 5 गाने म्यूजिक एल्बम में थे. ‘तुम तो ठहरे परदेसी’, ‘आवारा हवा का झोंका हूं’, दोनों ही मुहब्बत के, ‘मेरी याद आई’ और ‘यारों मैंने पंगा ले लिया’ इस एल्बम के गाने जामिल मुजाहिद, अब्बास डाना, कासिर उल जाफरी, जहीर आलम ने लिखे थे. दो गाने बहुत पॉप्युलर हुए थे. एक ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ और दूसरा सॉन्ग था : ‘आवारा हवा का झोंका हूं’. ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ गाने का मुखड़ा जहीर आलम ने लिखा था. इसमें जो ‘जनवरी-फरवरी…’ बारहमास की मुहब्बत की दास्तान के बारे में बताया गया था. एल्बम का एक और पॉप्युलर सॉन्ग ‘आवारा हवा का झोंका हूं’ को गीतकार कासिर उल जाफरी ने लिखा था.

altaf raja altaf raja tum to thahre pardesi song, altaf raja awara hawa ka jhoka hu songs, altaf raja guinness book of world record, altaf raja songs, altaf raja ke gane, altaf raja tum to thehre pardesi lyrics, altaf raja age, altaf raja family, altaf raja father, altaf raja mother, Is Altaf Raja Pakistani, Why is Altaf Raja famous, When was Tum To Thehre Pardesi released, What is Altaf Instagram name, altaf raja ke song

अल्ताफ राजा ने एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताया था. उन्होंने अपनी शुरुआती जिंदगी के बारे बताते हुए कहा था, ‘मेरा ननिहाल पुणे में है. मेरे पूर्वज कोकण के थे. मेरे पिता इब्राहिम इकबाल मुंबई में रहते थे. वो मशहूर कव्वाल थे. मेरी मां रानी रूपलता थी, वो भी कव्वाल थीं. 1968 में दोनों की लव मैरिज हुई थी. मेरे माता-पिता म्यूजिक कंपनी एचएमवी के लिए सॉन्ग रिकॉर्ड करवाया करते थे. मेरा बचपन मामा के पास पुणे में बीता. मैं मुंबई आया और सिर्फ 9वीं तक ही पढ़ाई कर पाया. पढ़ाई में मन नहीं लगता था. घर में संगीत का माहौल था. मैंने ड्रेस डिजाइनिंग का भी कोर्स किया है. पैंट, शर्ट, सलवार-सूट सिलने और कपड़ा काटने की दादर टेलरिंग कॉलेज से ट्रेनिंग ली. फिर महफिलों में जाने लगा. स्टेज में बैठकर तजुर्बा लेता था.’

altaf raja altaf raja tum to thahre pardesi song, altaf raja awara hawa ka jhoka hu songs, altaf raja guinness book of world record, altaf raja songs, altaf raja ke gane, altaf raja tum to thehre pardesi lyrics, altaf raja age, altaf raja family, altaf raja father, altaf raja mother, Is Altaf Raja Pakistani, Why is Altaf Raja famous, When was Tum To Thehre Pardesi released, What is Altaf Instagram name, altaf raja ke song

सिंगर अल्ताफ राजा ने आगे बताया, ‘मां के कहने पर मैंने हारमोनियम बजाना सीखा. 1989 से अपना करियर शुरू किया. मैं प्रोग्राम करने लगा. 1993 तक मैं शोज करता रहा. 1993 का साल मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट रहा. मुझे वीनस कंपनी की ओर से कैसेट में चांस मिला. मोहम्मद शफी नियाजी कव्वाल थे. उन्होंने 1986 में कव्वाली छोड़कर वीनस कंपनी ज्वाइन कर ली थी. वो उर्दू विभाग में थे. मेरी माता-पिता के परिचित थे. 1993 में उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया. मैं पहले ऑडिशन में फेल हो गया था. दूसरे ऑडिशन में पास हुआ. ‘सजदा रब को कर ले’ मेरा पहल एल्बम था. 1993 में जी टीवी आया. इसके एक प्रोग्राम ‘सरताज जंग-ए-कव्वाली’ में मैंने पहली बार ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ कव्वाली गाई थी.’

altaf raja altaf raja tum to thahre pardesi song, altaf raja awara hawa ka jhoka hu songs, altaf raja guinness book of world record, altaf raja songs, altaf raja ke gane, altaf raja tum to thehre pardesi lyrics, altaf raja age, altaf raja family, altaf raja father, altaf raja mother, Is Altaf Raja Pakistani, Why is Altaf Raja famous, When was Tum To Thehre Pardesi released, What is Altaf Instagram name, altaf raja ke song

अल्ताफ राजा आगे बताते हैं, ‘तुम तो ठहरे परदेसी के अंदर कई सोहरा-हजरात हैं. हालांकि मुखड़ा जहीर आलम ने लिखा था. क्रेडिट उन्हीं को जाता है. इसके अंदर कई शेर मैंने लिखे हैं. जैसे ‘इन नशीली आंखों से कब हमें पिलाओगे. मैंने शुरू में वीनस कंपनी में ‘आवारा हवा का झोंका हूं’ और ‘दोनों ही मुहब्बत के जज्बात में जलते हैं’ सुनाया था. ‘यारों मैंने पंगा ले लिया’ शफी नियाजी जी का था. उन्होंने ही धुन बनाई थी और लिखा था. मां के कहने पर मैंने शफी जी को ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ सुनाया था. फिर रेडियो जेम्स स्टूडियो बर्ली में इन गानों को रिकॉर्ड किया गया था. रिकॉर्डिंग के दौरान समय की पाबंदी नहीं थी. 16 मिनट तक ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ और 15 मिनट तक ‘आवारा हवा का झोंका हूं’ गया. कई गाने एडिट किए गए थे क्योंकि कैसेट एक घंटे की होती थी. मैं कहीं से शो करके आया था और ये सभी गाने भारी आवाज में गाए थे. बाद में इनकी डबिंग की गई.

altaf raja altaf raja tum to thahre pardesi song, altaf raja awara hawa ka jhoka hu songs, altaf raja guinness book of world record, altaf raja songs, altaf raja ke gane, altaf raja tum to thehre pardesi lyrics, altaf raja age, altaf raja family, altaf raja father, altaf raja mother, Is Altaf Raja Pakistani, Why is Altaf Raja famous, When was Tum To Thehre Pardesi released, What is Altaf Instagram name, altaf raja ke song

शोज के दौरान कैसेट का बॉक्स लेकर जाते थे प्रोग्राम में : अलताफ राजा ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि वो एक्स्ट्रा इनकम के लिए अपने शोज में ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ के कैसेट का बॉक्स लेकर जाते थे. 35 रुपये में कैसेट बेचते थे जबकि कंपनी से उन्हें 17 रुपये में मिलती थी. हर कैसेट पर 18 रुपये का मुनाफा होता था. इस बॉक्स के लिए उन्होंने एक आदमी अलग से तैनात कर रखा था. सिंगर ने आगे बताया, ‘प्रोग्राम के बाद भी हम कैसेट बेचते थे. वो जमाना कैसेट का था. बाद में इन गानों ने क्रेज पकड़ा. कंपनी ने फिर प्रोमो बनाया. मुकुल आनंद के स्टूडियो में प्रोमो बनाया गया था. फिर तो इतिहास बन गया.’

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें